सीतामढी। बिहार के सीतामढी जिला में शनिचर के भोरे बागमती नदी पर बनल एगो तटबंध के टूट गइला से लगभग 200 गांवन में बाढ के स्थिति पैदा हो गइल। एह बाढ में एगो महिला के मौत आ आधा दर्जन लोगन के बह गइला के भी खबर बा। सरकारी सूत्रन से मिलल जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर आ दरभंगा के कई गांवन में भी बाढ के पानी घुस गइल बाटे। एह मामला में सबसे चौंकाये वाला बात इ बा कि एक दिन पहिले ले जिला प्रशासन आ सरकारी इंजिनियर लोग दावा करत रहे कि ई तटबंध के कवनो नुकसान ना हो सकेला, आ ई पुरा तरह से सुरक्षित बाटे। अभी पिछिला साल ही एकर मरम्मत कइल गइल रहे। एह विषय पर गाँव वालन के आरोप बा कि बांध में 6 इंच के छेद देखला के बाद ऊ लोग शिकायत कइले रहे लेकिन प्रशासन ओह पर कवनो कार्यवाही ना कइलस। ई तटबन्ध सीतामढी जिला के रुन्नी सैदपुर प्रखण्ड के ताजपुर गांव के करीब में लगभग 50 फीट टूटल बाटे।
तटबंध के जाँच खातिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एगो उच्चस्तरीय जाँच दल भेजे के फैसला कइले बाडे, जवना में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव, दूनो विभाग के मंत्री आ राष्ट्रीय आपदा राहत बल के पदाधिकारियन के शामिल कइल गइल बा। बाढ से प्रभावित गांवन में राष्ट्रीय आपदा राहत बल के एगो बटालियन भी भेजल जा रहल बा।
एकरा अलावा मुज्जफरपुर जिला के कटरा प्रखंड में लखनोई नदी के तटबंघ में भी दरार आ गइल बा, जेकरा वजह से मोहनपुर, शहरौली, डुमरी, खंगुरा आ कई गो आउर गांवन में बाढ के पानी फैल गइल बाटे।
पिछिला साल के कोसी के बाढ के चित्र अभी लोगन का दिमाग से ठीक से उतरल नइखे, जेकरा बाद राज्य सरकार तटबंधन के सुरक्षा आ मरम्मत खातिर बड- बड दावा कइले रहे। एह साल भी कई जिला में बारिश आ खास क के नेपाल में भारी बरखा भइला का वजह से राज्य में कोसी, गंडक बूढ़ी गंडक आ बागमती अभी से उफना रहल बाडी सन।



I would like to request the CM (Mr. Nitish Kumar) of BIHAR to become strict and sure punish those officer who is responsible to destroy life of some people of flood region.
Thanks & Regards
AKHILESH MISHRA
DUBAI