कवि परिचय : अनिल ओझा नीरद जी प्रसिद्ध भोजपुरी पत्रिका 'भोजपुरी माटी' के संपादक आ भोजपुरिया डॉट कॉम के साहित्य विभाग के संपादक बानी। इहाँ का एगो ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी कइला का बावजुद भोजपुरी खातिर हमेशा समर्पित रहेनी। नीरद जी के कई गो किताब आ चुकल बाडी सन, आ एकरा अलावा इहाँ का भोजपुरी के कई गो संगठन जइसे विश्व भोजपुरी सम्मेलन, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, पश्चिम बंग भोजपुरी परिषद आदि से जुडल बानी।
कतरा कतरा खून से सींचल, आजादी के धार,
कि एह के पहिचानीं सरकार ।
ई सबसे उत्तम ह त्योहार ।।
अठ्ठारह सइ सनतावन से, उनइस सइ सैतालिस,
भूलले भूलत नइखे लेकिन, उनइस सइ बेयालिस
करो मरो के नारा दे के, गइल अहिंसा हार। कि एह के.... ।।
मंगल पांडे, कुंवर सिंह, लक्ष्मी बाई आ नाना,
वीर भगत, सुखदेव, राजगुरु के जे ताना-बाना
खुदीराम, आजाद, उधम, बिस्मिल के ई उपहार। कि एह के... ।।
केकर केकर नाम लिहीं, के के दीहल कुर्बानी ?
को बड-छोट कहत अपराधू, सभके अलग कहानी
सभ अपना-अपना ढंग से लीहल आरती उतार। कि एह के... ।।
वीर शहीदनि के समाधि पर आईं शीश झुक आईं।
आजादी के वर्षगांठ, उत्साह से आजु मनाईं।।
नमन करीं ओह के जे हमनी पर कइल उपकार
कि एह के पहिचानीं सरकार ।
ई सबसे उत्तम ह त्योहार ।।




