Home Samachar Bihar बुनियादी ढांचा पर बिहार में बड़हन निवेश के शुरुआत

बुनियादी ढांचा पर बिहार में बड़हन निवेश के शुरुआत

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पटना। बिहार में भी अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बड़-बड़ परियोजना पर काम शुरू होखे जा रहल बाटे। एह परियोजना के पहिला चरण के अंतर्गत 1,500 करोड़ रुपया से ज्यादा के लागत से गंगा नदी पर प्रस्तावित बख्तियारपुर अउर तेजपुर के जोड़े वाला वाला पुल बनावल जा रहल बाटे। एह पुल के बनला से उत्तर बिहार अउर दक्षिण बिहार के आपस में जोडे में मदद मिली।

सार्वजनिक-निजी भागदारी (पीपीपी) मॉडल पर बने जा रहल एह पुल आ एह तक पहुँचावे वाली सडक के बनावे में करीब 5 साल के वक़्त लागी अउर एह परियोजना के पूरा करे के जिम्मा हिंदुस्तान इंजीनियरिंग सिंडिकेट के सौपल गइल बाटे। एह बारे में बतावत राज्य पथ निर्माण विभाग के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत जी कहलन कि एह पुल के निर्माण में कुल मिलाकर 1502.74 करोड़ रुपया के लगत आई। एह में से करीब 40 फीसदी हिस्सा राज्य और केंद्र सरकार लगाई, जबकि जबकि बाकी के रकम (करीब 900 करोड़ रुपया) के इंतजाम हैदराबाद के कंपनी हिंदुस्तान इंजीनियरिंग सिंडिकेट (एचईएस) प्रा. लि. के करे के होई। उहाँ का बतवनी की एह परियोजना पर मानसून के बाद काम शुरू होखला के उम्मीद बा।

एह पुल के लंबाई 5.5 किमी होई जबकि एह पुल तक पहुचे वाली सडक के लम्बाई 46 किलोमीटर होई आ सड़क आ पुल दुनो चार लेन के होई। एह पुल के निर्माण के बाद 30 साल खातिर एकरा के लीज पर दिहल जाई, जवना से टोल टेक्स के जरिये एकर लागत के निकालल जाई। एह पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के जोडे में काफी सहूलियत होई। अभी गंगा नदी पर मौजूद महात्मा गांधी सेतु पर काफी दबाव बाटे, जवन कि एह पुल के बनला के बाद काफी कम हो जाई।

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