अभी काल्हे हमनी का कल्पना के द्वारा भरत शर्मा से कइल व्यावहार पर एगो विशेष आलेख डलले रहनी ह जा, आ बहुत जल्दिये ओकर परिणाम भी हमनी का लगे आ गइल। अब एकरा के आपन इज्जत बचावे के कोशिस कहीं, या फिर कुछ आउर, लेकिन टेलीविजन रियलिटी शो के इतिहास में पहिला बेर कवनो प्रतिभागी का जगह जज के ही बाहर के रास्ता देखा दिहल गइल बाटे।वइसे महुआ से जुडल सूत्र शो छोडे के पीछे के कारण कल्पना के व्यस्तता के बता रहल बाडे, लेकिन इंडस्ट्री के लोग भरत शर्मा का संगे भइल विवाद के एकर कारण मान रहल बा। कुछ लोग एकर कारण कल्पना के अनुबंध (कान्ट्रेक्ट) समाप्त होखला के बता रहल बा, लेकिन एह कार्यक्रम में आपन तय 35 एपिसोड के बाद भी कल्पना 2-3 गो आउर एपिसोड में काम कइले बाडी, ओह वजह से ई कारण माने लायक नइखे। वइसे भी चूंकि शो 35 एपिसोड के रहे, आ बाद में बढावल गइल, त एह वजह से खाली कल्पना के ना, बल्कि सब केहू के अनुबंध खतम हो चुकल रहे। कारण चाहे जवन कुछ भी होखे, लेकिन एह खबर से भोजपुरियन में खुशी के लहर दौड गइल बा।
वइसे हमनी के मिलल जानकारी के अनुसार अगिला एपिसोड में शायद कल्पना आ भरत शर्मा के एक संगे देखा के मामला के ठंडा करे के कोशिस कइल जाई, लेकिन हम साफ- साफ कहल चाहेब कि कल्पना का संगे खडा भइला का बाद भी भरत शर्मा एह विवाद के अभी ले भुला नइखन पाइल, आ उनुका आत्मसम्मान के जवन चोट पहुँचल बा, ओकर भरपाई केहू का संगे स्क्रीन पर रहला से ना हो सकेला। “हमरा के एगो विशेष जज का तौर पर ओहिजा बोलावल गइल रहे, आ ओहिजा जब हम एगो आउर जज (कल्पना) के कॉमेंट पर आपन राय देहनी, त ओह में अइसन का गलत रहे कि हमरा के अइसन प्रतिक्रिया मिलल? हमनी के संस्कृति में त मेहमान के स्वागत कइल सिखावल जाला। हम एह तरह के आचरण से बहुत आहत बानी,” भरत शर्मा भोजपुरिया डॉट कॉम से खास बातचीत में कहनी। वइसे भी एह मामला में भोजपुरिया समाज के कडा प्रतिक्रिया ही एकर गंभीरता के अहसास करा रहल बाटे। वइसे महुआ खातिर राहत के बात इ बा कि प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा अब सुर-संग्राम के कुछ नया एपिसोड खातिर विशेष जज के भूमिका में नजर अइहें।
एह विवाद के बाद सुर-संग्राम एगो नया विवाद में भी पडे जा रहल बा। एह बेर मामला पइसा के बा, आ ओकरा सामने केहू कवनो तरह के कॉम्प्रोमाइज करे खातिर तैयार नइखे। जब सुर-संग्राम शुरु भइल रहे, त ओह समय कुल मिला के 35 एपिसोड बनावे के बात भइल रहे, आ ओकरा हिसाब से ओकर प्रायोजक “राजा बिस्कुट” एगो रकम तय कइले रहे। लेकिन जब सुर-संग्राम ठीक-ठाक चले लागल त एकर निर्माता लोग एह में अश्वमेध यज्ञ के बहाने कुछ आउर एपिसोड जोड दिहल, आ ओकरा खातिर “राजा बिस्कुट” से दोबारा पइसा के माँग कइल गइल। “राजा बिस्कुट” के करीबी सूत्रन के कहनाम बा कि ऊ लोग जेतना “हर एपिसोड” के हिसाब से तय भइल रहे, ओतना एह नया एपिसोड खातिर देवे के तैयार भी रहे, लेकिन महुआ आ एकर निर्माता लोग उनुका से दोबारा लगभग उहे रकम एह नया (10-12) एपिसोड खातिर भी देवे के कहल, जवन रकम ऊ पहिले 35 एपिसोड के नाम पर देहले रहले। “राजा बिस्कुट” एकरा के अपना कांट्रेक्ट के खिलाफ बतवलस, आ देवे से इंकार क दिहलस। एकरा बाद एकर निर्माता लोग “व्हील” के नया प्रायोजक का तौर पर ले आइल। लेकिन अगर इंडस्ट्री के जुडल सुत्रन पर विश्वास कइल जाव त “राजा बिस्कुट” से आपन निजी संबंध के ध्यान में रखते हुये मनोज तिवारी शो के एंकरिंग से इंकार क देहलन। वइसे भी मनोज तिवारी के शायद लागत रहे कि “राजा बिस्कुट” का संगे एह मामला में नाइंसाफी भइल बा।
खैर, आज दिन भर कई गो मैराथन मीटिंग के दौर चलला के बाद ई फैसला लिहल गइल कि मनोज तिवारी अब सुर-संग्राम के एंकरिंग ना करिहें, बल्कि उनुका जगह रवि किशन के चुनल गइल बाटे। लेकिन चूंकि सुर-संग्राम से मनोज तिवारी पहिला दिन से जुडल बाडे, ओह वजह से ऊ ओकरा के छोडिहें ना, बल्कि अब ऊ कल्पना का जगह पर जज के रुप में नजर अइहें। एह मामला में हमनी का मनोज तिवारी के राय लेवे के काफी प्रयास कइनी जा, लेकिन उनुकर कॉमेंट ना मिल पावल।
एह सब घटनाक्रम के असर अभी दर्शक लोग के ना देखे के मिली, काहे कि अगिला तीन एपिसोड के शूटिंग हो चुकल बा, लेकिन अगिला शनिचर (3 अक्टूबर) से सुर-संग्राम बिलकुल अलग नजर आई। वइसे "राजा बिस्कुट" एह मामला के शायद अदालत में भी ले जा सकेला, जेकरा बाद पहिलहीं से अझुराइल ई कार्यक्रम आउर उलझ जाई। खैर मामला जेतना उलझ रहल बाटे, ओह में नुकसान खाली भोजपुरी के ही हो रहल बाटे।




- राजनन्दन, हांगजाऊ, चीन
हम मालिनी के भी कहल चाहेब की उ हो पक्षपात कईल बंद कर देस ना त उनकरा भी बाहर के रसता देखे के परी .काहे की सुर संग्राम यू . पी और बिहार के लड़ावे खातिर नाही होत बा बल्कि एक अछा गायक के खोजे खातिर होत बा जो भोजपुरी के सान बढ़ा सके.
kalpanwa ke sathe ehe hokhe ke chahi taki unkar aukat unhe pata chale
ki ham ka bani aur (vyash ji) ka bani
danyabad MAUA T V
Hamra yeh bat ke khushi ba ki bhojpuri bhasi log ka ek manch par aawe ke mouka milal ba. Ekra madhyam se aapan bat kahal ja sakela.
Agar gana ke chhetra me dekhal jao ta bhojpuri ke aapan ago sthan rahe, lekin samay ke sath sab badal gail. Gana me ashlil shabd ke prayog se bhojpuri ke na sirf ras khatam ho gail, balki okar u ijjat bhi na rah gail javan pahile rahe.
Bhojpuri ke yeh manch ke madhyam se ham raua sabhe ke hath jor ke kaha tani ki bhojpuri samaj ke sathe hot anyay ke khilaf awaj uthain. Ashlil gana ka sange oh gayak ke bhi birodh karin je ashlil gana gawela aa okar cd benchela. Bhojpuri samaj ke saf suthra banawe ke sankalp li. Taki awe wala phiri aeh dharohar ke sambhal ke age le jao.
Dhanyabad
Anil Kumar Singh
आचार्य भारत शर्मा जी के सर्वोत्कृष्ट योगदान बाटे| उनकर अपमान करे वाला कभी भी
भोजपुरी जगत में सम्मान नहीं प्राप्त कर सकेला. आकाश में जन थूक ए बबुनी...
अगर सही मे "सुर-संग्राम" से कल्पना को बाहर कर दिया गया है तो यह बहुत ही बढ़िया फैसला है !
पंकज कुमार "बाल्यान"
Thankful 2 Manoj Baba and all.
mahesh nand choubey
कल्पना के अलावे सुर संग्राम के कुछ आउर जज लोगिन (केहु के नाम लिहल हमरा उचित नइखे बुझात)के ईमानदारी पर भी कबो-कबो संदेह लागेला। अइसन कई बार देखे में आवेला कि कुछ अच्छा कलाकार के सुर में भी खा मा खा के नुक्श निकालल जाला आ उनुका के हतोत्साह कईल जाला।
किरिपा करिके एह विषय पर एगो लेख प्रकाशित करि के पाठक लोगिन के विचार मांगल जाव जेह से पता चल सके कि कवना जज के फैसला में कहवाँ तक ईमानदारी बा।
Do-Char Geet Kya Ga di ki Apne ko Judge samjhane lagi
Bharat Sharma Jaise Achhe Kalakar ka Apman kabhi bhulaya nahi ja sakta
isliye kalpana phir dubara aaye aur sursangrame ke manch par bharat Sharma ji se maphi mange.
Aur Jab tak is ka samadhan nahi ho jata ham sab kalakar manoj tiwari ji se bhi naraj rahenge.