पटना। बिहार के सबसे बड़हन मेडिकल कॉलेज पीएमसीएच में हड़ताल का वजह से अब ले 40 मरीजन के मौत हो गइल बाटे। एजिहा के जूनियर डॉक्टर अपना वेतन बढाये के माँग ले के पिछला 2 दिन से काम बंद क देले बाडे। मरीजन के बिगडत हालत के बावजुद राज्य सरकार के चुप्पी आश्चर्यजनक बाटे।काल्ह ले पीएमसीएच के करीब 400 हडताल पर रहले सन, जवना के समर्थन में आज से दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 500 से भी ज्यादा जूनियर डाक्टर भी हडताल पर चल गइल बाडे सन। एह हडताल के सबसे ज्यादा असर गरीब मरीजन पर पडल बा, जवन कि प्राइवेट नर्सिंग होम में नइखन जा सकत।
जूनियर डॉक्टर्स असोसिएशन के महासचिव डॉ. धनंजय एहिजा मंगलवार के बतवले कि सरकार अपना पुरान वादा के अभी ले नइखे पुरा कइले। उनुकर कहनाम बा कि बाकी राज्यन में जूनियर डॉक्टरन के वेतन का रूप में प्रतिमाह 25,000 से 30,000 रुपया मिलेला, जबकि उनुका के खाली 13,000 रुपये प्रतिमाह मिलेला।
एकरा बाद ऊ चेतावनी दिहले कि सरकार द्वारा दीहल गइल समय सीमा गुजरला जाने के बाद उनका लगे हड़ताल पर जाये के सिवा आउर कवनो रास्ता नइखे बचल। एह अवधि में जूनियर डॉक्टर इमरजंसी सेवा भी ठप रखिहें। वइसे अस्पताल के अधीक्षक डॉ. ओ. पी. चौधरी के कहनाम बा कि हड़ताल से निपटे खातिर वैकल्पिक व्यवस्था कइल गइल बाटे, आ स्वास्थ्य विभाग से अतिरिक्त डॉक्टरन के मांग कइल गइल बा।
गौरतलब बा कि एही मांग के लेके जूनियर डॉक्टर एही साल 26 अगस्त से 30 अगस्त तक हड़ताल प अर रहले, आ ओकरा बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नंदकिशोर यादव वेतन बढाये के ओकर भुगतान 15 अक्टूबर से पहिले करे के आश्वासन दिहले रहले। ओकरा पूरा ना भइला का वजह से ही अभी हडताल भइल बाटे।
ओही वजह से अबकी बेर जूनियर डॉक्टर आपन मांग मनवाए से पहिले काम पर लौटे के मूड में नइख सन। ओह लोगन के काम के भरपाई खातिर सीनियर डॉक्टरन के छुट्टियां रद्द क दिहल गइल बा, लेकिन हालात सुधरला का जगह आउर बिगडल जाता। एह मामला मे सरकार के चुप्पी गरीबन खातिर बहुत भयावह रुप ले रहल बाटे।


