Home Sahitya Aalekh सामने आ रहल बाटे भगवान के एजेंटन के असलियत

सामने आ रहल बाटे भगवान के एजेंटन के असलियत

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एगो जमाना रहे जब साधु-सन्यासी लोग जंगल में रह के तपस्या करत रहे, आ लोगन के कवनो तकलीफ होत रहे त उनका लगे जात रहे, लेकिन आज-काल्ह के बाबा लोग त धर्म के बिजनेस बना लेले बा. कहे के त ई लोग साधु बा, लेकिन हरेक का लगे करोडन-अरबन के संपत्ति बा. कहीं जाला लोग त हवाई जहाज से, आ काम कइसन- कइसन करता लोग, ई पिछला 5-7 दिन से रोज मीडिया में आ रहल बाटे.

एगो बाबा बाडे, 9 दिन के राम कथा खातिर कहीं जाले, त 50 लाख रुपया पहिले गिनवा लेवेले, आ हाई-प्रोफाइल एतना कि कुल्ह कथा के एगो टीवी-चैनल सीधा प्रसारण करेला, आ ओहिजा (कथा वाला स्थान) के धनाढ्य लोग जवन लाखों रुपया इनका के दान-स्वरुप देवेला, ऊ अलग से... एके बात कहल जा सकेला, एह से पहिले धर्म एतना बडहन बिजनेस कहियो ना बनल रहे.

वइसे एगो वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लिखल आलेख में एह लोगन के अतीत के बारे में जनला के बाद हम खुद चौंक गइल रहनी. आसाराम बापू पहिले साइकिल रिपेयरिंग के दोकान चलावत रहलन, लेकिन बोले आवत रहे, त 40 साल में ओहिजा से 5,000 करोड (शायद एह से बहुत ज्यादा) के मालिक भइला के सफर तय कइ लिहले, का कवनो अउर बिजनेस में अइसन कमाई संभव बा? ई बात अलग बा कि इनका उपर हत्या से लेके जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करे के कई गो मामला दर्ज बाटे. उनका अलावा, ज्यादा दिन नइखे भइल जब अंतर्राष्ट्रीय संस्था इस्कॉन में एगो सेक्स कांड (1998) के खुलासा से दुनिया भर में कृष्ण भक्तन के सिर शर्म से झुक गइल रहे.

अइसन नइखे कि ई बेमारी खाली हिन्दू लोगन में बा, साल 2008 में बांग्लादेश में मौलवी मति-उर-रहमान निजामी के गिरफ्तारी के बाद उनुकरो कई गो गैर-कानूनी धंधा के बारे में पता चलल. एकरा अलावा अमेरिका में 1993 में बेनी हिफ्फ द्वारा लोगन के छू के उनुकर उपचार करे के दावा के जब पोल खुलल, त ओहिजा के मीडिया भी आश्चर्य में रहे. आजो भारत में कवनो धर्मांतरण वाला कैंप में अइसन लोगन के देखल जा सकेला, जे छू के, आ कुछ मंत्र पढ के लोगन के इलाज करे के दावा करेला.

आर्ट ऑफ लीविंग के नाम से दुनिया भर में शांति आ जिये के कला सिखाये के दावा करे वाला श्री श्री रवि शंकर त बकायदा "सुदर्शन क्रिया" (एगो योग के तरीका) के ट्रेडमार्क का रुप में रजिस्टर करा लेले बाडे. एगो अइसन आदमी जवन स्वयं के धर्म आ मानवता के प्रचारक बता रहल होखे, ओकरा कवनो कॉपीराइट के का जरुरत? उनका त खुशी होखे के चाहीं कि ज्यादा से ज्यादा लोग एह से लाभांवित होखे, लेकिन ना भाई, ई त बिजनेस हवे, आ बिजनेस में हमेशा से अपना ट्रेड सेक्रेट के कॉपीराइट करवाये के रिवाज बा. कहे के मतलब बहुत साफ बा, लोगन के धर्म, विश्वास आ आस्था के फायदा उठा के कइ लोग पइसा कमा रहल बाटे, आ ओह लोगन के रोके खातिर कवनो सरकारी कानून नइखे. जब ले जनता ना जागी, तब ले ई लोग एही लेखां धर्म के आड में अपना फायदा वाला सौदा करत रही, अउर लोगन के बेवकुफ बना के आस्था के नाम पर आपन धंधा चलावत रही.

काल्ह जवन कुछ भइल, ओकरा के शायद एक पल खातिर हादसा कहल जा सकेला, लेकिन एतना बड आयोजन से पहिले का प्रशासन के खबर ना कइल जा सकत रहे? एगो आम आदमी के अगर कवनो कार्यक्रम कराये के होला, त 100 तरह के परमीशन/क्लियरेंस लेवे के पडेला प्रशासन से, त का एह बाबा लोगन खातिर कवनो नियम नइखे? आ ओह पर ई बाबा आज कह तारे कि लोग अपने मन से आइल रहे, हम ना बोलवले रहनी, एह से हमार एह में कवनो जिम्मेदारी नइखे. बाबा इहो कह तारे कि अच्छा भइल कि ढेर छोट बच्चा मरले सन, बड लोग ना. अरे ढोंगी, एक बेर ओह परिवार से जाके पूछ जेकरा घर के चिराग बुझ गइल बा, आ अगर तहरा में हिम्मत बा, त जाके ओह लोगन के आँख में आँख डाल के इहे बात कह द कि बढिया भइल कि राउर लइका ओह हादसा में मर गइल. वाह रे बाबा, काल्ह ले ई लोग राउर भक्त रहे त रउआ एह लोक से लेके स्वर्गलोक तक के जिम्मेदारी लेत रहनी, आ आज ई लोग रउये वजह से मर गइल, त रउआ इनका के चिन्हे से भी इंकार कइ देहनी. धर्म के नाम पर स्वार्थ के धंधा चलावत बाबा के इहे सच्चाई हवे.

वइसे दिल्ली में सेक्स के रैकेट चला रहल ढोंगी बाबा के कहानी एगो अउर सदमा हवे, ओह लोगन खातिर, जे एह बाबा लोग पर आँख मूंद के विश्वास करेला. आ 2 दिन पहिले, तमिलनाडू के बाबा के एगो अभिनेत्री का संगे विडियो देख के आधा देश सदमा में आ गइल रहे. आखिर अइसन का बा एह बाबा लोग में, जे आदमी इनका लगे खिंचात आयेला? का ई लोग धर्म के एगो व्यक्तिगत आस्था के चीज का जगह सार्वजनिक प्रचार पाये के जरिया नइखे बनावत?

का इहे धर्म हवे...? आखिर कइसन संदेश दिहल चाहता इ बाबा लोग एह दुनिया के... ? धर्म के प्रचार इ लोग केतना कइल, ई त नइखे पता, लेकिन अगर अइसन 2-4गो अउर घटना हो गइल, त शायद कई लोगन के धर्म के नांव से ही नफरत हो जाई. एक बात त तय बा कि अगर एतना कुछ भइला के बाद भी जनता ना जागल, त फेर भगवान भी वइसन अंध-विश्वासी जनता के ना बचा सकेले.
 
Comments (2)
comment
1 Sunday, 07 March 2010 13:33
anoop narayan singh
sadhu sanyasi kai bhais mai jismfarosi kai khel kawno naya batt naikhai baki e hindu dharam kai kalankit karai wala sajis ba jakar birodh sabhi star sai hokhai kai chahi bhojpurya elaka mai bhi daivash kai nam par ojha auratan kai ijat lutai kai khel khelat barai baki unka par koi kai dhyan naikhai ekaro birodh hokhai kai chahi sambandhit alekh khatir lekhak kai dhanybad - Anoop Narayan Singh, Sub Editor, Bihari Khabar.
commment on BABA
2 Monday, 08 March 2010 19:39
abul
Baat mai sachai hai, lekin Bharat ek Dharm nirpekshya desh hai zaha log ashta ke pujari hai. Samaj mai faili is kruti ko door kerne ke liye sabhi logo ko Jagruk hona hoga. Apne man mandir per biswas kerna hoga .

Babao ko diye zaa rahe paise rok ker garibo ke bich batna hoga.

Jitu, News 11
Jamshedpur
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