पटना। महुआ चैनल के रियलिटी शो "सुर संग्राम" के फाइनल के दौरान पटना के गाँधी मैदान में हालात एतना बिगड गइल कि पुलिस के लाठी चार्ज करे के पडल, जवना में दर्जनन लोग घायल भइल बाटे। पुलिस से टकराव के बाद गांधी मैदान में खिसियाइल दर्शक लोग कई जगह आग लगा दिहल, अउर कार्यक्रम के बीच में ही रद्द करे के पडल। वइसे कुछ अपुष्ट सूत्रन के अनुसार घायलन के संख्या 100 से बेसी भी हो सकेला। घायल लोगन के अस्पताल में भरती करावल गइल बाटे।हमनी के मिलल सूचना के अनुसार करीब 9 बजे भइल एह घटना के समय स्टेज पर कुछ कलाकारन के नाच-गाना चलत रहे। वइसे कुछ प्रत्यक्षदर्शी लोगन के इहो कहनाम बा कि दर्शकन के एगो हिस्सा कार्यक्रम में गीत-संगीत के बहाने देखावल जा रहल अश्लीलता से भडक गइल, जवना के रोकल पुलिस खातिर आसान ना रहे। ओकरा बाद आनन-फानन में कार्यक्रम रोके के पडल, अउर कलाकार लोगन के भीड से बचावत होटल में ले पहुँचावल गइल।
वइसे अश्लीलता के खिलाफत करे वाला कुछ लोगन के सुर-संग्राम के एतना अटपटा तरीका से बंद भइला में कुछो गलत नइखे लागत। "जवना तरह से सुर-संग्राम के मंच पर अश्लीलता फैलावत जात रहे, अउर जवना तरह से आयोजक लोग एह कार्यक्रम के बहाने भोजपुरी के बिहार अउर उत्तर प्रदेश में बाँटे के कोशिश कइल, ओकरा से भोजपुरिया समाज में नाराजगी रहल। कई जगह एह बात पर चर्चा होत रहे कि ई कार्यक्रम बिहार अउर उत्तर प्रदेश में दूरी बढा रहल बाटे, जवन कि उचित ना कहल जा सकेला," भोजपुरी मंच के रमेश सिंह कहलन। रमेश सिंह इहो कहलन कि महुआ वाला लोगन के आगे से अइसन कवनो कार्यक्रम कराये से पहिले भोजपुरिया समाज के भावना के ख्याल राखे के चाहीं।
एह से पहिले कार्यक्रम में रवि किशन दूनो फाइनलिस्ट ममता राउत अउर रघुवीर के मंच पर जोरदार अंदाज में स्वागत कइलन। ओकरा बाद शारदा सिन्हा, तनुश्री दत्ता, मनोज तिवारी, मालिनी अवस्थी, पवन सिंह समेत कई गो कलाकारन के कार्यक्रम भइल। बीच में कार्यक्रम रुकला से पहिले मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल देवानंद कुंवर, विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री गिरिराज सिंह, श्रम संसाधन मंत्री जर्नादन सिंह सिग्रिवाल अउर कला संस्कृति मंत्री सुखदा पाण्डेय आ महुआ टीवी के मालिक पीके तिवारी ओहिजा मौजुद रहे लोग।
गांधी मैदान से आ रहल रिपोर्ट के मुताबिक एह कार्यक्रम में सुरक्षा खातिर खाली 25-30 गो निजी सुरक्षाकर्मी के व्यवस्था रहे, अउर बाकी के पुरा जिम्मा बिहार पुलिस का लगे रहे, जवन कि नाकाफी रहे। कुछ लोग त दबी जबान में इहो कहता कि पिछला साल एह कार्यक्रम में जवना तरह के हंगामा भइल रहे, ओकरा से आयोजक लोग तनिको सीख ना लिहल। एहिजा ई बतावल जरुरी बा कि पिछला साल भी एह कार्यक्रम में भइल लाठी-चार्ज में कई लोग घायल भइल रहे।



आजु जवन लोग घाही भईल बा का ओकर जिम्मेवारी एह कार्यक्रम के कलाकार लोग आ महुआ टी वी लिही ?
काहे ना प्रशासन प्रायोजक लोगन के खिलाफ केस दर्ज करत बिया ।
ई बस नौटंकी बना के भोजपुरी के बेचे किने मे लागल बाडन स आ हमरा इहो सुने मे आईल हा की लगभग मय कलाकार मंच पर से खुब अश्लीलता परोसल हा लोग ।
का नरक कई देले बाड स रे ।
मान जा स मान जा स
अब ना जगेब लोग त माई बहिन के इज्जत छिना गइला के बाद जागेब लोग का ? बात हमार बिख नियर बा, लेकिन तनी सोचब लोग . . . बिल्कुल सही बा ।
जय भोजपुरी ।
अनिल जी तनि वोह तरिका के कई के देखाई
चुकि अश्लीलता वोह मंच से फईलावल जात रहल हा त विरोध का हम घर के सिटकिनी बन कई के करी ?
अश्लीलता के विरोध हर जगह हर तरह से होई । अब सिटकीनी खोल के बहरी निकले के जरुरत बा आ नीमन से धोवे के जरुरत बा अश्लील गाये वाला लोगन के ।
आई भोजपुरी खातिर कुछ कईल जाउ
अब ना जगेब लोग त माई बहिन के इज्जत छिना गइला के बाद जागेब लोग का ? बात हमार बिख नियर बा, लेकिन तनी सोचब लोग . . . बिल्कुल सही बा ।
Ka haal chall bha?
It was most disturbed moment for me to see when Hon'ble Governor of Bihar, Dy CM was present and many more.
The vulgarity is another thing. The event should have been organized in the manner it has been organized in Mumbai Andheri Sports Complex. Secondly, it was wrong in the part of organizer to go ahead with the event during Patna Book Fair. The organzing committee is responsible for disturbances and ultimately Bihari Asmita badnam ho gayeel ba.
Rawwa log ke sonchai ke pari ke Bihari Swabhiman first baa, tub baaqi sab.
Bye.
Imran, Muscat, Oman
eh tarh kai ghatna se bhojpuri bhasa aur is se judal log kai man kaphi gussa ba.
dhanyvaad.
बिहार के बदनामी आ भोजपुरी के बदनामी अश्लील गीतन से होत बा की ना ?
" मिसिर जी ठंढा बानी " जईसन गाना अगर बाजी आ केहु " मेहराउर के लालीपाप लागत बा आ चुसी " त का बिहार आ भोजपुरी के नाव होई ?
एकर विरोध खातिर रवुआ सभ चुप बानी लेकिन जवन लोग जमीन पे रही के एकर विरोध कईल वोह खातिर रउवा सभ के शब्द कोष मे कुछुवो ना ?
तनी सोची की का उपर वाला गाना रउवा अपना बहिन , माई , चाची सन्गे देख आ सुन सकत बानी ?
सोच के बताईब
@राहुल
ई बताई की जब गांव मे आगी लागी आ राउर घर जरत रही (ढेर आगी रउवा घर मे लागल रही ) त कवन घर बचाईब पहिले ?
रउवा ई कईसे जानी गईनी की जे अश्लीलता के विरोधी बा उ हिन्दी फिल्म मे अश्ल्लील्ता देखत होई ?
कम से कम आहे पे गरई जनि पकडी
हम मानत बानी की रवुआ सवख होई , अपना घर परिवार के संगे चोली खोल देब , लहंगा उठा के आ खोले के बईठल बानी आ गमछा पे आ जा आ मिसिर जी ठंढा आ शीला के जवानी के सुने के लेकिन एगो आम साधारण भोजपुरिया परिवार एह के ना बरदास्त कई सकेला ।