पटना। बिहार में चुनाव अभियान शुरू होखे से पहिले ही शनिवार के पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के राजद अउर पूर्व उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान के लोजपा के जबरदस्त झटका लागल बा। इ झटका देहले बाडन पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश सिंह, जे राजद छोड़ के कांग्रेस में शामिल होखला के घोषणा कइ देहलन, ओहिजे दोसरा तरफ लोजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा पूरी तरह से सत्तारूढ़ जद-यू में शामिल हो गइल बा। एह लोगन के अलावा पूर्व मंत्री आ राजद नेता सरफराज आलम के अतवार के जद-यू में शामिल भइला से रहल-सहल कसर भी पूरा हो गइल।
अखिलेश सिंह के साथे राजद महासचिव शमशेर आलम, सचिव मुमताज अहमद अउर रघुपति प्रसाद सिंह कांग्रेस में शामिल हो गइल बा लोग। रघुपति प्रसाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के भाई हवन। पत्रकारन से बातचीत में अखिलेश सिंह कहलन कि "हम कुशासन बाबू (लालू प्रसाद) अउर सुशासन बाबू (नीतीश कुमार) दूनो लोग के देख चुकल बनी जे अगड़ी जाति के बात करेला लोग। हम राजद छोड़ के कांग्रेस में शामिल होखे के फैसला कइले बानी, जहाँ धर्म अउर जाति के भेदभाव के छोड़ के राजनेता लोगन के सम्मान होला।"
अखिलेश सिंह के कांग्रेस में अइला से कांग्रेस के गया, जहानाबाद, अरवल अउर भोजपुर जिला में लाभ हो सकेला। ओने लोजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सैयद अफजल अब्बास, उपाध्यक्ष मासूम रजा, चौधरी मसूद आलम, 14 महासचिव, 4 सचिव आ कोषाध्यक्ष शनिचर के एक संगे सत्तारूढ़ जद-यू में शामिल हो गइल लोग।
वइसे पूर्व मंत्री आ राजद नेता सरफराज आलम के जद-यू में शामिल होखे के पहिलहीं से कयास लगावत जात रहे, काहें कि हाल में ही आलम के बाबुजी अउर पूर्व केंद्रीय मंत्री तस्लीमुद्दीन आरजेडी छोड के जद-यू में शामिल हो गइल रहलन। आलम साल 1996 से 2000 तक बिहार के अररिया जोकिहाट से विधायक रहलन, अउर साल 2001 से 2005 तक राज्य सरकार में राज्यमंत्री का रूप में काम कर चुकल बाडे।



देखी फोटो मे भी एक दुसरा के गले ना एक दुसरा के चांपे के कोशिश करत बाडन स !