जमशेदपुर। भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालक सुधीर कुमार और अन्य लोगों पर झुठा मुकदमा कर चर्चा में आये भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष रवि कांत दुबे तो अभी तक अपनी बातों को साबित नहीं कर पाये, लेकिन हमारे पास कुछ पुख्ता सबुत हैं, जो उनके आरोपों को बेबुनियाद साबित करते हैं। यहाँ आप 29 जनवरी 2011 को रवि कांत दुबे और भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालक सुधीर कुमार के बीच हुई बातचीत को सुन सकते हैं। वैसे तो पिछले एक साल से भोजपुरिया डॉट कॉम की ओर से किसी ने भी रवि कांत दुबे को फोन करने की कोशिश नहीं की, लेकिन इस बीच उनके कॉल लगातार आते रहे। 29 जनवरी 2011 को किए इस टेलीफोन में उन्होंने कहा भी है कि कल (30 जनवरी 2011 को) हमारा (भोजपुरी अकादमी का) छपरा में कार्यक्रम है, जोकि मीडिया से सत्यापित करवाया जा सकता है। इस बातचीत को सुन कर कोई भी समझ सकता है कि उनके द्वारा लगाये गये सभी आरोप तथ्यहीन हैं, और हमें बदनाम करने की एक साजिश है।
उनके आरोपों के अनुसार मैंने उनके भोजपुरी अकादमी के चेयरमैन बनने (28 अगस्त 2010) बनने के तुरंत बाद उनसे पाँच लाख रुपयों की माँग की, जबकि उसके 5 महीने बाद हुई इस बातचीत में उस बात का कोई जिक्र नहीं है। इस रिकार्डिंग में आप यह भी सुन सकते हैं कि रवि कांत दुबे ने कम से कम चार बार अपने-आप को हमारी वेबसाइट (भोजपुरिया डॉट कॉम) द्वारा इंट्रोड्यूस करने की बात कही है, और उसके लिए हमारे प्रति आभार भी व्यक्त किया है। तो क्या, एक ऐसे व्यक्ति को आप अपनी सफलता का श्रेय देंगे, या फिर उस को फोन करने की कोशिश करेंगे, जो आपको धमका रहा हो, या जो आपसे रंगदारी माँग रहा हो? आपकी सुविधा के लिए इस बातचीत को निचे पढा भी जा सकता है। इस बातचीत से साफ है कि रवि कांत दुबे ने एक बार फिर झुठा मुकदमा दर्ज कराया है।
सुधीर कुमार : हैलो
रवि कांत दुबे : जी, प्रणाम-प्रणाम, आर के दुबे
सुधीर कुमार : हाँ, बोलीं...
रवि कांत दुबे : अभिये गुरुचरण जी से बात होत रहे
सुधीर कुमार : अच्छा
रवि कांत दुबे : किरण जी के एगो फोटो रउआ के मेल पर भेज देनी ह
सुधीर कुमार : अच्छा, अच्छा, चलीं बहुत बढिया कइनी ह
रवि कांत दुबे : अच्छा, उहाँ का कहत रहनी ह कि हम भेजत नइखी न्यूज...
सुधीर कुमार : ना ना ना ना... रउरा न्यूज त भेज तानी, ई त हमरा पता बा, लेकिन जब सब जगह लाग जाता, त ओकरा अगिला दिने हमरा न्यूज मिलता।
रवि कांत दुबे : ना ना अगिला दिने ना, सब ओही दिने होता। अइसे हम हमेशा भेजिला न्यूज रउरा भिरी, ई जान जाईं
सुधीर कुमार : जवन होखे, लेकिन हम त देखनी कि सरिता बुद्धु वाला न्यूज अंजोरिया पर लागल रहे, ओकरा बाद हमरा के मेल आइल बा।
रवि कांत दुबे : नाही, अइसन बात नइखे, देर रात ले भेजले होखब ई। आ... अइसन बात नइखे, हम अपना तरफ से कवनो कोताही ना करिला, हम जरुर भेजिला अब ई अलग बात बा कि केहु के 2-4 घंटा पहिले मिल जात होखे, आ केहु के 2-4 घंटा बाद। ना त हम एके बेरी सब केहु के भेज दिला। सब लोग के, माने अजोरियो में, पूर्वांचल में, बेन पर, रउआ (वेबसाइट) पर, बिना कवनो भेदभाव के हम भेजेनी।
सुधीर कुमार : अच्छा, चलीं बढिया बा
रवि कांत दुबे : हमनी का काम कर तानी जा, कम से कम गुरुचरणो जी संगे, गोरथारो क के... (हा हा हा) कुछ न्यूजवा, भाई हमनी के लगाईं। राउर संख्या ज्यादा बा, आ ई रउआ जानीं कि भोजपुरी के क्षेत्र में रउये हमरा के ले अइले बानी। पहिला हमार इंटरव्यू रउये छपनी। आजो ओकरा में कम से कम 42 गो कि 40 गो कॉमेंट लागल बाडी सन।
सुधीर कुमार: सहिए बात बा
रवि कांत दुबे : पहिला, माने एह भोजपुरी क्षेत्र में इंट्रोड्यूस रउये कइले बानी। अब चाहें हमरा से गलती भइल होखे, चाहें कम्यूनिकेशन हमनी के गैप होखे...
सुधीर कुमार : चलीं, कवनो बात ना...
रवि कांत दुबे : ...चाहें जवन कुछ होखे, ओकरा के नजरअंदाज कइल जाव।
सुधीर कुमार: ना ना ना रउआ एथी क देले बानी, फोटो भेज देले बानी नू?
रवि कांत दुबे : काल्ह छपरा में भी बढिया कार्यक्रम बा। स्वदेशी जागरण मंच से मिल के करता लोग।
सुधीर कुमार : अच्छा, अच्छा...
रवि कांत दुबे : तीन गो चरण अउर बाँच गइल बा - 5, 6, 7... छपरा, बक्सर आ अंतिम आरा में बा, गजाधर बाबु किहाँ।
सुधीर कुमार: अच्छा, अच्छा...
रवि कांत दुबे : एह से थोडा सा अनुरोध कर तानी जा, ई मान के चलीं कि हमार भोजपुरी समाज में बहुत लम्बा दिन के अनुभव नइखे। रउआ इंट्रोड्यूस कइनी, ओकरा बाद से आपन लागल रहल, एगो संजोग रहल कि आदमी बा।
सुधीर कुमार : ना, बात सही बा राउर... चलीं हम देख ले तानी कि का हो सकेला। हम एकरा के लगा दे तानी। फोटो आ गइल होई त हम लगा देब।
रवि कांत दुबे : बढिया फोटो हम अभी तुरंत भेजनी ह।
सुधीर कुमार : आधा घंटा में हम घरे पहुँचब, आ घरे पहुँच के हम लगा देब।
रवि कांत दुबे : किरण जी के हमनी के भोजपुरी समाज के दिनकर जी हईं। हमनी के त ई माँग बा कि इहाँ के पद्मविभूषण पुरस्कार से नवाजल जाये के चाहीं।
सुधीर कुमार : हाँ, बिलकुल, बिलकुल... उहाँ पे त खैर कवनो डाउटे नइखे।
रवि कांत दुबे : नब्बे साल के उमर भइल उहाँ के।
सुधीर कुमार : पूरा जिन्दगी बीत गइल भोजपुरी में।
रवि कांत दुबे : जी, चले फिरे में असमर्थ बानी, आ गरीबी में जी रहल बानी।
सुधीर कुमार : हाँ, सहिए बात बा।
रवि कांत दुबे : बहुत गरीबी में जी रहल बानी, आ भोजपुरी अकादमी के अध्यक्ष के... आ गुरुचरण जी के ई मानना बा इनका पद्मविभूषण पुरस्कार मिले के चाहीं। भोजपुरी समाज के ई दुर्भाग्य बा कि हमनी के नइखी जा दिला पावत।
सुधीर कुमार : सहिए बात बा। उहाँ का बहुत ही एगो एथी बानी।... चलीं ठीक बा, हम देख ले तानी, जइसन होता।
रवि कांत दुबे : ई हमेशा ध्यान राखीं कि रउये हमरा के इंट्रोड्यूस कइले बानी एह भोजपुरी में।
सुधीर कुमार : चलीं, हम रउआ से बात कर तानी।
रवि कांत दुबे : ठीक बा।
इस वार्ता को सुनने के बाद कोई भी समझ सकता है कि रवि कांत दुबे हमें झूठे मुकदमे के जरिये परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जैसा कि हम पहले भी लिख चूके हैं, हम उनके हर आरोप का जबाब न्यायालय में देंगे, और हमें उम्मीद है कि रवि कांत दुबे जैसे झुठे मुकदमे करने वालों के खिलाफ न्यायपालिका कडा कदम उठाएगी।





People like ravi kant dubey should be arrested and prosecuted by law.
Bahut tamasha ho chukal, Chhodbe ee kursi, ki laat maar ke nikale ke padi.
E SAMAY KE FER BA KI JAWAN AADMI BADNAM HO GAEEL BA OKAR RAJNEETI ME PUCHH PARAKH BADH GAEEL BA.
KAUNO SARKAR SAF SUTHRA AADMI KE ACHHA JAGAH NAEEKHR RAKH SAKAL.
RAUAA EH BAT KE SAMAJH LI KI KEHU UNKA KE NA HATAEE.