Home Music News मेरे कैरियर से खिलवाड़ किया है मनोज भावुक एंड कंपनी ने - पंकज प्रवीण

मेरे कैरियर से खिलवाड़ किया है मनोज भावुक एंड कंपनी ने - पंकज प्रवीण

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पिछले साल अक्टूबर में भोजपुरी गीत संगीत की दुनिया में पंकज प्रवीण का नाम अचानक से उभर कर आया और देखते ही देखते भोजपुरी इन्टरनेट की दुनिया में छा गया। भोजपुरी के कई वेबसाइटों पर पंकज प्रवीण के एलबम “दिल दीवाना भइल" का समाचार उनके गीत के साथ प्रकशित भी हुआ था। उसके बाद ना जाने क्यों उनकी कविता और लेख तो बराबर छपते रहे, लेकिन उनके संगीत का सफ़र थम सा गया।

अभी पिछले महीने ही भोजपुरिया डॉट कॉम परिवार के एक सोशल नेटवर्क जयभोजपुरी डॉट कॉम पर पंकज प्रवीण का आगमन हुआ, और उन्होंने अपने अपने दो गीत जय भोजपुरी के लिए उपलब्ध कराये। देखते ही देखते उनके गीत सदस्यों के बीच बहुत लोकप्रिय हो गये, और लोगों ने पंकज से उनके और गीतों को जयभोजपुरी पर उपलब्ध कराने की माँग की। लेकिन जब पंकज की ओर से कोई जबाब नहीं आया तब सदस्यों ने वेबसाइट प्रबन्धन से पंकज के कुछ और गीतों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

पिछले सप्ताह सुधीर कुमार के नेतृत्व में भोजपुरिया डॉट कॉम की एक टीम ने दिल्ली जाकर पंकज प्रवीण से मुलाकात की, तब पंकज प्रवीण के सुरीले सफर के पीछे की एक ऐसी दर्द भरी कहानी का पता चला, जो कि भोजपुरी संगीत जगत में आने की ख्वाहिस रखने वाले नये लोगों की आँखे खोलने के लिये काफी है। हम इस घटना का पूरा विवरण हिन्दी में दे रहे हैं, ताकि भोजपुरी को ना समझने वाले लोग भी इसे पढ पायें। भोजपुरिया डॉट कॉम की टीम से पंकज की बातचीत के मुख्य अंश हम यहाँ दे रहे है:

पंकज जी, भोजपुरी संगीत की दुनिया में आपका नाम जितनी जल्दी आगे आया, उतनी ही जल्दी गुमनामी के अंधेरे में खो भी गया, इसके पीछे क्या कारण है?
सुधीर जी, मैं भोजपुरी और भोजपुरी संगीत के बिना जी नहीं सकता, लेकिन भोजपुरी से जुड़े कुछ लोगों की वजह से में अंधेरे में खो जाने के लिए मजबूर हुँ,  और अब मुझे नहीं लगता की जब तक "मनोज भावुक" जैसे लोग भोजपुरी टेलीविजन और संगीत जगत से जुड़े हैं तब तक कोई भी प्रतिभा भोजपुरी में आगे बढ़ कर कुछ नया कर सकतीं है

क्यों, ऐसा क्या हो गया आप के साथ? थोडा विस्तार में बतायें।
मनोज भावुक ने अपने भाई धर्मेन्द्र सिंह और अपने मित्र राजेश पांडे के साथ मिल कर भोजपुरी में मेरा एलबम बनाने के नाम पर पैसे लिए और 2 साल बाद भी आज तक ना तो मेरा एलबम बनाया और ना ही पैसे वापस किये।
 
मनोज जी आप के साथ ऐसा क्यों करेंगे?  
उन्होंने ऐसा मेरे साथ ही क्यों किया यह तो उनको ही पता होगा लेकिन,  आज से ठीक 2 साल पहले मनोज ने अपने भाई और मित्र के साथ मिल कर एक संगीत कंपनी शुरु की थी, जिसका नाम था "आर डी म्यूजिक"। ये मेरी बदकिस्मती थी कि ठीक उसी समय मैंने मनोज से उनके वेबसाइट पर अपने एलबम के लिए संपर्क किया, तो बात हुई की तुम नये कलाकार हो, इस वजह से तुमको एलबम के पुरे लागत में से आधे पैसे देने होंगे, फिर एलबम को पूरा कर के हम उस को प्रचारित करेंगे। एलबम की रिकार्डिंग का खर्च 30 हजार मुझे देने को कहा गया, और मैने उनकी बात मान कर बीस हजार का अग्रिम भुगतान भी कर दिया।

इसके बाद एलबम को मार्च में पूरा करने की बात कर के वो लोग समय और आगे बढाते गये। इसी बीच एलबम में संगीत की गुणवत्ता के नाम पर पैसे की माँग भी लगातार बढती गई, जो जून तक साठ हजार तक पहुँच गई। उसके बाद लखनऊ के शालू क्रिएशन स्टूडियो में कुछ गीतों की रिकार्डिंग भी कराई गई, इस बीच मैं धर्मेन्द्र और मनोज भावुक को 55 हजार रुपये का भुगतान कर चुका था। चूंकि मैं इस बारे में काफी लोगों को बता चुका था, इसलिये अपना पैसा और इज्जत बचाने के लिये मेरे पास और पैसे देने के सिवा कोई चारा नहीं था। रुपये मिलने के कुछ दिन बाद मनोज ने बताया कि उन्होंने "आर डी म्यूजिक" से अपना नाता तोड़ लिया है, और मेरा एलबम आज तक लखनऊ के स्टूडियो में ही पड़ा हुआ हैं, क्यों कि उन लोगो ने उस को भी पुरे पैसे नहीं दिये थे।
 
लेकिन आपका एलबम “दिल दीवाना भइल” रिलीज तो हुआ था?
जी,  चूंकि इस एलबम की रिलीज में बहुत ही ज्यादा देर हो चुकी थी, जिसके कारण मेरे ऊपर मेरे घर वालों, दोस्तों और शुभचिंतकों की ओर से काफी दबाव था, क्योंकि सबको पता था कि मेरा एक एलबम आने वाला है। मेरे पास मेरे द्वारा रिकार्ड गीतों की एक रफ कॉपी पडी थी, जिसपर मैं खुद तैयारी करता था। उसकी सहायता से दिल्ली के एक स्टूडियो में गीत रिकार्ड कर के मैंने पटना की “पी जी म्यूजिक” को कुछ पैसे दे कर एलबम रिलीज करवाया। यह करना इसलिए भी आवश्यक हो गया था क्योंकि धर्मेन्द्र खुद एक गायक है, और वो लोग मेरे गीतों को अपना नाम देकर रिलीज कराने की तैयारी में लगे थे।

तो फिर आप ने किसी से इस की शिकायत क्यों नहीं की?
मैं अभी बहुत ही छोटा हुँ और मेरे पास किसी का साथ भी नहीं है, लेकिन भोजपुरी से जुड़े हर उस आदमी को, जिसे मैं जानता था, मैंने अपनी दास्तान सुनाई, वक्त आने पर मैं हर उस आदमी का नाम भी आपको बता सकता हुँ, लेकिन अफसोस की बात ये है कि किसी ने मुझे बेवकुफ कहा, तो किसी ने सब कुछ भुला कर दोबारा शुरुआत करने की सलाह दी। वैसे भी मेरे पास धर्मेन्द्र के बैंक अकाउंट में जमा किये गये 20 हजार रुपयों के सिवा बाकी किसी भी चीज का कोई लिखित सबुत नहीं है, क्योंकि बाकी के पैसे नकद में दिये गये थे। एक दो लोगों ने इस बारे में मनोज से बात भी की तो उन्होंने खुद को इस मामले से दुर करने के कोशिस की, इसके बावजुद की उस कंपनी की शुरुआत मनोज भावुक के नाम पर ही हुई थी, और मुझे इस काम के लिये भी उन्होंने ही सबसे पहले टेलीफोन किया था। इस बारे में हर तरह की बातचीत में भी वो शामिल रहे थे।  
 
तो पंकज जी, आज दो साल बाद आप यह बात लोगो के बीच में क्यों ला रहे हैं?
सुधीर जी, इस बात को मैं पहले ही दिन से लोगों को बता रहा था, लेकिन शायद किसी की इसमे रूचि नहीं थी। मैं भी धीरे- धीरे इस बात को भूलने का प्रयास करने लगा, लेकिन कुछ दिन पहले मनोज भावुक के एक मित्र जो एक भोजपुरी वेबसाइट चलाते हैं, वो मुझे ही फ्रॉड साबित करने की कोशिस में लग गये, लेकिन मेरे द्वारा जबाब देने के बाद शांत हो गये। इसी बीच मनोज के एक और धोखाधडी के मामले के शामिल होने की खबर आई। अब मेरी सारी कहानी सुनने और मौजूद प्रमाणों को देखने के बाद ये आप के उपर हैं की आप मुझे न्याय दिलाने के लिए क्या कर सकते हैं? वैसे मेरा मानना है कि इस बात को लोगों तक आप जरुर पहुँचायें, ताकि भोजपुरी संगीत इंडस्ट्री में हो रहे गोरखधंधे के बारे में लोगों को जानकारी मिल सके, और नये गायक मनोज भावुक जैसे लोगों की चंगुल में ना फंसे।
 
Comments (17)
bhai aage badha tahara aaisan bahte log satawal mili
1 Friday, 14 August 2009 18:26
ravi kumar giri
khag jane khagahi ke bhasa ham aapake dard ke samajh sakile bakir aapan dard baya naikhi kar sakat
लाज आवे के चाहीं
2 Friday, 14 August 2009 18:59
Mohan Prasad
मनोज भावुक के ई रुप शायद दुनिया पहिला बेर देखले बाटे.
एगो साहित्यकार अइसन कवनो घिनौना काम कर सकेला, इ त हम सोच भी नइखी पावत.
Bahoot bura lagal - Praveen bhai lagal rahi rau ke koi picche na kar saki
3 Friday, 14 August 2009 20:28
Ashutosh Anand
EE ghatna sun ke bahoot bura lagal. Praveen ji raua ke aapna talent baa okra ke koi na daba pai. Lagal rahi bhai.
Lomdiyo se savdhan.....
4 Friday, 14 August 2009 22:01
Ravi Kant Dubey
Praveen tum kah do Jamane se
Hum aur bhi ubharenge Dabane se..

Par aapki kahani "Jalsajo aur lomdiyo " se savdhan rahne ki prerna deti hai ......
bahut dukhdayee
5 Saturday, 15 August 2009 09:31
sarvesh srivastav
15 august ke sabere eh se bura khabar abhi le na laukal rahe
Pankaj bhai, hamani ka raura sange bani ja, manoj bhawuk ke okara karni ke saza mile ke chahi.
Hi
6 Saturday, 15 August 2009 12:40
Uday Bhagat
Pankaj ji aksar aisa hota hai jab insaan ko unki haisiyat aur kabiliyat se achanak kai guna adhik mil jata hai to wo chahta nahi hai ki koi aage badhe... mere khyal se aapke maamle mein bhi aisa hua hai... par don't worry Pratibha kisi ki mohtaj nahi hoti...ek aapke career ke sath khilwad karega.. to kai haath aapko aage le jane mein sahayta kareinge..... Thanx
sambhal ke
7 Saturday, 15 August 2009 17:51
Shashi Bhushan
duniya bahut kathin hai, chalna jara sambhal ke...
aapki ek baat mujhe achhi lagi, kam se kam aap ne ye baat logo ko batai to sahi, nahi to kai log to apne paisa ke saath saath himmat hi haar jate hain
jai ho
8 Sunday, 16 August 2009 14:54
Manoj
Pankaj bhai, ham raur kahani jaibhojpuri.com per padhle rahni, aa raur geeto sunle bani. ee bhojpuri ke durbhagya hawe ki ee log raura jaisan talented aadmi ke saath aisan kare ke koshish kail. Bakir, raura sange ab pura samaj ba..... raura chintit mat hokhien, ekara ke jail bhejwaye ke hoyee.
gf
9 Sunday, 16 August 2009 23:30
Mantosh Kumar Singh
सच कहल गइल बा की हाथी के दुगो दांत होला। देखवे के अलग अउरी खाये के अलग। मनोज भवुक के भी खाये दांत लौउक गइल। अइसने लोगन के चलते आज भी भोजपुरी आंसू बहा रहल बा। अंगुरी पर गीना सके बाला लोग अपना के भोजपुरिया रक्षक के जामा पहनवले बा। जेकरा माटी में भोजपुरी के महक नइखे उ लोग भोजपुरी के कलाकरन कि जज कर रहल बडऩ। अइस नइखे के की बिहार अउरी उत्तरप्रदेश में प्रतिभा के कमी बा, लेकिन पहिले से प्रसिद्धि पावल लोग ओकरा के आगे नइखे आवे दिहल चाहत बारन। एकर एकही कारन बा कि ओकरा अपनी कुरसी पर खतरा नजर आवत बा। पंकज प्रवीण के प्रतिभा के देखके कई गो लोग के खतरा नजर आवत बा। अइसे में साजिश के तहत उनकरा के आगे नइखे बढ़त दिहल जात बा। अइसन लोग के चलते भोजपुरी के कल्याण अउरी भोजपुरी प्रतिभा के सम्मान ना हो सकेला। पंकज प्रवीण के ही कैरियर के साथे खिलवाड़ नइखे भइल, कइगो लोग अइसन होई जे लोक-लज्जा के चलते कुछ ना बोलत होई। पंकज प्रवीण आपन सच्चाई बात के भोजपुरी के उभरत कलाकारन के एगो रास्ता देखवले बाडऩ। उनकरी लड़ाई में भोजपुरी के रक्षा करे वाला सगरी लोग साथे बा।
More ambitious
10 Monday, 17 August 2009 18:08
Santosh Tiwari
Aesan ba ki ati mahatwakanshi hokhe pe galti ho jala.......lekin manoj bhawuk jetna paisa lele badan... otna paisawa preveenji ke de dihian.....uho mafi ke saath.......tab inkar bare me hamni ke aage soch sakatani ja... nahi t eh tare inkaka ke accept kare pe ab e gandigiye falaihan......
pankaj pravin & manoj bhawok company
11 Monday, 17 August 2009 22:34
abhishek tiwari
kahal ba ki papi katno sudhar jai lekin okara jaisahin kawno lubhawana chij lauki ta okara pa papian ke nigah tendh hoiye jai, ehi pap ke shikar bhail baden pankaj bhai,lekin jab pap ho gail ba ta papi ke sajaa ta milhin ke chahin,agar aise chhod del jai ta papian ke manobal hamesha badhal rahi,jawana aadmi ke khud aapan pariksha deve me dosra aadmi ke kalam ke jarurat padata u aadmi jab khud aapna zindagi se khlwad kare me na hichkichail ta, dosra ke zindagi se khilwad na kari ta ka kari?hamaaar salah ba pankaj bhai ke ki sanyam ke saath kaam lihan, kawno kadam uthawe se pahile kanooni salah leve me na hichkichihen,aaram se aapna hak ke ladai ladas hum sab log unka sath bani jaa
bahut galat bhail
12 Tuesday, 18 August 2009 15:21
Pramod Singh
manoj bhawuk jaise logo ki wajah se log film industry me nahi ja paate. saza milni chahiye.
advice
13 Tuesday, 18 August 2009 16:06
sanjeev kesri
hey praveen,
media jo bhi hai isme acche log bhi hai aur bure log bhi hai, is me har kalakar ka dusra kalakar pair katta hai. aap ke saath jo bhi hooaa, wo aap ko ek saal peeche le kar chala gaya, aaj aap ki album markrt me aa chuki hai, der se hi sahi, aur agar aap ki baat 100% sahi hai ti manoj ko aisa nahi karna chaihiye.
meri subhkamna aap ke saath hai
sanjeev kesri
ranchi
Manoj bhawok & Company
14 Tuesday, 18 August 2009 19:30
Sanjay Yadav
Pankaj ke saath manoj ji bahut bura vartaav kaeelan Manoj Ke Vyohaar dekh ke hamake sharm aa gayeel ab a se jyadaa ka kahi
je galti kari bhagwan saja dihe, ihey dhati pe
15 Wednesday, 30 September 2009 13:59
shyam sunder singh
Manoj je kichu kailye bare thik kaile ki nahi bhagwan ke upar chor dewo ke, agar galti kaile bare ta saja mile baraber mile ji, aur yehi mati me mile aur jaldi mile, pura bojpuri shamaj dekhi, ha bhai jarur dheki, jai bhojpuri samaj ki
xyz
16 Monday, 12 October 2009 21:11
mamta pandey
e jawan bhail hum pankaj ke 1 saal se kahat rani ha ki aisane hola, hum khud bhukt bhogi bani aj se 5 saal pahile manoj matlabi aa wave company mil ke hamar 1 lakh le lihalak log,e log ke kame ihe ha na chori kari log ta a log ke ghar me chulha na jari,
Dhikkar ba
17 Wednesday, 30 December 2009 16:54
sanskritk sutradhar
Dhikkar ba tahara shahityakar hola pe manoj, kavi aa shahityakar ke i roop bhi hola na janat rahi... tahar kartut se pura shahitya jagat sharminda ba... dhikkar ba tahara pe...