Home Samachar National होली के रंग फीका कइ दिहलस प्रणव दा के बजट

होली के रंग फीका कइ दिहलस प्रणव दा के बजट

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नई दिल्ली। एह होली के माहौल में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी से कम से कम केहू अइसन व्यावहार के उम्मेद ना कइले रहे। एक ओर त ऊ आयकर के सीमा में मामुली बढोतरी कइ के नौकरीपेशा लोगन के आ मध्यमवर्ग के थोडा राहत देवे के दिखावा कइले ह, त दोसरा ओर उत्पाद आ सीमा शुल्क के नाम पर महंगाई से त्रस्त जनता के अउर परेशान करे के इंतजाम कइले ह। पेट्रोल आ डीजल के दाम में आज रात 12 बजे के बाद 2 रुपया 67 पैसा अउर दो रुपया 58 पैसा प्रति लीटर के बढ़ोत्तरी हो जाई।

संसद आज पेश साल 2010-11 के आम बजट में वित्त मंत्री आयकर के दर में त कवनो बदलाव ना कइले ह, लेकिन आयकर के स्लैब में फेर-बदल कइ के आयकर दाता लोग के राहत दिहले ह। अब एक लाख 60 हजार रुपया से पांच लाख रुपया तक के सालाना आय पर 10 प्रतिशत कर देवे के होई। एकरा अलावा पांच लाख से आठ लाख रुपया तक के आय पर 20 प्रतिशत आ आठ लाख रुपया से बेसी के आय पर 30 प्रतिशत के दर से कर लगा के मध्यम वर्ग के दिल लुभाये के कोशिश कइल गइल बाटे। मुखर्जी के कहनाम बा कि एह बदलाव से 60 प्रतिशत करदाता लोगन के लाभ होई आ सरकार के 26 हजार करोड़ रुपया के त्याग करे के पडी।

एकरा विपरीत, प्रणब मुखर्जी पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि की घोषणा कइ के आम आदमी के चिंता अउर बढ़ा देले बाडन। एकरा अलावा, गैर पेट्रोलियम पदार्थन पर उत्पाद शुल्क में दो प्रतिशत वृद्धि कइ के आठ से बढ़ाकर दस प्रतिशत कइल गइल बाटे, जवना से कई चीजन के दाम अउर बढी। एह बजट में कच्चा तेल, पेट्रोलियम पदार्थ आ कुछ अन्य प्रकार के चीजन पर आयात शुल्क में बढोतरी कइल गइल बाटे।

मुखर्जी एक ओर सेवाकर के दर के दस प्रतिशत पर बनवले रखले, त दोसरा ओर कुछ नई सेवा के एकरा दायरा में लाये के प्रस्ताव रखले बाडे। अप्रत्यक्ष कर में एह बढोतरी से जनता पर 46 हजार करोड़ से अधिक के बोझ बढ़ जाई।

एह बजट में कृषि क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिहल गइल बाटे। देश के पूर्वी राज्यन जइसे बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल आ उड़ीसा में हरित क्रांति के विस्तार करे के योजना बाटे। खाद्यान्न के बर्बादी रोके खातिर भारतीय खाद्य निगम के भंडारण क्षमता बढ़ाये के भी प्रस्ताव बा, जवना में निजी क्षेत्र के भागीदारी बढ़ावल जाई। मुखर्जी के कहनाम बा कि कृषि कर्ज के लक्ष्य तीन लाख 25 हजार करोड़ रुपया से बढ़ा के तीन लाख 75 हजार करोड रुपया कर दिहल गइल बाटे।

किसानन के ऋण माफी आ ऋण राहत योजना के तहत किसानन के ऋण वापसी के अवधि के 31 दिसंबर 2009 से छह महीना बढ़ा के 30 जून 2010 कर दिहल गइल बाटे। एकरा अलावा समय पर कर्ज लौटाये वाला किसानन के अब दो प्रतिशत के छूट मिली। एही तरह से अब किसानन के 5 प्रतिशत के प्रभावी दर पर फसली कर्ज उपलब्ध होई। वित्त मंत्री के अनुसार उर्वरक क्षेत्र खातिर पोषक तत्व पर आधारित सब्सिडी नीति मंजूर कइल गइल बाटे। ई पहिला अप्रैल 2010 से लागू होई। उनुका उम्मेद बा कि एह नीति से संतुलित उर्वरक उपयोग के बढावा मिली।

एह बजट में समावेशी विकास के आगे बढ़ाते हुए सामाजिक क्षेत्र पर होखे वाला खर्च बढा के एक लाख 37 हजार 674 करोड रुपए कइल गइल बाटे। स्कूली शिक्षा खातिर आवंटन 26 हजार 800 करोड़ रुपया से बढ़ा के 31 हजार 36 करोड़ रुपया कइल गइल बाटे। एकरा अलावा एह बजट में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) खातिर 40,100 करोड़ रुपया के प्रावधान कइल गइल बाटे। एह बजट में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी [डीआरडीए] खातिर 405 करोड़ रुपया, नेशनल इंस्टीट्यूट आफ रूरल डेवलपमेंट [एनआईआरडी] खातिर 105 करोड़ रुपया, कपार्ट खातिर 100 करोड़ रुपया, ग्रामीण क्षेत्रन में शहरी सुविधा खातिर प्रावधान [पूरा] योजना के लिए 124 करोड़ रुपया आ ग्रामीण विकास कार्यक्रमन एवं जिला नियोजन प्रक्रिया के मजबूत करे खातिर 120 करोड़ रुपया के प्रावधान कइल गइल बाटे। एकरा संगे भूमि सुधार खातिर बजट में 201 करोड़ रुपया के प्रावधान कइल गइल बा।

एह बजट से जहाँ आम आदमी स्तब्ध बा, ओहिजे शेयर बाजार 175 अंक ऊपर चढ के एकर स्वागत कइलस। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी भी 63 अंक उपर चढ के बजट के सलामी देहलस। दोसरा ओर भाजपा आ विपक्षी दल एह बजट के गरीब विरोधी करार देत, बजट भाषण के समय वॉकआउट कइ दिहल। भाजपा इहो चेतावनी देले बिया कि जब ले पेट्रोल, डीजल के दाम पर कइल बढोतरी वापस ना लिहल जाई, तब ले ई संसद के ना चले दी। एह मुद्दा पर भाजपा के लालू यादव के नेतृत्व वाली राजद, समाजवादी पार्टी, आ सीपीआई के भी सर्मथन मिल रहल बाटे।

का भइल महंगा:
सिगरेट, पेट्रोल, डीजल, कार, सोना, चांदी, प्लेटिनम, एयरकंडीशनर, टेलीविजन, नसवार, सुगंधित तंबाकू, चबाने वाला तंबाकू, गुटखा।

का भइल सस्ता:
एलईडी बल्ब आ सीएफएल, सिमेंट आ कॉन्क्रीट, गुब्बारे, खिलौना, मोबाइल एक्सेसरी, मेडिकल उपकरण, सेट टाप बाक्स, कांपेक्ट डिस्क, किताबें, बिजली कार, सोलर रिक्शा, पीपलामूल, हींग, वाटर फिल्टर [आरओ को छोड़कर], लेटेक्स रबर धागे, औषधीय आ प्रसाधन सामग्री।

आम बजट के मुख्य बात:
* कोयला के उत्पादन पर प्रति टन 50 रुपया स्वच्छ ऊर्जा अधिभार।
* विज्ञान और औद्योगिक शोध परिषद द्वारा विकसित सौर रिक्शा पर चार फीसदी के छूट।
* केबल टीवी ऑपरेटर्स खातिर उपकरणन के आयात पर सीमा शुल्क में पांच फीसदी छूट।
* खिलौनन के केंद्रीय सीमा शुल्क से मुक्त कइल गइल।
* सेवा सेक्टर पर कर 10 फीसदी, एहमें अउर सेवा के शामिल कइल जाई।
* मान्यताप्राप्त समाचार एजेंसियन के सेवा कर से मुक्ति।
* शुद्ध राजस्व के प्राप्ति 22,500 करोड़ रुपया रही।
* बड़ी कार आ एसयूवी पर कर दो फीसदी बढ़ के 22 फीसदी भइल।
* कच्चा तेल पर पांच फीसदी के कर लगावल गइल।
* सिगरेट, सिगार आ खाये वाला तंबाकू पर कर में इजाफा।
* प्रत्यक्ष कर में छूट से 26,000 करोड़ रुपया के नुकसान।
* केंद्रीय सीमा शुल्क में मामूली वृद्धि कइल गइल।
* सालाना 160,000 रुपये तक के आय कर मुक्त, पांच लाख रुपया के आय पर 10 फीसदी, पांच से आठ लाख रुपया वार्षिक आय पर 20 फसदी अउर आठ लाख रुपया वार्षिक से अधिक आय पर 30 फीसदी कर लागी।
* आयकर आवदेन पत्र के अउर सरल बनावल जाई।
* साल 2010-11 में खर्च 11,18,749 करोड़ रुपया रहे के अनुमान।
* साल 2010-11 में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसदी रहे के अनुमान।
* बेंगलुरु के अलावा दो अन्य जगहन पर केंद्रीकृत कर प्रसंस्करण केंद्र के स्थापना।
* असंगठित क्षेत्र के कामगारन खातिर 1000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष के स्थापना।
* राष्ट्रीय पेंशन योजना तहत कामगारन के खाता खोले खातिर 1,000 रुपया दिहल जाई।
* कपड़ा क्षेत्र खातिर विशेष कौशल विकास कार्यक्रम शुरु कइल जाई।
* महिला एवं बाल विकास के योजना के आवंटन में 50 फीसदी के इजाफा।
* सामाजिक न्याय मंत्रालय खातिर 4,500 करोड़ रुपया के आवंटन।
* अल्पसंख्यक मामलन के मंत्रालय खातिर 2,600 करोड़ रुपया के आवंटन।
* भारतीय विशेष पहचान पत्र प्राधिकरण खातिर 1,900 करोड़ रुपया।
* रक्षा बजट खातिर 147,344 करोड़ रुपये के प्रावधान।
* केंद्रीय अर्धसैनिक बल खातिर 2,000 जवानन के भर्ती।
* खाद्यान्न सुरक्षा विधेयक तैयार हो चुकल बा, ओकरा के सार्वजनिक कइल जाई।
* प्राथमिक शिक्षा खातिर आवंटन 26,800 करोड़ रुपया से बढ़ा के 31,300 करोड़ रुपया कइल गइल।
* 2,000 आ एह से अधिक जनसंख्या वाला सभी इलाकन में बैंकिंग सुविधा।
* साल 2010-11 में ग्रामीण विकास खातिर 66,100 करोड़ रुपया के आवंटन, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना खातिर 40,100 करोड़ रुपया, भारत निर्माण खातिर 48,000 करोड़ रुपया।
* झुग्गी में रहे वालन खातिर तैयार राजीव आवास योजना में 1,270 करोड़ रुपया के आवंटन, एहमें 700 फीसदी के वृद्धि कइल गइल बाटे।
* अप्रैल-दिसंबर 2009 के बीच विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 20.9 अरब डॉलर रहल।
* एफडीआई नीति के अउर आसान बनाये के प्रस्ताव।
* बैंकिंग क्षेत्र खातिर उच्चतम स्तरीय वित्तीय स्थिरता परिषद के गठन।
* भारतीय बैंक संगठन निजी क्षेत्र के अतिरिक्त लाइसेंस दी।
* क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकन खातिर अग्रणी पूंजी के प्रावधान।
* अगिला छह महीना में सार्वजनिक कर्ज कम करे के रोडमैप तैयार।
* अप्रैल 2011 से प्रत्यक्ष कर कोड लागू होई।
* सरकार बिक्री कर के नया ढांचा तैयार करे में जुटल बिया, एकरा अप्रैल 2011 में लागू होखे के आशा।
* साल 2009-10 में विनिवेश से 35 हजार करोड़ रुपया इकट्ठा भइल, साल 2010-11 में एहसे ज्यादा होई।
* अप्रैल 2010 से नई उर्वरक नीति, एहसे उत्पादकता बढी आ किसानन के आय बढी।
* साल 2009-2010 के पहिला तिमाही में अर्थव्यवस्था में स्थिरता आइल, दोसरा तिमाही में ई मजबूत वापसी कइलस, तीसरा आ चौथा तिमाही के आंकडा देखले के बाद विकास के दर 7.2 फीसदी या ओह से ऊपर रही।
* जनवरी में निर्यात के आंकडा उत्साहजनक रहे।
* 10 फीसदी के विकास दर हासिल कइल बहुत दूर के चीज नइखे।
* खाद्यान्न महंगाई पर काबू पाये खातिर सरकार त्वरित कदम उठवले बिया।
* प्रोत्साहन पैकेज के समीक्षा के जरूरत, विकास के ज्यादा विस्तृत बनाये के जरूरत।
* भारत वैश्विक आर्थिक संकट से बेहतर तरीका से निपटल, देश के अर्थव्यवस्था एक साल पहिले के तुलना में काफी बेहतर।
* साल 2009 में देश के अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के सामना कइलस, दक्षिणी पश्चिमी मानसून में देरी के कारण कृषि उत्पादन पर असर पड़ल।
* अब पहिला चुनौती नौ फीसदी के विकास दर हासिल कइल बाटे। एकरा बाद विकास दर दहाई अंकन में पहुंचाये के बा।
* दोसर बडहन चुनौती विकास के समग्र बनावल बाटे, खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाये के होई।
* तीसरा चुनौती सरकारी जन वितरण प्रणाली के कमजोरियन से निपटल बा, एह दिशा में बहुत काम बाकी बाटे।
 
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