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अश्लीलता परोस रहल बा महुआ: इंडस्ट्री

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पटना। काल्ह सुर-संग्राम के मंच पर अश्लील गीतन के बीच हँगामा का भइल, कि पूरा फिल्म इंडस्ट्री में अश्लीलता के लेके बहस छिड गइल बाटे। भोजपुरी इंडस्ट्री के कई गो गायक अउर गीतकार लोग महुआ के विरोध में खुल के खडा हो गइल बाटे, अउर कुछ लोग त चैनल के बहिस्कार के भी बात करता।

काल्ह सुर-संग्राम के सेट पर भइल बवाल में प्रसिद्ध भोजपुरी गायिका देवी के कुछो अप्रत्याशित ना लागल। "सुर-संग्राम के फाइनल के वइसे त हम ना देखनी, लेकिन जेतना पता चलल, ओह से सिर शर्म से झुक गइल। ओहिजा जवना तरह के गाना बाजत रहे, अउर जइसन बेहुदगी के हद पार कइल जात रहे, ओह से जनता उग्र त होखबे करी। कवनो कार्यक्रम में जनता के भावना स्टेज पर चल रहल गीतन पर निर्भर करेला, अउर एहिजा जइसन स्टेज पर चलत रहे, ओह पर ई त होखहीं के रहे। आखिर जब कार्यक्रम सुर के नाम पर बा, त ओह में गीत-संगीत का जगह अश्लीलता फैयाये वालन के का जरुरत बा। हम त कहब कि वइसन लोगन के जज बनाये के निर्णय कइसे लेहलस महुआ...?" भोजपुरिया डॉट कॉम से खास बातचीत में देवी कहली।

एह कार्यक्रम के स्तर से खिसियाइल प्रसिद्ध गीतकार अशोक कुमार दीप महुआ चैनल पर आरोप लगवलन कि ओह लोगन के भोजपुरिया संस्कृति से कवनो लेना-देना नइखे। "महुआ चैनल आज तक कुछो अइसन नइखे कइले, जवना से भोजपुरी के कुछ लाभ होखो। क्षेत्रीय समाचार देखे खातिर भले ही हम कबो-कबो चैनल देख लेवेनी, लेकिन ओकरा बाद के कार्यक्रम देख के दिमाग खराब हो जाला। खाली टीआरपी बढाये खातिर ई लोग भोजपुरी के बदनाम कइ रहल बाटे," अशोक कुमार दीप भोजपुरिया डॉट कॉम से कहलन।
 
"हम त इहो कहब कि सबसे पहिले गीतकार लोगन के विरोध होखे के चाहीं, जे एह तरह के चीजन के लिखता। जब गंदा लिखाई ना, त फेर लोग गाई कइसे? हमनी का जब आइल रहनी, ओह समय ज्यादातर तवायफ (बिजली रानी, रजिया बेगम, मुन्नी बाई वगैरह) गाना गात रहली सन, लेकिन अब जबकि ज्यादातर ठीक-ठाक घर के लइकी आवतारी सन, त का ओकनियो के अश्लीलता के मतलब नइखे बुझात? " दीप जी के ई सवाल हमनी के करेजा के बेध दिहलस। 

"रउआ टी-सीरिज से पता कर सकेनी, भोजपुरी में सबसे बेसी भक्ति गीतन के एलबम बिकाला। एहिजा अश्लीलता के फटाफट सफलता पाये के मंत्र मान लिहल लोगन के हम बतावल चाहेब कि बाजार में दारु आ दुध दूनो के दोकान बा, अउर दारु के वजह से दुध के ना त कवनो दोकान बन्द भइल बा, नाही बंद होई। हमरा त खुशी बा कि लोग एह तरह के चीजन के खुल के विरोध करता, अउर लगातार अश्लीलता के खिलाफ आ रहल समाचार भोजपुरी के सुखद भविष्य का ओर संकेत करता। महुआ सुर-संग्राम में जवन देखाये के कोशिश कइलस, ओकर जबाब जनता जवना अंदाज में दिहलस, ओह विरोध के तरीका के भले गलत मानल जा सकेला, लेकिन जब सब्र के बांध टूट जाला, तब कुछूओ हो सकेला..." दीप जी आगे कहलन।

प्रसिद्ध गायक गोपाल राय खातिर भी सुर-संग्राम के फाइनल के नांव पर परोसल गइल अश्लीलता से खासा आहत दिखलन। "लागता कि कि एकर डायरेक्टर कवनो मुंबइया हवे, जवन भोजपुरिया संस्कृति के तहस-नहस करे के शपथ ले लेले बाटे। जइसन कपडा में लइकी नाचत रहली सन, अउर जइसन गीत होत रहे, ऊ हमनी के संस्कृति ना हवे। महुआ के भोजपुरी के बदनाम करे से बाज आये के चाहीं, अउर कम से कम माननीय राज्यपाल महोदय अउर गणमान्य लोगन का सामने, त एह तरह से भोजपुरी के माखौल नाहिये उडाये के चाहीं। महुआ अगर भोजपुरी के सम्मान नइखे कइ सकत, त कम से कम ओकरा के बदनाम कइल बंद करो," गोपाल राय भोजपुरिया डॉट कॉम से कहलन।

"एह से बडहन विडंबना के स्थिति का हो सकेला कि 2 दिन पहिले बिहार के कला-संस्कृति मंत्री सुखदा पाण्डेय जी के ई वक्तव्य आइल रहे कि बिहार सरकार अश्लीलता के खिलाफ गंभीर बिया, अउर ओकरा बावजुद बिहार के राज्यपाल, उप-मुख्यमंत्री अउर संस्कृति मंत्री समेत कई गो मंत्री लोग एगो अइसन कार्यक्रम के हिस्सा बनल, जहँवा अश्लीलता के तांडव होत रहे। बिहार सरकार के चाहीं कि अश्लीलता पर आपन रुख साफ करो, अउर सरकार के ई जिम्मेदारी बा कि अइसन कवनो आयोजन पर तुरंत रोक लगावल जाव," गोपाल राय आगे कहलन।

कुल मिला के कहल जा सकेला कि अश्लीलता के खिलाफ लडाई अब एगो आन्दोलन के रुप ले चुकल बाटे, अउर एकरा के रोकल मुश्किल ही ना, बल्कि असंभव बा।

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Comments (4)
दुःख के बात बा
1 Monday, 20 December 2010 18:29
महुआ हाय हाय , महुआ भाड मे जावो
बहुत ही दुख के बात बा की 30 करोड से उपर भोजपुरियन के अईसे बदनाम होखे के पडत बा । लेकिन हम धन्यवाद दिहल चाहब अशोक दीप जी के , देवी जी के , गोपाल जी के जे महुआ के विरोध करे , महुआ के फईलावल अश्लीलता के विरोध करे खातिर भोजपुरियन के भीतरी एगो नया उर्जा के संचार कईनी ।

अब समय आ गईल बा की भोजपुरी से कोदो निकाल दिहल जाउ ।

जय भोजपुरी
अश्लीलता के विरोध
2 Monday, 20 December 2010 21:11
sanjeet kumar
भोजपुरी संगीत और संस्कृति के नाम पर अश्लीलता फैलावे वाला लोग के न केवल विरोध होखे के चाहिए, बल्कि एइसन करे वाला लोग के बहिष्कार कर देवें के चाहिं। कहें कि वैसने लोग के कारण देश- विदेश में बिहार और भोजपुरी के छवि खराब होता।
महुआ चैनल से निराशा
3 Wednesday, 22 December 2010 11:36
प्रभाकर विश्वकर्मा
महुआ चैनल जब प्रारम्भ हुआ था तो बहुत खुशी हुई थी लेकिन इस चैनल के 24घण्टे के प्रसारण मेँ एक घण्टे भी भोजपुरी साहित्य, कवि सम्मेलन और भोजपुरी गाँवोँ की समस्याओँ को दूर करने सम्बधित कार्यक्रम नहीँ दिखाये जाते हैँ जब कि आदर्श गाँव से सीधा प्रसारण आदर्श ग्राम प्रधान का इन्टरव्यू भोजपुरी कवियोँ साहित्यकारोँ के इन्टरव्यू दिखाये जा सकते हैँ, पर अफसोस महुआ चैनल से भोजपुरी जनता को कोई सार्थक लाभ नहीँ हो रहा है
(प्रभाकर विश्वकर्मा चकिया चन्दौली)
Aslilta
4 Thursday, 23 December 2010 06:41
Kura
Bhojpuri geet may sey ashlilta hatawal bhoot jaroori ho gail batey. Aajkal kay kauno Bhojpuri gana suney laik nahikhay. Bhojpuri kay aajkaal kay gaana barbaad kar rahal batey. E ashlilta khaali paisa kamawey kay saadhan batey. Log kay sochaey kay chahhi ki, hamni kay asisan gaana nahinkhey suney kay baa aur jaha aisan gana baajatatey okar virodh karey kay baatey. Videsh main hamhi baithkay abhi ley kaunao neeman aur parivaar sangey dhekhay-suney laaek gaana kay intezaar kaaratani saan.
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