(लेखक परिचय: मूलत: देवरिया जिला के निवासी चन्द्र प्रकाश दुबे जी भोजपुरी लेखन में एगो नया नांव हईं। फिलहाल बंगलुरु में कपडा के व्यवसाय में लागल दुबे जी के कई गो रचना पहिले अखबारन में छप चूकल बाटे। हमनी के सहयोगी वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम पर छपल ई समसामयिक आलेख टीवी पर आ रहल कार्टून के प्रभाव पर आधारित बाटे।)
10 अगस्त 2008 के ऊ सांझ हमरा के बढ़िया से याद बिया। दिल्ली के चमचमात पांच सितारा होटल ‘द ओबेराय’ के शानदार हॉल के मंच पर ओह घरी के रेल म...
आज देश पर अब तक भइल सबसे बडहन आतंकी हमला के बरसी हवे, अउर एक पल खातिर हर भारतवासी ओह हर व्यक्ति के श्रद्धांजलि देता, जे एह हमला में मार...
"पंद्रह बरिस ले लालू जवन कइले तवन त लोग भोगबे कइल, अब नीतीशो के काम आंखि के सोझा बा-मिला लीं। लोग बुझिए रहल बा कि ओह पंद्रह बरिस आ एह प...
लेखक परिचय : मूलत: गोपालगंज जिला के निवासी संजीव सिंह जी नवका पीढी के एगो सशक्त रचनाकार बानी। फिलहाल गाजियाबाद में रह रहल संजीव जी के र...