बक्सर। भोजपुरी अकादमी के चेयरमैन रवि कांत दुबे के खिलाफ बक्सर की जनता सडकों पर आने को बेताब है। जनता की इसी भावना का सम्मान करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष केदार नाथ तिवारी ने राज्य सरकार से दुबे को यथाशीघ्र बर्खास्त करने, और पूरे मामले की न्यायिक जाँच कराने की माँग की है। इस बारे में भोजपुरिया डॉट कॉम से एक खास बातचीत में केदार नाथ तिवारी ने रवि कांत दुबे पर कई गंभीर आरोप लगाये, और इस मामले को भाजपा के प्रदेश नेतृत्व तक ले जाने की बात कही।उधर, दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल कुमार त्रिवेदी इस घटना से खासा आहत दिखे। "जब सरकार किसी व्यक्ति की किसी भी पद पर नियुक्ति करती है, तो उसके चरित्र से लेकर उसके इतिहास के हर पहलू की जाँच की जाती है, लेकिन रवि कांत दुबे के मामले में सारी प्रक्रिया को ताक पर रखते हुए उनके दागी चरित्र को दरकिनार कर दिया गया। अगर भोजपुरिया डॉट कॉम द्वारा लगाये गये आरोपों में थोडी भी सच्चाई है, तो यथाशीघ्र रवि कांत दुबे को बर्खास्त किया जाना चाहिए," भोजपुरिया डॉट कॉम से बातचीत में उन्होंने बताया।
कल शाम यहाँ साहित्यिक संस्था भोजपुरी साहित्य मंडल के बैनर तले बक्सर में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष डा. रविकांत दूबे पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक नैतिकता के आधार पर रवि कांत दूबे से इस्तीफे की मांग की गई। यहाँ हुई प्रेस वार्ता में संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार त्रिवेदी, महासचिव डा. अरुण मोहन भारवि व सचिव राहुल आनंद ने कहा कि भोजपुरी भाषा के प्रतिष्ठित पद पर बैठे व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगने से अकादमी का दामन दागदार हुआ है, जिस से भोजपुरिया समाज खुद को आहत महसुस कर रहा है। यहाँ वक्ताओं ने भोजपुरी साहित्य में बिना किसी योगदान के रवि कांत दुबे के अकादमी के चेयरमैन के पद पर नियुक्ति पर भी सवाल उठाये, और उनके बहाने राज्य की नीतीश कुमार सरकार को घेरने की कोशिश की।
इस तरह की गतिविधियों से साफ है कि बक्सर का आम आदमी रवि कांत दुबे के खिलाफ खुल कर सामने आ रहा है, और सच का साथ दे रहा है। दूसरी ओर रवि कांत दुबे अब दिन के उजाले में घर से नहीं निकल रहे हैं, और अपने को पाक-साफ साबित करने की पूरजोर कोशिश कर रहे हैं।


