मुजफ्फरपुर। अभी तक आप एटीएम से जो पैसे निकालते हैं, उसके लिए आपको लिखित में आदेश देना होता है, लेकिन अब जल्द ही एटीएम मशीन आपकी आवाज सुनकर आपके निर्देश का पालन करेगी। जी हां, उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक ने ऐसी एटीएम सेवा शुरू करने का फैसला किया है।
इस सेवा को वॉइस एटीएम सेवा कहा जाएगा। उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक ने इस मशीन को फिलहाल मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बेतिया, मधुबनी, मोतिहारी, सीतामढ़ी, शिवहर, हाजीपुर, छपरा, सीवान, गोपालगंज, अररिया, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा, कटिहार और किशनगंज में शुरू करने की योजना है बनाई है।
इसके लिए एटीएम से पैसे निकालने के लिए सबसे पहले कार्ड को इंसर्ट कर अंगूठे का निशान लगाना होगा। इसके बाद आपको एटीएम मशीन की आवाज सुनाई देगी, जो आपसे पूछेगी कि कितने पैसे चाहिए। आप का जवाब सुनते ही एटीएम से उतना पैसा बाहर आ जाएगा।
उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के चेयरमैन डॉ. आर. एस संगापुरे का कहना है कि बैंक का लक्ष्य 2011 तक उत्तर बिहार में 30-35 वाइस एटीम लगाने का है और इसके लिए काम भी शुरू कर दिया गया है। इस सेवा का सबसे ज्यादा फायादा नेत्रहीन व निरक्षर व्यक्तियों को होगा। वे दूसरे की सहायता के बगैर एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अब ग्रामीण इलाकों के निरक्षर भी बायोमैट्रिक एटीएम सुविधा का आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सिर्फ अंगूठा लगाना होगा। अंगूठा का निशान मिलने पर ही पैसा निकलेगा। उन्होंने कहा कि 2011 तक 430 बायोमैट्रिक एटीएम केंद्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 2010 से ग्रामीण इलाकों में स्टाल लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) में कार्य करने वाले मजदूरों की मजदूरी के भु्गतान में गड़बड़ी की शिकायतें अक्सर सुनी जाती है। इसलिए नरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को भी इस एटीएम सेवा से जोड़ा जाएगा। (एजेंसी)


