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बिहार के बेटी - "हनी गर्ल"

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के पटियासा गांव के एगो निर्धन परिवार के बेटी अनीता मधुमक्खी पालन व्यवसाय से अपना परिवार के निर्धनता दूर कइला के अलावा अपना गांव-जवार के भी नांव ऊँचा कइ रहल बाड़ी। मधुमक्खी पालन व्यवसाय के एगो छोट इकाई से शुरुवात करे वाली अनीता आज देश भर के "हनी गर्ल" बन गइल बाड़ी, जिनकर कामयाबी के कहानी आज देश के कई स्कूलन में पढ़ावल जा रहल बाटे।

बोचहा प्रखंड के एगो अति पिछड़ा गांव पटियासी में जनमल 24 वर्षीया अनीता के सफलता के कहानी आज राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के चौथी कक्षा के पाठ्य पुस्तक में स्कूली लइकन के पढ़ावल जा रहल बा। एने दोसरा ओर, अनीता के नाम पे ही मधु के एगो ब्रांड बाजार में उतारे के तैयारी चल रहल बाटे।

प्रारम्भिक कठिनइयन के झेलत अनीता अपना बाबुजी आ भाई लोग के सहयोग से साल 2002 में 2 बक्सा से मधुमक्खी पालन के काम शुरू कइली, अउर ओही क्रम में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल करे खातिर राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय से एह काम के प्रशिक्षण लिहली। उनका जीवन में परिवर्तन 2006 में आइल, जब यूनिसेफ के लोग उनका से मिल के उनका सफलता के कहानी पर रिपोर्ट जारी कइल।

अनीता के अनुसार, गरीबी के कारण उनकर परिवार के गुजर-बसर में बहुत मुश्किल से होत रहे, लेकिन आज उनकर सफलता ही उनका संगे उनका क्षेत्र के भी एगो खास पहिचान देहले बा। जब अनीता ई व्यवसाय शुरु कइले रहली, तब पहिला साल में उनका 10,000 के कमाई भइल रहे, लेकिन अब ऊ सालाना 200 से 300 क्विंटल तक मधु के उत्पादन कर रहल बाड़ी, जवना से उनका सालाना तीन से चार लाख रुपया के लाभ हो रहल बाटे। एतने ना, अनीता के देखा-देखी ओह गाँव अउर आसपास के करीब 500 महिला लोग एह व्यवसाय में उतर चुकल बाटे, अउर गांव तरक्की के राह पर आगे बढ रहल बाटे।

 


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