पटना। चुनाव से पूर्व नेता लोगन के दल बदलल कौनो नया बात नइखे। विधानसभा चुनाव के पहले बिहार के राजनीती में दल बदल के खेल अपना चरम सीमा पर बा। एक दल से "रिजेक्टेड" भइल नेता दूसरा दल खातिर "परफेक्ट" बन गइल बा लोग।
दल-बदल के एह ताजा घटना क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद अउर लालू प्रसाद की पत्नी राब़डी देवी के छोट भाई सुभाष यादव अपना भाई साधु यादव के नक्शा कदम पे चलत, जीजा जी के साथ छो़ड देहलन त जनता दल (युनाइटेड) के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह लालू से हाथ मिला के राजद के दामन थाम लेहलन। राजद के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह लालू के मनवला के बावजूद राजद छो़ड कांग्रेस से हाथ मिला लेहले बाडन त राजद के सांसद एवं प्रभुनाथ सिंह के घुर विरोधी उमाशंकर सिंह के राजद से नाराजगी अब केहु से छिपल नइखे। राजद के बाहुबली सांसद रही चुकल तस्लीमुद्दीन नीतीश से गले मिलत बाडन त लालू जद (यु) विधायक रामप्रवेश राय के माला पहिना के स्वागत करत बाडन।
राजद सरकार में मंत्री चुकल सरफराज आलम अपने पिता तस्लीमुद्दीन के तरह राजद से किनारा कर नीतीश के नेतृत्व में आपन राजनीतिक भविष्य तलाश रहल बाडन त विधान परिषद के पूर्व उपसभपति वीरेन्द्र कुमार चौधरी जद (यु) को छो़डकर राजद में शामिल हो गइलन। रूपौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक बीमा भारती और दलसिंह सराय के विधायक रामलखन महतो भी चुनाव के पाहिले ही पाला बदल के जद (यु) में शामिल हो गइल लोग।
एही तरह पार्टी बदलने में माहिर समझे जाये वाला पूर्व सांसद नागमणि और उनकी पत्नी एवं पूर्व मंत्री सुचित्रा सिन्हा नीतीश के साथ छोड़ के अब कांग्रेस के लिए वोट मांगत बा लोग त लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक इजहार अहमद लोजपा छो़ड जद (यु) के लिए मतदान करे के अपील करिहन। ऐने, चुनावी रणभूमि में जाये से पहिले ही लोजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरशद अब्बास, लोजपा छो़ड के जद (यु) में अपना विश्वास देखा रहल बाडन। एह से पाहिले नीतीश सरकार में मंत्री रह चुकल जमशेद अशरफ कांग्रेस में शामिल हो गइलन।



एडजस्टमेंट अपना सबसे उंच जगहि पे बा की कुछ औरि ?
दलबदलउवो ने बिहार की राजनीति को झकझोर के रख दिया है।