पटना। केन्द्र सरकार द्वारा तेलंगाना के समर्थन देहला के बाद एक ओर जहाँ पूरा देश में नया- नया राज्य के माँगो ह रहल बाटे, ओहिजे दोसरा ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार- झारखंड के दोबारा मिलाये के मांग क के एह विषय के एगो नया दिशा दे दिहले।"बात खाली बिहार आ झारखण्ड के जोडे के नइखे, अगर उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल वाला इलाका के अलग कइल जा रहल बा, त ओकरो के बिहार से जोडल जा सकेला," नीतीश एहिजा जनता दरबार के बाद संवाददाता लोग से कहलन। साल 2000 में काफी लम्बा आन्दोलन के बाद केन्द्र के राजग सरकार बिहार के दू राज्यन में बँटले रहे। आ ओह समय भी एकरा विरोध में कई स्वर उठल रहे।
नीतीश के कहनाम बा कि एगो राज्य पुनर्गठन आयोग बनावल जाव, जवन कि एह तरह के हर राज्य माँग पर स्थिति के समीक्षा क के ओकरा के बाँटे या दोसरा राज्यन में जोडे के सिफारिश करे। एकरा तुरंत बाद नीतीश मिथिलांचल, सीमांचल आ भोजपुर के अलग राज्य बनाये के माँग पर प्रतिक्रिया देवे से इंकार क दिहले।
वइसे पूर्वांचल के मुद्दा पर भोजपुरिया समाज में भी अलग- अलग स्वर उठ रहल बाटे। एक ओर जहाँ भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी पूर्वांचल के समर्थन कइले बाडे, ओहिजे भोजपुरी आन्दोलन से जुडल पूर्व जद-यू सांसद प्रभुनाथ सिंह आ भोजपुरिया समाज के बुद्धिजीवी लोग पूर्वाचल बनाये के माँग के विरोध कइले बा। एह मामला में भाजपा, जदयू आ सपा के विरोध के बाद पूर्वांचल राज्य के गठन के राह आसान नइखे बुझात।


