सुपौल। उत्तर बिहार के सुपौल, मधेपुरा अउर सहरसा जिला में प्रवेश करावे वाला मुख्या मार्ग एक साल से अवरुद्ध बा, जेकर वजह बा राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर बनल पुल एक साल से क्षतिग्रस्त पडल बा। ई पुल हवे बीपी मंडल सेतु या डुमरी पुल, एह पुल के बगल में एगो वैकल्पिक पुल बनावल गइल रहे ताकि अवागमन सुचारू रहे लेकिन इ वैकल्पिक पुल मात्र एक महिना में खराब हो गइल। बिहार सरकार अउर सरकारी अधिकारियन के लापरवाही के पोल खोलत एह पुल के निर्माण में 19 करोड रुपया के लागत आइल रहे, जबकि ईपुल मात्र 19 दिन चल के बीसवां दिने बंद हो गइल। एक किलोमीटर लम्बा एह वैकल्पिक पुल के दक्षिणी छोर के तीन गो पाया धंस चुकल बाटे, जेकरा वजह से साईकिल आ मोटरसाइकिल के अलावा सारा वाहन के आवागमन रुक चुकल बा। कोसी प्रमंडल के तीन जिला के लगभग साठ लाख आबादी एह पुल के टूटला के वजह से प्रभावित बा, अउर चूंकि एकरा के लेके कवनो बड़ा जन विरोध अभी ले नइखे उभरल, ओह से सरकार के तरफ से अभी भी सुस्ती बा।
वइसे एह घटना के बाद से प्रभावित लोगन में गुस्सा साफ देखल जा सकत बा। एह घटना के बारे में राज्य पथ निर्माण मंत्री कहलन कि "एह डुमरी पुल के समस्या के समाधान अगला दू तीन साल में तभी हो सकत बा जब केंद्र सरकार राज्य सरकार के द्वारा प्रस्तावित निर्माण प्रस्ताव के मंजूरी दे देव।" पथ निर्माण मंत्री के एह बयान से त साफ लागता कि लाखन लोगन के जीवन के प्रभावित करे वाला इ पुल केंद्र अउर राज्य सरकार के फाइल में उलझ के रह जाये वाला बाटे। (साभार: बीबीसी)


