जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिला के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में साल 1997 में भइल 58 लोगन के हत्या के मामला में अदालत बुधवार के 16 दोषियन के फांसी अउर आठ के आजीवन कारावास के सजा सुनवलस। आजीवन कारावास पाये वाला हरेक दोषी पर अदालत 50,000 रुपया के जुर्माना भी लगवले बिया।पटना के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) विजय प्रकाश मिश्रा के अदालत ने एह मामला के सुनवाई एही साल 31 मार्च के पूरा कइल गइल रहे। न्यायाधीश एहिजा आरोपियन के सजा सुनाते समय कहलन कि एह नरसंहार में आठ-दस साल से भी कम उम्र के लइकन तक के हत्या कइ दिहल गइल रहे। इह बच्चन के दोष खाली एतना रहे कि ई लोग एही गांव में पैदा भइल रहे। सुनवाई के बाद ही ऊ कहले रहलन कि न्यायालय एह जघन्य कांड में सजा देवे के मामला में कवनो कोताही ना बरती।
एह मामला में 16 दोषियन के फांसी अउर आठ के आजीवन कारावास के सजा सुनावल गइल। न्यायालय में उपस्थित बाकी 17 आरोपियन के साक्ष्य के अभाव में बरी कइ दिहल गइल। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुनील कुमार के कहनाम बा कि न्यायालय के ई फैसला उचित नइखे, आ एकरा खिलाफ ऊ उच्च न्यायालय में अपील करिहें। ओहिजे दोसरा ओर के वकील चितरंजन कुमार सिन्हा एह फैसला के सही ठहरावत कहलन कि एह मामला में बरी कइल गइल लोगन के सजा दिलाये खातिर ऊ उच्च न्यायालय के दरवाजा खटखटइहें। इस मामला में 46 आरोपियन के खिलाफ मुकदमा चलल. जवना में 91 गवाह लोग अभियोजन पक्ष का ओर से गवाही दिहल।
एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि एक दिसंबर 1997 के लक्ष्मणपुर बाथे गांव में निजी रणवीर सेना के सदस्य लोग हमला कइ के 32 औरतन आ पांच बच्चन समेत 58 लोगन के हत्या कइ देले रहे। एह मामला में पुलिस अपना प्राथमिकी में 26 नामजद आ 125 अज्ञात लोगन के आरोपी बनवले रहे, जवना में रणवीर सेना के प्रमुख ब्रह्मश्वर सिंह उर्फ मुखिया भी शामिल रहलन।
पुलिस एह मामला के जांच के बाद 48 आरोपियन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कइले रहे, आ 16 लोगन के फरार घोषित कइले रहे। पुलिस के एगो अधिकारी के मुताबिक सुनवाई के दौरान ही दू लोगन के मौत हो गइल। पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद एह मामला के सुनवाई रोज होत रहे।


