Home Samachar Bihar भैंस चरा रहल बा एगो स्विस इंजीनियर

भैंस चरा रहल बा एगो स्विस इंजीनियर

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गया। शांति के तलाश में स्विटजरलैंड के जिनेवा शहर से भारत आइल युवा कंप्यूटर इंजीनियर डेविड जेनडर के भगवान बुद्ध के तपोभूमि बोध गया एतना पसंद आइल कि उ एहिजे के बन के रह गइलन। भारतीय संस्कृति का संगे-संगे भोजपुरिया शिष्टाचार डेविड के रोम रोम में बस गइल बाटे। आस पास के स्कूलन के बच्चन के अंग्रेजी, कंप्यूटर अउर खेल के शिक्षा देहला से फुर्सत मिलते साथ डेविड भैंस चरावे खेतन का ओरी निकल जालन। साथी चरवाहन से हिंदी में बातचीत करेलन, आ भोजपुरी में गाना भी गावेलन।

"एकोलस देला तेरे" नामक एगो गैर सरकारी संगठन के सदस्य के रूप में बोधगया में आइल डेविड जेनडर संस्था द्वारा संचालित स्कूलन में लइकन के अंग्रेजी, कंप्यूटर आ खेल के शिक्षा देवेलन। डेविड जब पहिला बेर बोधगया आइल रहलन त गाँव के आसपास के लोगन के भैंस पर पर बइठ के ओकरा के चरावत देख के आश्चर्यचकित हो गइल रहलन। तब से ही उनका मन में भैंस चरावे के इच्छा रहे, आ अबकी बेर बोधगया आवते उ 14 हजार में एगो भैंस खरीद के ओकर देखभाल का संगे-संगे ओकरा पीठ के सवारी के आनंद लेवे लगलन।

विश्व के 15 से जादा देशन के भ्रमण कर चुकल डेविड के बोधगया में अदभूत शांति के अनुभूति होला। उनकर संस्था राजस्थान, बंगाल अउर बिहार में चल रहल बाटे। हिन्दी, भोजपुरी सिखला के बारे में एगो घटना के जिक्र में डेविड बतवलन कि जब पिछला बेर उ एहिजा आइल रहलन त एगो मुर्गा के देख के डेरा गइल रहलन। एकर पता चलते ही लोग डेविड के मुर्गा कह के पुकारल शुरू कइ दिहल अउर डेविड के उपनाम मुर्गा कुमार हो गइल। एकरा बाद सरस्वती शिशु निकेतन में लइकन का संगे डेविड हिंदी सिख गइलन। डेविड के पिता एगो स्कूल के केमिकल टीचर हउवन अउर माई ट्रैफिक पुलिस में कार्यरत बाड़ी। साल 2000, 2001 अउर 2005 में बेस्ट कंप्यूटर इंजीनियर के पुरस्कार पावे वाला डेविड कई फोन कंपनी में काम कर चुकल बाडन।
 
Comments (2)
जय हो
1 Monday, 11 October 2010 17:51
Navin Bhojpuria
सही बा सीखे के चाही , एह खातिर कवनो लाईसेंस के जरुरत थोडे बा बस तनकि सा सेंस होखे के चाही ।

आ देखला पे त सेंसियाईल लागत बाडे ...

जय हो
jai bhojpuri
2 Sunday, 17 October 2010 17:24
shashi kumar singh
hamani ke sansakrite ke bate kuchh auar baa