1961
में "गंगा मइया तोहे पियरी चढाइबो" से आज "घर-दुआर" ले भोजपुरीसिनेमा एगो
नया मुकाम पर पहुंच चुकल बा. आज भोजपुरी फिल्म हिन्दी फिल्मन से
ज्यादा हिट हो तारीS सन. एह बदलल माहौल में
भोजपुरी फिल्मन के पइसा त खुब मिलS ता,
बाकिर सम्मान के कमी खलत रहल ह. एहि सब पर विचार कर के
एनजीओ "नेताजी सुभाष जनकल्याण सेवा
संघ,
मुम्बई" द्वारा भोजपुरी फिल्म
अवार्ड शुरु कइल गइल बा.
29 जनवरी के मुम्बई में पहले
‘भोजपुरी
फिल्म अवार्ड समारोह’
खातिर भोजपुरिया.कॉम के 'आधिकारिक ऑनलाइन मीडिया पार्टनर' बनावल
गइल बा. हमनी के उम्मीद बा कि ई अवार्ड भोजपुरी सिनेमा मे एगो मील
के पत्थर साबित होई. अवार्ड के खबर खातिर रउरा एह पेज पर ध्यान
रखीं.