जमशेदपुर। जमशेदपुर के ऐतिहासिक गोपाल मैदान भोजपुरी संगीत में आ रहल अश्लीलता के विरोध के एगो नया आन्दोलन के गवाह बनल, जब जमशेदपुर के जनता कल्पना के कार्यक्रम के बहिस्कार कइलस। वइसे पूरा शहर में कल्पना के विरोध त पहिलहीं से जारी रहे, लेकिन आज जब उनका आये के सूचना मिलल, तब लोगन के गुस्सा सडक पर निकल आइल। एक ओर जहाँ सबेरे उनका स्वागत में जमशेदपुर शहर के बीचों-बीच उनकर सीडी आ पोस्टर जरावल गइल, ओहिजे दोसरा ओर शाम में उनकर पुतला भी फुंकाइल। एतना पर भी जब आयोजक लोग कार्यक्रम कराये पर अडल रहल, तब जमशेदपुर के जनता एगो अइसन फैसला लिहलस, जवन कि अश्लीलता के समर्थक लोगन के नींद उडा दी। ई फैसला रहे एह कार्यक्रम के बहिस्कार के।कल्पना पिछला बेर जब जमशेदपुर आइल रहली, त उनकर गीत सुने खातिर करीब 17-18 हजार लोगन के भीड जुटल रहे, लेकिन एह बेर अश्लीलता के खिलाफ चल रहल अभियान के असर ई भइल कि जब कल्पना स्थानीय गोपाल मैदान में स्टेज पर चढली, त उनका के सुने खातिर मुश्किल से 400 लोग जुटल रहे, अउर ओह में भी दर्जनन गो पुलिस वाला रहलन स, जवन कि उनका के सुरक्षा देवे खातिर ओहिजा रहे लोग। अश्लीलता के खिलाफ चल रहल आन्दोलन के असर अइसन रहे कि प्रशासन उनका सुरक्षा खातिर अइसन व्यवस्था कइले रहे, जेतना शायद कवनो मंत्री के भी सुरक्षा में ना कइल जाला। अउर त अउर, एहिजा के डीआईजी के मुख्य अतिथि का तौर पर बोलावल गइल रहे, ताकि केहु कार्यक्रम में व्यावधान ना डाल सको। अउर सुरक्षा होखे भी काहें ना, एह कार्यक्रम के आयोजन समिति में जवन 3-4 गो संस्था रहली सन, ओह में झारखंड पुलिस मेंस एसोशियसन भी एक रहे।
जमशेदपुर जइसन शहर में, जहाँ लाखन का संख्या में भोजपुरिया लोग बा, जब कभी भी कवनो भोजपुरी के गायक आयेला, हजारन लोग उनका के सुने खातिर जुट जाला, ओहिजा जनता द्वारा एह बहिस्कार से एगो बेहतरीन संदेश निकल के आ रहल बाटे । अउर संदेश बहुत साफ बा – भोजपुरी में अश्लीलता अब ना बर्दास्त कइल जाई। एही साल, सावन के आखिरी सोमवारी पर एहिजा भरत शर्मा के कार्यक्रम भइल रहे, जवना में 20 हजार से बेसी लोग जुटल रहे, लेकिन एह शहर के जनता आज कल्पना के बहिस्कार कइ के अश्लीलता के खिलाफ एगो बरियार संदेश दे देहलस। एकर असर ई भइल कि मंच पर चढला के बावजुद ना त कल्पना के गायन में पहिले वाला जोश दिखल, अउर नाही चेहरा पर ऊ चमक। अपना स्टेज शो में लगातार 3-4 घंटा तक समा बाँध के राखे वाली कल्पना के हालत अइसन हो गइल कि ऊ जइसे-तइसे 4-5 गो गाना गाके मंच पर से उतर गइली।
पुलिस का दम पर भले ही ई कार्यक्रम हो गइल, लेकिन कल्पना के समझ में आ गइल होई कि पुलिस हर जगह आयोजक मंडल में ना रही, अउर अगर भोजपुरी में स्टेज शो करे के बा, त जनता के भावना के सम्मान करे के पडी। भोजपुरी के आपन संस्कार अउर गौरवशाली इतिहास रहल बा, जेकर उपेक्षा करे वालन खातिर राह अब ओतना आसान नइखे लउकत। आज जनता इहो बता देहलस कि अब अश्लील गीतन के हर स्तर पर विरोध होई, अउर भोजपुरिया समाज के नवहा लोगन में एह कलंक के धो देवे के जज्बा साफ लउक रहल बाटे। एकरा संगे-संगे ई कार्यक्रम बी. एन. तिवारी जइसन आयोजक लोगन खातिर भी एगो बरियार संदेश छोड गइल कि समाज से खिलाफ जाके अश्लील गीतन के प्रचार के अब ई समाज बर्दास्त ना करी।
कुल मिला के कहल जा सकेला कि एह तरह के विरोध प्रदर्शन का वजह से कल्पना के बहुत दिन ले जमशेदपुर आवत याद रही, अउर जब-जब अश्लीलता के खिलाफ लडाई के बात होई, तब जमशेदपुर के नाम गर्व के साथ लिहल जाई। भोजपुरी में व्याप्त अश्लीलता के विरोध अउर बहिस्कार खातिर अखिल विश्व भोजपुरी विकास मंच, विश्व भोजपुरी सम्मेलन (झारखंड प्रदेश), युवा जागृति मंच अउर कई गो अन्य संस्था बधाई के पात्र बाडी सन। एकरा अलावा हमनी का धन्यवाद दिहल चाहेब जमशेदपुर के जनता के, कल्पना के गुरुर तूडे खातिर, अउर उनका के एह बात के अहसास दिलाये खातिर, कि अश्लीलता के हमनी के समाज में कवनो जगह नइखे। आन्दोलन शुरु हो चुकल बाटे, जनता जाग गइल बिया, अउर एह आन्दोलन के तपिस हर ओह व्यक्ति अउर संस्था के झेले के पडी, जे अश्लीलता के प्रचार-प्रसार करता।




जनता जाग रहल बिया , युवा ताकत जाग रहल बा आ अब एह लोगन के दाना दवाई दुनो होई ई तय बा ।
बस हम अतने कहल चाहब कि
ना समझोगे तो मिट जावोगे ऐ अश्लीलता परोसने वालो,
कसम से , अब तुम्हारी दास्ताँ भी ना होगी दास्तानो मे.
जय भोजपुरी
अश्लीलता के खिलाफ चल रहे अभियान का ही यह असर राह कि स्थानीय गोपाल मैदान में कल्पना को सुनने के लिए 400 से भी कम लोग जुटे। जबकि यह वही शहर है जब उन्हें सुनने के लिए 20 हजार से अधिक लोग जुटते थे। यह तो महज संकेत है अगर कल्पना जी को अब भी आईना नहीं दिखा है तो यह उनके लिए दुर्भाग्य की ही बात होगी।