Home Culture Festivals नहाए-खाए के साथ छठ का महापर्व शुरू

नहाए-खाए के साथ छठ का महापर्व शुरू

E-mail Print PDF

पटना। सूर्य उपासना का पर्व छठ नहाए खाए के अनुष्ठान के साथ गुरुवार से शुरू हो गया।

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के प्रथम दिन गुरुवार को श्रद्धालुओं ने पटना के गंगा किनारे स्थित विभिन्न घाटों पर जाकर स्नान करने के बाद भगवान भास्कर को नमन करते हुए अपने व्रत की शुरूआत की। नहाय-खाए के अवसर पर प्रदेश के अन्य भागों से भी छठ व्रतियों के विभिन्न नदियों के घाटों और तालाबों में स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को नमन करने के समाचार प्राप्त हुए हैं।

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश में प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी भी छठ पर्व के अवसर पर पटना स्थित अपने सरकारी आवास पर वह स्वयं इसके लिए तैयारी करती नजर आई। राबड़ी देवी ने पूर्व की तरह इस वर्ष भी गुरूवार से शुरू इस पर्व के लिए अपने सरकारी आवास में गेहूं को धोकर उसे धूप में सूखाया और पूजा की अन्य सामग्रियां इकट्ठा की।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना में एक उच्च स्तरीय बैठक कर लोक आस्था के इस पर्व पर प्रशासन की ओर से प्रदेश की विभिन्न नदियों के घाटों और तालाबों के किनारे सफाई तथा छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनके लिए की जा रही अन्य व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की और आवश्यक निर्देश दिए।

इससे पूर्व गत रविवार को मुख्यमंत्री ने पटना के गंगा किनारे के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया था और वहां छठ व्रतियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा सफाई सहित अन्य तैयारियों का जायजा लिया।

पटना जिला प्रशासन ने गंगा नदी किनारे अवस्थित 52 घाटों को छठ व्रतियों को अरघ देने के लिए असुरक्षित घोषित किया है जिनमें पटना नगर निगम क्षेत्र के 31 और दानापुर अनुमंडल के 21 घाट शामिल हैं। इन घाटों में पटना नगर निगम में पड़ने वाले बांकीपुर घाट, अंटा घाट, सिविल कोर्ट घाट, अदालत घाट, मिश्री घाट, टीएनबी घाट, कदम घाट, कृष्णा घाट, गांधी घाट, इंजीनियरिंग कालेज घाट, एलसीटी घाट, कुर्जी मोड़ घाट, सूर्य मंदिर घाट, जहाज घाट [बाटा के बगल में] नकटा दियारा घाट, नौजर घाट, मित्तन घाट शामिल है। पटना नगर निगम के अन्य असुरक्षित घोषित किए गए घाटों में सीता घाट, खाजेकल घाट, टेढी घाट, चिमनी घाट, झाउगंज घाट, कच्ची घाट, पथराज घाट केसोराय घाट, किला घाट, हीरानंद शाह घाट, सीढी घाट, बालू घाट, घसियारी घाट एवं नरकट घाट शामिल हैं।

जिला प्रशासन द्वारा पटना के दानापुर स्थित जिन घाटों को असुरक्षित घोषित किया गया है उनमें सप्लाई डिपो घाट, पीपापुल घाट, काली घाट, सीढी घाट, कलब घाट, पोठिया बाजार घाट, झुनझुनवाला घाट, थानापर घाट, बडी मछुआटोली घाट, इमलीताल घाट, भट्टीपर घाट, गोलाघाट, दलदली घाट, चौधराना घाट, अवस्थी घाट, बनपर टोली घाट, नारियल घाट, चाईटोला घाट, नासरीगंज घाट, बीएस कालेज घाट एवं हल्दीछपरा घाट शामिल हैं। गंगा नदी में बढे जलस्तर के कारण उनके असुरक्षित होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने पटना नगर निगम क्षेत्र में 59 स्थानों पर तालाब का निर्माण कर छठ व्रतियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है।

जिला प्रशासन ने छठ के पहले और दूसरे अ‌रघ के दिन गंगा में नाव के परिचालन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है और घाटों पर आतिशबाजी पर भी रोक लगा दी है। (साभार: दैनिक जागरण)

Related news items:

 
Comments (1)
bhojpuriea samaj ke sevak
1 Saturday, 24 October 2009 11:52
gaurav singh
bhojpuriea samaj ke sevak ko mai salam karata hoon jai hind
click here