मुंबई। एतवार (रविवार) के सांझी खान देश के व्यवसायिक राजधानी मुंबई में चोटी के उद्योगपतियन से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलन - प्लीज, बिहार खातिर कुछ करीं। ऊ एहिजा मौजुद उद्यमियन के बिहार में निवेश करे खातिर नेवता भी दिहलन।नीतीश कहलन कि - अगर रउआ बिहार में निवेश नइखी कइल चाहत, तबो बिहार आईं। हम रउआ से वादा कइल चाह तानी कि रउआ बिहार में सुरक्षित रहेब, आ सुरक्षित एहिजा से वापस जायेब। एहिजा प्रसिद्ध बिजनेस अखबार इकॉनामिक टाइम्स द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के "बिजनेस रिफार्मर आफ द ईयर" पुरस्कार से सम्मानित करे खातिर एगो समारोह के आयोजन कइल गइल रहे, जवना में उनुका के वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के हाथ से ई पुरस्कार दिहल गइल। एह मौका पर केंद्रीय मंत्री कमलनाथ आ आनंद शर्मा भी मौजूद रहलन।
सम्मान मिलला के बाद मुख्यमंत्री कहलन कि ई पुरस्कार उनकर व्यक्तिगत काम के इनाम नइखे, बल्कि ओह हजारन लोगन के काम के मान्यता हवे, जे दिन रात बिहार के विकास खातिर काम कइ रहल बा। सही मायना में उहे लोग एकर हकदार बाटे। पहिले ई कहल जात रहे कि बिहार के चलावल संभव नइखे, लेकिन बिहार के लोग ई साबित क देहले बा कि बिहार के सफलतापूर्वक चलावल जा सकेला। बिहार के प्रति लोगन के धारणा बदलल बाटे। हमनी का चार साल पहिले रेमिंगटन टाइपिंग मशीन का संगे काम शुरू कइनी जा, आ अब हमनी के राष्ट्रीय स्तर पर ई-गवर्नेस के क्षेत्र में बेहतर काम करे खातिर पुरस्कृत कइल गइल बाटे।
मुख्यमंत्री के कहनाम बा कि बिहार के संदर्भ में पहिले बैड गवर्नेस के बात खूब होत रहे, लेकिन हमार मानना बा कि पहिले एहिजा गवर्नेस ही ना रहे। लेकिन अब हालात काफी बदल चुकल बाटे। उद्यमियन के विशेष रूप से बिहार आ के कुछ करे के अपील करत नीतीश कहलन कि रउरा बिहार आईं, राउर सुरक्षा के जिम्मेदारी हम लेब। वइसे भी अब बिहार में विधि-व्यवस्था के स्थिति पर केहू चर्चा ना करेला। कानून के राज बा बिहार में। प्रणव मुखर्जी का ओर मुखातिब होके मुख्यमंत्री कहलन कि बिहार की आगे की प्रगति अब प्रणव बाबू पर निर्भर करी। ऊ इहो कहनल कि समावेशी विकास के लक्ष्य बगैर बिहार के विकास के संभव नइखे। जब ले रउरा बिहार खातिर कुछ ना करब, लक्ष्य बहुत मुश्किल बा।
एही क्रम में मुख्यमंत्री एहिजा बिहार मे हर साल आये वाली बाढ़ के भी चर्चा कइलन। अपना संबोधन के आखिर में भी ऊ उद्यमियन से बिहार आये के अपील करत कहलन कि जब औद्योगिक घराना बिहार ना अइहें सन, त फेर एह पुरस्कार के कवनो अर्थ ना रह जाई।




1- सस्ता मजदुर (हर तरह के दिमागी साथ साथ मे देह से मेहनत करे वला भी)
2- सुशासन - नितीश कुमार के राज बिहार के एगो नया रुप देखे के मिलल बा
साथ मे सरकार के पुरा समर्थन , रेल के सुविधा और भी बहुत कुछ ।
उमेद बा नितिश कुमार के ई आहवान बिहार के दशा और दिशा बदल दी और एह नया सकारात्मक बयार के फायेदा निवेश्क , बिहार के जनता दुनो लोग उठाई ।
जय भोजपुरी
Very-Very Thanks , u r doing good job for Bihar & our country..
Regards,
Suraj Babu
GOOD LUCK TO BIHAR.