विश्व भोजपुरी सम्मेलन
: आखिरी दिन
विश्व भोजपुरी सम्मेलन के
तिसरा दिन के शुरुआत
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बैठक से होउवे. ओकरा बाद सांझी खान
रंगा-रंग कार्यक्रम भउवे. इ कार्यक्रम के मुख्य अतिथी शिवसेना के
कार्यकारी अध्यक्ष श्री उद्धव ठाकरे जी औरी प्रसिद्ध अभिनेता
शत्रुधन सिन्हा जी रहुवीं.
कार्यक्रम के शुरुआत में उद्धव ठाकरे जी कहुवीं कि
भोजपुरी दुनिया के सबसे मीठी भाषा हवे. भोजपुरिया भाई लोग आ मराठी
भाई लोग के संगे मिल के देश से आतंकवाद मिटाये खातिर संकल्प लेवे
के चाहीं. आज हम इ मंच से गंगा आ गोदावरी के संगम देख रहल बानी. इ
भी अजीब संयोग हवे कि कुछ साल पहिले मुंबई बम ब्लास्ट के समय एगो
भोजपुरिया भाई विस्फोट करे वालन के चित्र बनवले रहुअन, जबकि आज जब
वाराणसी में विस्फोट भइल ह त एगो मराठा सबसे पहिले चित्र बनवउवे.
अगर हमनी का साथे मिल जाईं त हिन्दु समाज का ओर कौनो आतंकवादी आँख
उठा के भी ना देख सकेला. हम भोजपुरी के संविधान के आंठवी अनुसूची
में डाले के माँग कर तानी.
बिहारी बाबू शत्रुधन सिन्हा अपना वक्तव्य में
कहुंवी कि आज भोजपुरिया समाज जाग गइल बा. रउरा भोजपुरिया लोग के
बडा-से-बडा अफसर का तौर पर देखले होखब, रउरा भोजपुरिया के रिक्सा
चलावत, सब्जी बेचत, टैक्सी चलावत, बिजनेस करत, नौकरी करत, नेता
बनत, चाहे हर तरह के काम करत देखले होखब, पर रउरा कौनो भोजपुरिया
के भीख माँगत ना देख सकिला. इ त एगो मेहनत करें वाला नस्ल हवे, जवन
कि ना सिर्फ भारत बाकिर मॉरीशस, सुरीनाम, फिजी, अमरिका, इंगलैंड,
गुयाना आ जहाँ-जहाँ इ गइल, ओहिजा अपना मेहनत से आपन सम्मान अर्जित
कइले बा. मॉरीशस, गुयाना आ कई देशन पर त हमनीं का गुलाम बन के
गउवीं जा बाकिर आज राज कर तानी जा. आज जरुरत बाटे कि हमनी क एक साथ
होके आगे बढीं.
एकरा बाद रवि किशन आ नगमा के कार्यक्रम होउवे,
पहिला बार लोग भोजपुरी फिल्मन के सुपरस्टार रवि किशन के गाना गाते
हुए सुनुवे. फेर अउअन मनोज तिवारी 'मृदुल'. भोजपुरी फिल्मन के
इतिहास में पहिला बार मनोज तिवारी आ रवि किशन एक संगे एक मंच पर ना
सिर्फ अउवे लोग बल्कि नाच-गा के दर्शक लोग के मनोरंजन करुवे लोग.
सबसे अंत में शुरु भउवे, मनोज तिवारी के 'लोकरंग',
एक के बाद एक बेहतरिन गीतन से भीड के काबु कइल मुश्किल हो गउवे.
"हम बिहारी... हमरे से नेता... यु.पी. के भइया.. पुरब के बेटा..."
से लोग नाचे पर मजबुर हो गउवे.. एकरा बाद "चट देनी मार देहली..." ,
फेर फगुआ.. फेर चैता... फेर मनोज "खाली कारगिल नाहीं पुरा
पाकिस्तान चाह ता..." गाके भोजपुरियन में नया जोश भर देहुवीं.
समारोह के दौरान प्रसिद्ध कजरी गायिका उर्मिला जी
के "भिखारी ठाकुर सम्मान" आ प्रसिद्ध भोजपुरी उपन्यास ग्रामदेवता
के लेखक रामदेव शुक्ल जी के भी सम्मानित कइल गउवे.
पुरा कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश मे माननीय
विज्ञान आ प्रोधौगिकी मंत्री श्री दुर्गा प्रसाद मिश्र जी उपस्थित
रहुवीं.