पटना। देश में गरीब आ पिछड़ा मानल जाये वाला राज्य अब देश के नक्शा बदले जा रहल बा। बिहार के राजधानी पटना अब देश का पहिला अइसन शहर होई, जहँवा सबसे पहिले मोनो रेल दौड़ावे के सपना साकार होखे जा रहल बाटे। बिहार सरकार एकरा खातिर अपन सहमति दे दिहले बिया, अउर एह काम के जल्द से जल्द पूरा के करे खातिर रेलवे के इकाई 'राइट्स टेक्नो इकोनोमिक फिजिबिलिटी' एह पर अध्यन कइ रहल बाटे।एकरा से पहिले पटना में मेट्रो रेल लावे के के बिचार होत रहे अउर मंजूरी भी मिल गइल रहे लेकिन राजधानी पटना के सड़कन के वर्तमान से अउर अधिक चौड़ा कइल संभव नइखे जेकरा बजह से मोनो रेल रेल के पटना में लावे के फैसला लिहल गइल । पटना के वर्तमान सड़कन के स्वरूप के बिना बदलले मोनो रेल के खातिर रोड डिवाइडर पे ही पिलर बना के ओकरा उपर से मोनो रेल चलावल जाई। रेल मंत्रालय एकरा खातिर पटना जंक्शन से पटना के हर मुख्य इलाका के एक दूसरा से जोड़े खातिर चार गो ट्रैक के निर्माण करे के योजना रहल बाटे, जेकरा पर सरकार के सहमती भी मिल गइल बा।
विश्व में मोनो रेल फिलहाल अमेरिका, जर्मनी, जापान, मलेशिया जइसन कुछ देशन में ही चल रहल बाटे। इ रेल कम लागत, प्रदूषण मु्क्त, हल्का अउर बहुत तीव्र गति से चलेला। एह मामला में पथ निर्माण मंत्री प्रेम कुमार कहलन कि पटना के तेजी से बढ़त आबादी के देख के ही बिहार सरकार मोनो रेल परियोजना पर काम कइल शुरू कइले बिया। रेल मंत्रालय के सहमति मिलला के बाद एकरा निर्माण में आने वाली परेशानी अब दूर हो गइल बाटे।



