पटना। यूपीए में भ्रष्टाचार अउर घोटालन खातिर परोक्ष रूप से गठबंधन के मजबूरी के जिम्मेदार ठहराये खातिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के विपक्ष आड़े हाथों लिहले बाटे। बीजेपी के कहनाम बा कि खिलाड़ियन पर गलती थोपला का बजाय कप्तान प्रधानमंत्री के खुद भी जिम्मेदारी लेवे के चाहीं। ओहिजे, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलन कि जवन गठबंधन सरकार भ्रष्टाचार के बढ़ावा देव, अउर जेकरा कारण देश टुकड़े-टुकड़े में बंट जाव, ओकरा के चलाये से मना कइ देवे के चाहीं। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया अउर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी का संगे नई दिल्ली में बैठक कइ के पटना लवटला पर नीतीश प्रधानमंत्री पर निशाना सधलन। बिहार के मुख्यमंत्री के कहनाम बा कि प्रधानमंत्री पर केहु व्यक्तिगत दोषारोपण नइखे कइले, लेकिन ऊ तबो अगर अइसन स्वीकार कइ रहल बाडन, त फेर दाल में कुछ काला जरुर बा। नीतीश के अनुसार भ्रष्टाचार एह समय देश के एगो ज्वलंत मुद्दा बा, अउर बिहार के एनडीए सरकार एकरा के कतई बर्दाश्त ना करी। केन्द्र के समझे के चाहीं कि भ्रष्टाचार के कारण सरकार के विश्वसनीयता पर भी संकट आयेला।
नीतीश कुमार जब ई पूछल गइल कि गुजरात के एगो मंत्री के बचाये खातिर संसद के सत्र चले नइखे दिहल जा रहल बाटे, त उ एकरा के आरोप-प्रत्यारोप के बात बतवलन। "जवन सरकार संसद ना चला सकेले, ऊ देश चलाये के दावा कइसे कर सकेले?" देश के अगिला प्रधानमंत्री बनला के सवाल बार-बार पूछला पर नीतीश कहलन कि, "ई एगो मजाक हवे। हमरा खातिर त अइसन सोचल भी दुस्साहस बा। बिहार के जनता हमरा के भारी बहुमत से दोबारा सरकार बनाये के मौका देले बिया, अगर हम ओह लोगन के सेवा भी बढिया से कइ पाईं, त ई हमरा खातिर बडहन बात होई।"


