बच्चा लोग परिवार, समाज आ देश के भविष्य होला, त जाहिर से बात बा कि भोजपुरिया समाज में भी इहे बात लागु होत होई, लेकिन अगर अइसन बात बा, त पहिलहीं से अंधकार के गर्त में समात भोजपुरी के वर्तमान स्थिति देखला के बाद सिर्फ अंधकार ही अंधकार नज़र आवत बा। जब आज कल के बच्चा लोग गुड्डू रंगीला, छोटू छलिया आ दिवाकर उपाध्याय आ एहनिये नियन कुछ अउर लोगन के आपन रोल मॉडल मान के भोजपुरी संगीत में आपन भविष्य के संवारे के सपना सजावत बा, त रउवा सभे एकर परिणाम खुद ही सोच सकत बानी।एलबम "चाहत में सनम" के निर्माण के समय भोजपुरी लोक संगीत उद्योग के जवन कड़वा अनुभव सामने आइल त मन बयाथित हो गइल कि "हम इ का करे जा रहल बानी"। लेकिन भोजपुरी कला आ संस्कृति से जुडल इ बात समाज के लोगन खातिर जानल एतना जरुरी बाटे कि हम अपना आप के बतावे से रोक ना पवनी। चांदनी चौक (दिल्ली) के लाजपत राय मार्केट, जवन कि भोजपुरी लोकगीतन के एगो मण्डी मानल जाला, ओहिजा CD के एगो थोक विक्रेता के दोकान पर देखनी कि भोजपुरी के एलबम से पूरा दोकान भरल रहे, जवना में भोजपुरी के कवनो सभ्रांत गायक, जइसे की मनोज भैया, भरत भैया आ कवनो अउर गायक जे भोजपुरी संस्कृति खातिर समर्पित बा, के एको VCD ना दिखत रहे, जब की 6 से 15 साल के उम्र के लगभग 50 गायकन के CD से पूरा दोकान भरल रहे... अउर गत्ता के गत्ता CD बिकात रहे। भोजपुरी लोकगीतन के एह अंधाधुन बिक्री देख के हम सोच में पड़ी गइनी, लेकिन ओकरा से ज्यादा सोचे वाला बात ई रहे कि एह छोटी उमिर के बच्चन के ले के अइसन गीत बनावल आ बेचल जात बा जेकरा बारे में, आ वइसन गीतन के अर्थ तक ओह बच्चा गायकन के ना मालूम होई। ओह में से हम कुछ बोले लायक नांव एहिजा लेत बानी, जइसे कि फोफिये ........ बाड़ी, बाजार गरम बा, लिपिस्टिक .............., अउर अइसन -अइसन नाव जेकरा के इहाँ ना लिखल जा सकेला।
आखिर का कारण बा एकरा पीछे?
इ सब कहानी के जड़ शुरु भइल टीवी पर छोट बच्चन के रियलटी शो से, जेकरा में मिलत बेहिसाब दौलत आ शोहरत के लालच में भोजपुरिया लोग भी अपना बच्चन के भविष्य से खिलवाड़ करे से खुद के नइखे रोक पावत। लोग एह चमक दमक के दौड़ में आपन घर बार बेची के अपना बच्चा के कम समय में मशहूर बनावे में लागल बा।
त एकर फायदा के उठावत बा?
चमक दमक के दौड़ में सबसे ज्यादा फायदा कुकुरमुत्ता नियन पैदा भइल संगीत कम्पनियन के होता। आ ओह लोगन के ना संस्कृति से मतलब बा, ना ही ई लइकन के शोषण से, ओह लोगन के मतलब बा सिर्फ अउर सिर्फ अपना फायदा से। एहिजा हम रउआ लोग के एगो उदाहरण दिहल चाहेब कि बाजार में एगो साधारण एलबम विडियो सहित बनावे में लगभग 90-95 हजार रुपया के लागत माँगल जाला, आ ओकरा बाद सवाल आवेला ओह एलबम के बाजार में वितरण के, त सब कंपनी ओकरा खातिर 30 से 50 हजार रुपया माँगेली सन, जवना में एलबम बनावे वाला के एको पइसा वापस देवे के कवनो गुंजाइश ना होला। अब एह रिलीज वाला पइसा में 1000-1500 CD बना के ओह में से 500 CD एलबम बनाये वाला के दे दिहल जाला, अउर बाकी पइसा अपना अपना जेब में। कहे के मतलब ई कि बिना कवनो लागत के 20 से 30 हजार रुपया ओह कंपनी के जेब में चल जाला। अब, ओह CD में के गवले बा, आ का गवले बा, एह से ओकरा कवनो मतलब ना रहेला।
वइसे, अश्लीलता के एह दौड़ में खाली इ छोट बच्चा ही नइखन शामिल, कई बड़- बड़ नांव भी शामिल बा, जे बहुत दिन से भोजपुरी के अश्लील भोजपुरी के नांव पर बेच रहल बाटे। ओही बाजार में हमरा एगो आश्चर्यजनक उदाहरण देखे के मिलल कि एके समय में एगो नांव से मिलता जुलता चार एलबम बाजार में बाडे सन - पहिला "बन्द कर द जनरेटर", " दूसरा चालू कर द जनरेटर", तीसरा "बन्द हो गइल जनरेटर" अउर चौथका रहे "चालू हो गइल जनरेटर", आ एह सब के गायक लोग भोजपुरिया समाज में अपना अश्लील गीतन खातिर काफी प्रसिद्ध बा लोग।
अब सवाल इ बा कि पहिले भोजपुरी लोक संगीत खाली एगो अश्लीलता के समस्या के ही जुझत रहे, और अश्लील गीत गाये वाला मात्र गिनल चुनल लोग ही रहे, लेकिन अब त अश्लील गाये वालन के एगो पूरा फसल ही तैयार हो रहल बाटे। हमनी के समाज के कुछ दिग्भ्रमित लोग रंगीला, छलिया, अउर ना जाने कइसन कइसन नांव वाला लोगन के अपना बच्चन के रोल मोडल बना के भोजपुरी लोक गीतन के नांव पूरा विश्व में रोशन करा रहल बा। जहाँ एक ओर पूरा दुनिया के लोग अपना बचवन के भविष्य के डाक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, पायलट आदि बनावे में लागल बा, ओहिजे दोसरा ओर हमनी का अपना बचवन के अश्लील गायक बनाये में लागल बानी जा।
अब एह में सही अउर गलत के फैसला रउआ लोग के करे के बा।




agar ye young singer or jo bachhe bhojpuri aslil gana gate hai uska aur bachho par bahut bura asar par raha hai kyuki o dekhta hai ki a to hamare ummer ka baccha aisa kr raha hai aur we use role modl man kar use follow kr rahe hai.....
so i reqest u all those bhojpuri singer pls stop this....
because it leave very bad impression of bhojpuri language on world.
and i think it very hurt our ruspectable singer bhikari thakur ji.......
chal kuchh kusi ke baat bate ki tohara jaisan log abhiyo bhojpuri sangit ke kuchch gunda, aslil a nich patit logan se mukti karawake chahat bate.
akra khatir sabhay samaj ke log ke milkar muhim chalawake pari.
Bahut der hojait ta aj kal ke patit aa aslil bayapari aa kalakr sab milke bjojpuri samaj ke mudi atna jhuka diyasan ke khabhi phir se hamani apna ke bhojuriya na kah sakab.
(SO KEEP OUR BHOJPURI CLEAN)
"PLEASE"
NOW A DAYS THEY ARE MAKING A LOT OF SONGS, BUT THESE SONGS ARE VERY HARMFUUL FOR YOUNG GENERATION.
AJITESH SUMAN
But this put me very troulble when playing CD alongwith my family members. Its very sweent music but vulger.
My kids never listen these songs.Sometimes they stop this & says papa better you should listen this in you office.
I feel very shamful playing it.