सिवान। सिवान जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूर रघुनाथपुर प्रखंड के पंजवार गाँव में 9 अगस्त 2010 के प्रभा-प्रकाश डिग्री कालेज के शिलान्यास वइसे त सामान्य बात लागत बा लेकिन ओह क्षेत्र के लोगन खातिर ई कई सालन के तपस्या के फल बा। आज के भौतिकवादी युग में जब सब कुछ पैसा पर तौलल जा रहल बाटे, आम आदमी के सहयोग से सुदूर देहात में एगो डिग्री कालेज के स्थापना कवनो परिकथा से कम नइखे। पंजवार गाँव इलाका के सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जानल जाला। पहिले से हीं गाँव में बालिका इंटर कालेज, दुर्लभ साहित्य से सुसज्जित पुस्तकालय आ मान्यता प्राप्त संगीत महाविद्यालय अवस्थित बा। कमी रहल हा एगो डिग्री कालेज के, जवन अस्तित्व में आ चुकल बाटे।
गाँव के शैक्षणिक सांस्कृतिक विकास खातिर आपन सर्वस्व लुटावे खातिर हमेशा तैयार रहेवाला घनश्याम शुक्ल जी के आँख के आंसू थमे के नाम ना लेत रहे। हजारों के भीड़ में हर एक इंसान शुक्ल जी के जज्बा आ उत्साह के सलाम करत रहे। मुख्य अतिथि डा० राजदेव सिंह (कुलपति, बिहार वि० वि० मुजफ्फरपुर) के शब्दन में शुक्ल जी मालवीय जी के अवतार रूप बानी। कार्यक्रम के अध्यक्ष डा० वीरेन्द्र नारायण यादव (पूर्व निदेशक, बिहार राजभाषा परिषद) के अनुसार पंजवार गाँव के लोग अपना संसाधन से एह कालेज के बुनियाद रख के ई साबित कर देले बा कि भोजपुरिया माटी के लोग अपना आंखी के हर एक सपना पूरा करे में सक्षम बा। अति विशिष्ट अतिथि बनारस हिन्दु विश्वविधालय के जैव -प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष डा० रमाशंकर दुबे जी त पूरा देश में उच्च शिक्षा के स्थिति पर असंतोष व्यक्त कइनी आ गाँव के लोगन के सराहना करे में उन्हा के पास शब्द ना जुट पावत रहे। जय प्रकाश विश्वविद्यालय के डा० अशोक कुमार जी विश्वास दिलवनी कि जहिया कालेज प्राथमिक आवश्यकता के पूरा कर लिही, ओह दिने ओकरा के मान्यता प्रदान कर दिहल जाई।
कार्यक्रम के शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन से भइल। स्वागत गान के पश्चात कालेज के प्राचार्य मोहन प्रसाद विद्यार्थी जी द्वारा प्रतिवेदन पढ़ल गइल। विशिष्ट अतिथि आ मुख्य अतिथि के संबोधन के बाद अध्यक्षीय भाषण भइल। एह अवसर पर स्थानीय विधायक जगमातो देवी, स्थानीय विधान पार्षद मनोज सिंह समेत अनेक गणमान्य लोग, आ सम्मानित शिक्षक लोगन का संगे-संगे हजारन के संख्या में अभिभावक आ विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।




je apna athak prayash se bina kauno sahayta ke andhera me roshni kar rahal ba log.
Jaibhojpuri
Pankaj Praveen
एकरा बारे हमनी के सक्रिय सद्स्य संजय भाई से जानकारी मिलल रहल आ मालुम पडल रहे की उँहा के भी लागल बानी शुकल जी साथ निभावे मे आ आज ई जान के खुशी भईल की सफलता कदम चुमलस ।
ई समाचार और कई गो भोजपुरियन के उत्साह बढाई आ हम उमेद करत बानी की भोजपुरी क्षेत्र के विकास अब केहु रोक ना सकेला ।
जय भोजपुरी