पटना। प्रतिष्ठित अमेरिकी पत्रिका न्यूजवीक के नया अंक में एशिया के आर्थिक विकास का बहाने बिहार के चर्चा काफी प्रमुखता से कइल गइल बाटे। न्यूजवीक में जैसन ओवरडोर्फ के आकलन बा कि विश्व में चीन के बाद बिहार के अर्थव्यवस्था दोसरा नंबर पर बाटे, जहां एतना तेजी से विकास भइल बा। पांच पन्ना में बिहार के एह तेजी के कहानी "फ्राम वर्स्ट टू नियर फर्स्ट" शीर्षक से कइल गइल बाटे। एहमें बिहार के भारत में ट्रेंडसेटर (मानक बनाये वाला) राज्य के रूप में बतावल गइल बा। एह रिपोर्ट में बिहार के अतीत से शुरू कइ के ई बतावल गइल बा कि कवना तरह से प्रदेश में एक समय विश्व के सबसे समृद्ध शासकन के राज रहे, आ फेर कवना लेखां अंग्रेजी हुकूमत एकरा के बर्बाद कइल। ओकरा बाद जाति आ वर्ग संघर्ष में ध्वस्त बिहार 1970 के दशक में छोटहन स्तर पर गृह युद्ध तक पहुंच गइल। अगड़ी जाति के लोगन द्वारा पोषित निजी सेना अउर क्रांतिकारी गुरिल्ला लोगन के बीच संघर्ष भइल। राज्य सरकार की कामकाज बंद हो गइल, सड़कन के हालत खराब हो गइल आ अपराधियन के करियर राजनीतिक दल तय करे लगले सन। ओह लोगन के विधानसभा आ संसद तक पहुंचावल गइल। 1990 में हाईवे डकैतियन के असर ई भइल कि बिहार में रात के यात्रा से लोग परहेज करे लागल। राज्य में व्यापारिक गतिविधि ठप हो गइल अउर फिरौती खातिर अपहरण जइसन अपराध एगो उद्योग के शक्ल लेके खूब पनपल।
एह अतीत के बाद 2010 के जनवरी पर बात बा। बिहार के हैसियत भारत के ओह दोसरा पायदान के राज्य का रूप में आगे आइल बाटे, जवन कि सबसे तेजी से वृद्धि दर हासिल कइ रहल बाटे। बिहार के 11 फीसदी वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर हासिल कइला पर न्यूजवीक के आकलन बा कि पूरा विश्व में चीन के बाद इहे सबसे तेजी से बढ रहल अर्थव्यवस्था हवे। सड़कन आ पुल के कवना तरह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में निर्माण भइल, न्यूजवीक एकरो विस्तार से जिक्र कइले बाटे। 6800 किलोमीटर सड़क बनली सन, आ 1600 पुल, एह बात के खासतौर पर जिक्र कइल गइल बाटे। एहिजा इहो बतावल गइल बा कि कवना तरह से बिहार में फिरौती खातिर होखे वाला अपहरण के ग्राफ नीचे गइल आ व्यवसायिक गतिविधि शुरु भइला से कार के बिक्री कई गुना बढल ह। 2004 से 2008 के बीच फिरौती खातिर अपहरण 411 से घटकर 66 पर पहुंच गइल।
ओकरा अलावा पर्यटकन के संख्या में अप्रत्याशित तरीका से इजाफा भइल बाटे। विदेशी पर्यटकन के संख्या 95 हजार से बढ़ के 3.56 लाख हो गइल। न्यूजवीक एहिजा बिहार के विकास के बहाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के छवि पर भी आपन बात कहले बा। एह कड़ी में कुछ राजनेता लोगन के नाम लेकर स्कैम तक के चर्चा कइल गइल बाटे। बिहार की बदलल तस्वीर के सेहरा मुख्यमंत्री के देते हुए न्यूजवीक ई लिखले बा कि एगो मुख्यमंत्री का रूप में नीतीश कुमार एहिजा के आधारभूत कार्यसंस्कृति के बदलले बाडन। एहिजा ऊ बड़हन स्तर पर फैलल ट्रांसफर उद्योग के भी बंद कइलन, जेकरा तहत सबसे ऊंचा बोली लगाये वाला अफसरन के बेहतर जगह पर पदस्थापित कइल जात रहे। मुख्यमंत्री ओह अफसरन के चुनले, जे अपना बेहतर काम खातिर जानल जात रहले, आ ई सुनिश्चित कइलन कि अगिला तीन साल तक उनकर स्थानांतरण ना कइल जाई। एही तरह के एगो अफसर तीन साल में 259 पुल के निर्माण करवा के एगो रिकार्ड बना दिहलन।
पुलिस में हजारन के संख्या में बहाली भइल। राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराधियन (शहाबुद्दीन, पप्पु यादव, मुन्ना शुक्ला आदि) के जेल भेजल गइल। 2006 से 2009 के बीच अब तक 39,000 अपराधियों के सजा हो चुकल बाटे। बिहार में योजना मद में कवना तरह से राशि बढ़ावल गइल, एकर जिक्र भी न्यूजवीक ने अपना रिपोर्ट में विस्तार से कइले बाटे। शीला दीक्षित, नरेंद्र मोदी आ नवीन पटनायक के चर्चा करत इहो कहल गइल बा कि ई लोग चुनाव में एंटी इनकंबैंसी फैक्टर के गलत साबित कइ के आर्थिक विकास आ भ्रष्टाचार हटाये के मुद्दा बना के दोसरा बेर चुनाव जीते के नया फार्मुला बनवले बा। न्यूजवीक के आकलन बा कि आये वाला चुनाव भी ई साबित करे खातिर काफी होई कि भारतीय लोकतंत्र आ मतदाता अब मूल्यांकन के एगो नया चरण में बाटे।
न्यूजवीक के ई खास रिपोर्ट रउआ अंग्रेजी में एहिजा पढ सकेनी:
http://www.newsweek.com/id/233502




e to Bihar ke bhagya rehal ki Nitish kumar CM banal rehal....inkar time mein gaon ke aahar se com office tak kam hi kam hola...har jagah development hote rehal ..jekara ke dekh ke dil khush ho jala.....
Mdani
-> एह आलेख का अंत में न्यूजवीक के ओह पन्ना के लिंक दिहल बा.
sabke dularuwaa..
rajnish kumar urf pintoo mahaseth..