नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल बिहार स्थित प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्जीवित करे खातिर एगो विधेयक पेश करने को मंजूरी दे देहले बाटे। विधेयक के उद्देश्य एह विश्वविद्यालय के फिर से शिक्षा के वैश्विक केंद्र बनावल बा।शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक सहभागिता बढवला के उद्देश्य से नालंदा विश्वविद्यालय के स्थापना बिहार में ओही खंडहर के समीप कइल जाई, जहां सदियों पहिले एकर अस्तित्वा रहे। इहाँ बौद्ध धर्म संबंधी अध्ययन, दर्शन, तुलनात्मक साहित्य, इतिहास, पारिस्थितिकी अउर पर्यावरण विज्ञान के अध्ययन के सुविधा उपलब्ध रही।
एह विशेष विधेयक के 26 जुलाई से शुरू हो रहल संसद के मानसून सत्र में सदन पटल पर राखल जाई। विदेश मंत्रालय एह विश्वविद्यालय के स्थापना के प्रस्ताव अक्टूबर 2009 में थाईलैंड में पूर्व एशिया के 16 देशन के शिखर सम्मेलन के दौरान रखले रहे।
नालंदा विश्वविद्यालय के निर्माण पर 1,005 करोड़ रुपए के लागत आवे के अनुमान बा, अउर ई विश्वविद्यालय सार्वजनिक-निजी साझेदारी के आधार पर काम करी। हमनी के मिलल सुचना के अनुसार योजना आयोग एह काम खातिर विशेष अनुदान के रूप में 50 करोड़ रुपया पहिले ही मुहैया करा चुकल बाटे।




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