सबसे पहिले भोजपुरिया डॉट कॉम के सभ पाठकन के साल 2010 के आगमन के शुभकामना। साल 2010 में पहिला आलेख का रुप में हम कोशिश कइले बानी भोजपुरिया डॉट कॉम के विकास यात्रा के सहेजे के। एगो अइसन यात्रा, जवन कि आसान त ना रहे, पर रउरा लोगन के सहयोग से हमनी का हर बाधा के दूर कइनी जा, आ हर दिन एह वेबसाइट के माध्यम से भोजपुरी के एगो नया आसमान दिलाये के प्रयास कइनी जा। भोजपुरिया डॉट कॉम के शुरुआत 13 अक्टूबर 2005 के जमशेदपुर में भइल रहे। अभी साइट ठीक से शुरु भी ना भइल रहे कि लोग हँसे लागल। हमार एगो करीबी मित्र कहलन - पागल हो गइल बाड का? भोजपुरी के भी कवनो वेबसाइट हो सकेला। लोग हँसे में लागल रहे, आ हमनी का लागल रहनी भोजपुरिया संस्कृति के एगो नया मुकाम दिलाये के कोशिश में। नवम्बर में छठ रहे, आ हमनी का घोषणा कइनी जा कि भोजपुरिया डॉट कॉम रउरा घरे पहुँचाई छठी माई के पावन प्रसाद, ऊहो बिलकुल मुफ्त में... याहू के कई गो ग्रुप पर हम ई मैसेज पोस्ट कइनी, लेकिन लोगन के मन में एगो अविश्वास रहे। भला मुफ्त में आपन कुरियर के खर्चा लगा के काहें भेजी केहू प्रसाद...? जब लोगन के प्रसाद मिलल शुरु भइल, त दनादन फोन आवे लागल। एक जाना केरल से रोवत-रोवत फोन कइले कि कबो सपनो में ना सोचले रहीं कि एहिजा प्रसाद मिली, त एक जाना अपना दफ्तर में जब बॉस (जवन पंजाबी रहले) के प्रसाद दिहलन त, उनुकर बॉस कहलन - भोजपुरिया लोगों की इमेज सुधारने की इससे अच्छी पहल किसी ने नहीं की।
अब एकरा के छठी मइया के कृपा कहीं या कुछ आउर, लेकिन दिसम्बर तक देश भर के मीडिया के जुबान पर भोजपुरिया डॉट कॉम चढ चुकल रहे। केहू एकरा के भोजपुरिया लोगन के ऑनलाइन आवाज बतवलस, त केहू एकरा के भोजपुरिया संस्कृति के प्रचार-प्रसार के एगो मजबुत जरिया। दुनिया के सबसे बेसी पढल जाये वाला अखबार दैनिक जागरण त बकायदा एकरे खातिर अपना पहिला पन्ना पर भोजपुरी में शीर्षक भी लगवलस, आ नवभारत टाइम्स के शीर्षक शायद खबर से ज्यादा जानदार रहे - इंटरनेटिया गइल भोजपुरी।
भोजपुरिया डॉट कॉम के असर तब ले एतना बढ गइल रहे कि पहिला बेर भोजपुरी फिल्म अवार्ड समारोह करा रहल लोग हमनी के बोला के ओह समारोह के खातिर मीडिया पार्टनर बनावल। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में ई कवनो वेबसाइट के पहिला कदम रहे, आ अगर भोजपुरी अभिनेता रवि किशन के शब्दन में कहीं त पूरा इंडस्ट्री भोजपुरिया डॉट कॉम के चमक से आश्चर्यचकित रहे, आ लोग बढ-चढ के आपन शुभकामना भेजल, एह वेबसाइट के सफलता खातिर।
आम भोजपुरियन के सहयोग आ फिल्म आ साहित्य जगत के लोगन के आशीर्वाद से भोजपुरिया डॉट कॉम दिन दूना-रात चौगुना रफ्तार से आगे बढे लागल। आ एह उडान में तब पाँख लाग गइल, जब अगस्त 2006 में एह वेबसाइट के देश के सबसे बढिया सांस्कृतिक वेबसाइट का तौर पर प्रतिष्ठित मंथन अवार्ड से नवाजल गइल। लगभग 14 श्रेणियन में ई अवार्ड हर साल भारत सरकार के ई-गवर्नेंस विभाग के सहयोग से दिहल जाला। ओह साल जब हमनी का आनन्द बाजार पत्रिका समुह (जवन कि बंगला के सबसे सशक्त मीडिया ग्रुप कहल जाला, जेकर द टेलीग्राफ अंग्रेजी अखबार हवे, आ जवन कि स्टार न्यूज चैनल के चलायेला) के एगो वेबसाइट के हरा के ई अवार्ड जितनी जा, त देश भर के मिडिया में भूचाल आ गइल। राष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी के कवनो मीडिया के शायद इ पहिला सशक्त उपस्थिति रहे। हिन्दी आ अंग्रेजी के कुल्ह अखबार जहाँ एकरा के एगो नया युग के सुत्रपात करार दिहले सन, ओहिजे बीबीसी नियन प्रतिष्ठित मीडिया ग्रुप इंटरनेट पर भोजपुरी के एह दखल पर विस्तार से समाचार लिखलस।
ओह अवार्ड समारोह के एगो घटना हमरा आज ले ना भुलाइल, एक जाना दूरदर्शन न्यूज के रिपोर्टर ओहिजा हमरा से अंग्रेजी में बतिआवत रहलन, आ भोजपुरिया डॉट कॉम के अवार्ड मिलला पर ऊ तुरंत भोजपुरी पर आ गइलन कि – “भइया, हमरो घर आरा जिला में पडेला”। एक जाना झा जी ओह कार्यक्रम के खतम भइला के बाद हमरा लगे अइले, आ कहले कि वइसे त हमार भाषा मैथिली ह, लेकिन भोजपुरिया डॉट कॉम के ई जवन सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक वेबसाइट के अवार्ड मिलल बा, ओहसे हम अभिभूत बानी। मैथिली आ भोजपुरी दूनो एके संस्कृति के प्रतिविम्ब बाटे, आ आज सही मायने में राउर ई वेबसाइट हमनी के संस्कृति के सर्वश्रेष्ठ साबित क दिहलस। हम एहिजा दिल्ली में रहेनी, लेकिन आज के बाद हम मैथिली आ भोजपुरी गर्व से बोलब, एह बात के रउरा भरोसा रखीं। एतना कहते- कहते झा जी के आँख से निकलत आँसू के देख के हम अपने आप के भी ना रोक पवनी। शायद केहू के जिनगी में एतना बडहन उम्मीद, बदलाव आ आत्म-सम्मान जगा दी ई वेबसाइट, ई हमरा भी अंदाज ना रहे।
हर दिन एक नया मुकाम पावत हमनी का भोजपुरी आ भोजपुरियन के सेवा में एक बेर फेर छठी मइया के प्रसाद लेके अइनी जा। एह बेर अढाई सौ से ज्यादा लोग आपन नाम-पता दिहल, आ सबके प्रसाद भी भेजल गइल। ओही साल 2006 में अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के सासाराम अधिवेशन के मंच से कम से कम 1 लाख लोगन का बीच भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी भोजपुरिया डॉट कॉम के प्रशंसा कइलन। ओही सम्मेलन में हमनी के मीरा कुमार जी (अभी लोकसभा अध्यक्ष बानी, ओह समय केन्द्रीय मंत्री रहनी) मंच पर बोला के सम्मानित भी कइनी। सम्मानित त ओकरा बाद विश्व भोजपुरी सम्मेलन (झारखंड ईकाई), भोजपुरिया बेयार, अखिल विश्व भोजपुरी विकास मंच, राष्ट्रीय भोजपुरी मंच, जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य सम्मेलन आ कई गो आउर संस्था भी कइली सन, लेकिन कवनो सम्मान या अवार्ड हमनी के मंजिल ना रहे।
साल 2007 के शुरु में मस्कट (ओमान) के इंडियन सोशल क्लब के भोजपुरी विंग हमनी के खास तौर पे नेवता देके ओमान बोलवलस, आ ओहिजा भी हमनी के भोजपुरी के विकास खातिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कइल गइल। ओही साल भोजपुरिया डॉट कॉम के प्रतिष्ठित यूएन वर्ल्ड समिट अवार्ड में भारत का ओर से अकेला आधिकारिक नॉमिनेशन (सांस्कृतिक श्रेणी में) मिलल रहे। ई अवार्ड हमनी का जीत त ना पवनी, लेकिन एह स्तर पर एह से पहिले भोजपुरी के लेके कवनो संस्था कबो ना पहुँचल रहे। एह देश के संविधान में मान्यता के बाट जोह रहल एगो भाषा खातिर ई एगो बडहन उपलब्धि रहे।
साल 2007 में ही भोजपुरी गायक मनोज तिवारी अपना फगुआ वाला एलबम "रोरी बरसे" के टाइटल सांग में भोजपुरिया डॉट कॉम के जिक्र कइलन। आ, ओह से आगे बढ के बिपिन बहार आ आनन्द मोहन एगो एलबम के टाइटल (जाग बिहारी जाग) भी बकायदा भोजपुरिया डॉट कॉम से लिहल लोग, आ ओकरा एगो गीत में भोजपुरिया डॉट कॉम के बारे में विस्तार से चर्चा भी कइल गइल। एही साल पटना स्थित नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी अपना पाठ्यक्रम में भोजपुरी के शामिल कइलस, जवना में हमनी के सहयोग के सराहना ओहिजा के पाठ-लेखकन के समिति भी क चुकल बाटे। एकरा अलावा, आन्ध्र प्रदेश सरकार भोजपुरिया डॉट कॉम के अपना कैटलॉग में जमीनी-स्तर पर काम क रहल सबसे बढिया वेबसाइट का रुप में लिस्ट कइलस। एगो गैर-भोजपुरिया क्षेत्र के सरकार द्वारा, जवन कि तकनीकी रुप से काफी सक्षम मानल जाले, ई सम्मान हमनी के आउर आगे बढे के प्रेरणा दिहलस।
ओकरा बाद आइल साल 2008, जवन कि ना सिर्फ हमनी खातिर, बल्कि भोजपुरी खातिर भी कई गो उपलब्धि ले के आइल। साल के शुरुआत में भोजपुरिया डॉट कॉम वेबसाइटन खातिर यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड स्टॉकहोम चैलेंज के फाइनल में पहुँचल, आ दोसरा ओर दुनिया के सबसे बड विश्वविधालयन में एक इग्नू भोजपुरी के अपना पाठ्यक्रम में शामिल करे के घोषणा कइलस। भोजपुरी खातिर ई शायद एगो नया उडान के समय रहे, आ हमरा खातिर ऊ समय शायद जिनगी के सबसे गौरवमयी पल रहे, जब इग्नू अपना पाठयक्रम में कम्प्यूटर के कोर्स लिखे खातिर हमरा के नेवता भेजलस। ओकरा अलावा एही साल, नीदरलैंड से जारी एगो डाक टिकट का मुद्दा पर पूरा देश भर के मीडिया हमनी के ना सिर्फ सराहना कइलस, बल्कि हमनी के "सच" लिखे के जज्बा के मीडिया खातिर ‘रोल मॉडल’ भी बतावल गइल। शायद पहिला बेर भोजपुरी मीडिया के ताकत के देश के सब प्रमुख अखबार ना सिर्फ मनले सन, बल्कि ओकरा देखावल राह पर चले के कोशिश भी कइले सन।
पिछला साल, यानि 2009 हमनी खातिर एकदम खास रहल काहें कि एह साल हमनी के परिवार के सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम शुरु भइल जुलाई में, आ अपना शुरुआत का मात्र 11 दिन के भीतर ई देढ साल पुरान एगो सोशल नेटवर्क के पछाड के भोजपुरियन खातिर दुनिया के सबसे बडहन सोशल नेटवर्क बन गइल। छह महीना से भी कम समय में जय भोजपुरी डॉट कॉम से करीब 5000 लोग जुड चुकल बा, जवना में साहित्यकार, फिल्मकार, पत्रकार, शिक्षक, नाटककार आ भारी संख्या में आम भोजपुरिया लोग बाटे। भोजपुरिया समाज से जुडल मुद्दा पर एहिजा होखे वाला गंभीर बहस एकरा के दोसर कवनो आउर वेबसाइट से अलग बनावेले, ई बात देश के एगो बडहन न्यूज एजेंसी भी सकरले बिया।
साल 2009 में हमनी द्वारा छठी मइया के नि:शुल्क प्रसाद वितरण के लगातार पाँचवा साल रहे, जवना में करीब 1000 लोगन के प्रसाद भेजल गइल। अपना तरह के दुनिया में अकेला, आ सबसे बडहन छठ प्रसाद वितरण के अभियान में हमनी के भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी, मैजिक टीवी आ नवीन भोजपुरिया के सहयोग मिलल, जिनका खातिर हमनी का ओह लोगन के आभारी बानी। अगिला साल एकरा के आउर भी वृहत स्तर पर करे के योजना बाटे। रउरा लोगन के सहयोग से 2009 में भोजपुरिया डॉट कॉम (आ जय भोजपुरी डॉट कॉम) ना सिर्फ भोजपुरी खातिर, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश आ झारखंड से कवनो विषय पर चल रहल, कवनो आउर वेबसाइट से ज्यादा देखल जाये वाला वेबसाइट भी बन गइल।
साल 2009 हमनी खातिर खास एह वजह से भी बा कि एह साल भोजपुरी संगीत से अश्लीलता के दूर भगाये के मकसद से हमनी का भोजपुरिया म्यूजिक के नाम से एगो संगीत कंपनी के भी घोषणा कइनी जा, जेकर पहिला एलबम “चाहत में सनम” बहुत जल्दिये रउरा लोगन के बीच होई। हमरा उम्मेद बा कि रउरा एह एलबम के भी उहे प्यार देब, जवन कि हमनी के वेबसाइट के पिछला 4-5 साल से मिल रहल बाटे। एकरा अलावा भोजपुरी आ भोजपुरियन खातिर बहुत सारा आउर भी योजना बाटे, जवन कि धीरे-धीरे रउरा सामने आई।
जइसन कि रउरा देखले होखब, एह वेबसाइट पर हमेशा भोजपुरिया लोगन से जुडल मुद्दा के प्राथमिकता दिहल जाला। भोजपुरियन पर जहाँ कहीं भी हमला भइल बा, हमनी का सबसे पहिले खुल के विरोध दर्ज कइले बानी जा, भले ही एकरा खातिर हमनी के राज ठाकरे जइसन लोगन के धमकी ही काहे ना झेले के पडल। “सच” खातिर कवनो दबाव झेले खातिर हमेशा तैयार बा भोजपुरिया डॉट कॉम, आ हम रउरा के विश्वास दिआवल चाहेब कि आगे भी हमनी के इहे तेवर बरकरार रही। राउर सहयोग हमनी खातिर बहुमूल्य बाटे, आ हमनी के निहोरा बा कि रउरा कम से कम रोज एक बेर एह वेबसाइट के विजिट क लिहल करीं, आ जेतना लोगन के हो सके, एह से जोडे के प्रयास करीं।
एक बेर फेर नया साल के शुभकामना के साथ हम उहे संकल्प दोहरावल चाहेब, जवन कि हम कई बेर कह चुकल बानी – हमनी का चाह तानी कि दुनिया में दू तरह के आदमी होखस, पहिला कहे कि “I Love Bhojpuri” आ दोसरका कहो “I Hate Bhojpuri”, लेकिन हम नइखी चाहत कि केहू ई पूछो कि “What is Bhojpuri?”. माने केहू प्यार करे या दुत्कार, लेकिन भोजपुरी के नजरअंदाज हमनी का ना करे देब जा। रउरा लोगन का सहयोग से हमनी का भोजपुरी के दुनिया के आखिरी आदमी तक ले जायेब।
अंत में, आपन एगो कविता के कुछ लाइन हम लिखल चाहेब:
भोजपुरी माई ह हमार, त बोलबे करब
लोग कुछूओ कहे, हम सच पर अडब
चुप कइसे रहीं, दुनिया के भीड में
हमरा माई के मिलल सम्मान बाकी बा
एह चिरई खातिर त, आसमान बाकी बा।




पाहिले ता आपके बधाई बा की आप इतना बढ़िया से पूरी इमानदारी ,लगन और सुरुचिपूर्ण ढंग से आपन भोजपुरी के आगे बढ़ावे में प्रयासरत बानी.....
गर्व बा की हमनी के भोजपुरिया बानी जा ..........
राउर इ कहल बहुत सही लागल की "i love भोजपुरी भा i hate भोजपुरी ......
कहो, मगर ई केहू न कहो की "what is भोजपुरी?
जय हो भोजपुरी की
जय भोजपुरी
हम त बहुत पुरान सदस्य ना हई लेकिन जब हम जुडनी एह साइट से बस भोजपुरिया हो के रह गईनी। मुद्दा के बात - सच्चाई के साथ, टटका खबर भोजपुरी क्षेत्र के, यु पी बिहार के राजनिती, हमनी के आपन लोगन के विस्तार पुर्वक जानकारी, भोजपुरिया परम्परा के सही तरिका से देश दुनिया के सामने ले आवल, भोजपुरियन के परेशानी और हकिकत के देखावल, भोजपुरी सिनेमा के बारे मे आ और भी कई गो ओइसन चीजन के उपर भोजपुरिया डाट काम के प्रस्तुती काबिले तारीफ बा।
भरत शर्मा जी गावल एगो गीत हमरा याद आवत बा जवना मे एगो लाइन बा वोह लाइन के हम एजुगा अपना हिसाब से लिखत बानी।
तोहार जोड केहु नईखे बेजोड बाड हो !
जी भोजपुरिया डाट काम बेजोड बा और एकर कवनो जोड नईखे, जब हमरा छठ पुजा के बारे भोजपुरिया डाट काम के चल रहल प्रयास के जानकारी भईल तब हम अपने आप के रोक ना पईनी, आ सांच पुछी त हमरा पहिला हाली बुझाईल की अगर लगन होखे करे के मन होखे भाव होखे त एह संसार मे कुछ भी हो सके ला आ कुछ ओइसन चीजन के देखावत भोजपुरिया डाट काम आगे बढ रहल बा। ह बाधा बहुत आवेला और आई, लेकिन हर व्यक्ति के उहे बाधा पार करे खातिर साहस देले और एह से वोह व्यक्ति के मजबुती, सच्चाई और बढ जाला आ बस वोइसे ही भोजपुरिया डाट काम के भी कई गो बाधा मिलल लेकिन सफल तरिका से और मुजबुत हो के सच्चाई के साथ भोजपुरिया डाट काम वोह बाधा के पार कई गईल बिया और आगे भी वोही तरे करत रही बस इहे हमार कामना और सोच बा ।
बहुत बहुत बधाई बा सब भोजपुरिया डाट काम पाठक (पढे वाला लोग) लोगन के और बधाई बा भोजपुरिया डाट काम के।
जय भोजपुरी
नवीन भोजपुरिया
Raur paryas safal baa aur bhojpurya samaj raura sanghe ba e website din duna raat chauguna badhi, ehe kamana ba
ANOOP NARAYAN SINGH, SUB EDITOR, BIHARI KHABAR
लोग कुछूओ कहे, हम सच पर अडब
Bahut Bahut badhai bate rawua ke, je rawua e suruat kaini, ham ta e site se jai bhojpuri ke dwara aili baat sahi kahat bani ki hamni ke awaz bate..kyonki dekhi last month tak jawan hum ek bhi bhojpuri site se ja jural rahi auru na hamara bhojpuria samaj ke bare me kauno khas jankari rahat rahla par aaj ham saan se kahat bani ki hamhu kuchh janat bani auru jaha tak sahyog ke baat ba ta hamar sahyog jab se jural bani tab se baruye auru aapan samaj khatir har samay rahu......Aapan e site din duna raat chouguna taraki kare ehe dua karat baani upar walu se..JAI BHOJPURI
Aap sabhi logo ka bhojpuri ke liye aisa aatmasamarpan dekhkar mujhe bahut hi achcha laga.
Agar humse koi bhi sahaita ki zarurat ho ya hum ko aap se koi madat chahiye toh humesha taiyar rehna chahiye. Mujhe is baat ki khushi isliye hain kyon ki main bhi Bihar ke Siwan Dist ka rahne wala hoon aur yaha mumbai mein Engineer hoon.
Agar Bhojpuri Film mein aapko koi yogdan koi madat chahiye toh main aapki madat kar sakta hoon mere paas ek se badhkar ek write ups hain jo ki achchi se achchi film ke liye kaam aa sakta hain.
Thanks,
Sanoj Kumar
Aj Bihu baa, in ASSAM (Bhogali Bihu), People use to cook "Pitha". But this pittha is not as it was of our side. We eat Chura Dahi today, followed by Khichri, But moto of festival is same. "anekta me ekta hind ki viseshta".
May I hope, you will add up a colomn "Matromonial" which will garlend us togather, as we bhojpuri spoken people, and may help to find out suitable match, in this say life style .
Thanks and Regards
Sharang Dhar Sharma
Managger O&M
ATC - Guwahati
I Remember when i met you on Jamshedpur Aakash Deep Plazza for some hardware issue. I would like to bring this point today that I did not liked your attitude when you said "You are an MCSE and that is why you are the Best".
But i want to congrats you for this attempt. You can really say you are the first person who took such mission. This is something you can take pride off and we wont mind :)
dhanyavad JAI BHOJPURI - JAI BHARAT
Dear sir,
I belong to Varanasi. My feeling is that so long Bhojpuri is spoken language, it is o.k. But its growth as a written language shall certainly damage Hindi, Which is the origin of Bhojpuri. The tone and vocabulary of spoken Bhojpuri varies from district to district, at least in U.P.
For example, for a Hindi sentance-" Kya bazar jaa rahe hain?" following shall be spoken in different districts:-
(1)Gorakhpur-'Bazar jaat bata ka?"
(2)Ballia-'Raua bazar jaataani?'
(3)Varanasi-'bazar jaat haua ka?'
(3)Mirzapur-'Bazar jai raha haya?' and so on so forth.
In long term, when Bhojpuri shall be or supposed to be an official language of any state, which of the above for shall be bonafied Bhojpuri? This point must be kept in mind . Thanks and regards,
Aur ekgo baat, Pahela Bhojpuri ka haa, awadhi kaa haa aur magahi kaa haa ee jaan ke bhojpuri ke bare me kuchuoo kahal jaaye. Bhojpuri me "Bajar jaa tarah kaa" hi hokela. Awadhi me "Bajar jaat batun".
Pahile bhojpuri badiya see sikh leehal jaoo tab apan choch kholal jaoo.