जमशेदपुर। चार दिन पहिले भोजपुरिया डॉट कॉम पर एगो रिपोर्ट आइल रहे, जवना में बिहार सरकार द्वारा संचालित भोजपुरी अकादमी के चेयरमैन रवि कांत दुबे पर दूगो लइकियन के फेक प्रोफाइल चलाये के आरोप लगावल गइल रहे। इंटरनेट पर जवना प्रोफाइल के रविकांत दुबे चलावत रहलन, अउर जवना में पता पटना के लिखल रहे, ओह दूनो लइकियन के फोटो वास्तव में पाकिस्तान के वेबसाइटन से लिहल गइल रहे। अगर केहु भी चाहो त एहिजा (नाम पर) क्लिक कइ के रागिनी सिन्हा अउर स्वाती राय के फोटो आ नाम के असलियत देख सकेला।खैर, ई त बात भइल सबूत के, आगे के स्थिति ई बा कि एक ओर जहाँ रवि कांत दुबे एह खुलासा के बाद सदमा में बाडन, ओहिजे दोसरा ओर उनकर एगो चमचा एह खुलासा से तिलमिला गइल बाटे, अउर भोजपुरिया डॉट कॉम आ जय भोजपुरी डॉट कॉम पर अनर्गल आरोप लगा रहल बाटे। ओह चमचा के कहनाम बा कि भोजपुरिया डॉट कॉम भोजपुरी के प्रति समर्पित लोगन के खिलाफ काम कइ रहल बाटे, जबकि सच्चाई ई बा कि आज ले भोजपुरी खातिर जेतना काम भोजपुरिया डॉट कॉम अउर जय भोजपुरी डॉट कॉम कइले बा, कवनो दोसर वेबसाइट ओतना सोच भी नइखे सकत। एक ओर जहाँ कुछ वेबसाइट वाला लोग फिल्मी कलाकारन के करीब जाये खातिर चमचागिरी करत ना थकेला, ओहिजे दोसरा ओर ई सिर्फ सच के ही ताकत बा कि जवना कवनो व्यक्ति पर भी भोजपुरिया डॉट कॉम कुछ लिखलस, अंत में ओह लोगन के भी ओह बात के स्वीकारे के पडल, अउर तथ्य के माने के पडल।
हमनी पर घिनौना आरोप लगा रहल सहारा इंडिया में काम करे वाला राज कमल पांडे के एतनो नइखे बुझात कि जब सब सबुत ओह खबर में दिहल बा, त फेर ओह में गलत का बा। अगर उनका में साहस बा, त ओह में एको सबुत के गलत साबित कइ के देखावस। एक जमाना पहिले दम तूड चुकल भोजपुरी के एगो वेबसाइट पर ऊ ना सिर्फ हमनी के सहयोगी वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम के आ ओकरा सदस्यन के खुले आम गारी दे रहल बाडन, बल्कि ओह वेबसाइट के प्रबंधन भी एह काम में उनकर खुल के सपोर्ट कइ रहल बाटे। एह मुद्दा पर जब हमनी का एगो वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश सिंह से बात कइनी जा, त ऊ कहलन कि ई सिधे तौर पर साइबर क्राइम के मामला हवे, अउर इंडियन आईटी एक्ट के अनुसार ओह वेबसाइट अउर ओकरा प्रबंधक (शैलेश मिश्रा) का उपर कार्यवाही खातिर एतना सबूत काफी बा।
रवि कांत दुबे आ राज कमल पांडे काल्ह फेसबुक पर ओही फेक प्रोफाइल (रागिनी सिन्हा) पर लिख के भोजपुरिया डॉट कॉम अउर ओकरा संचालकन का उपर ब्लैकमेल करे, रंगदारी लेवे अउर ना जाने का-का आरोप लगवले बा लोग। हमनी का एहिजा साफ कइल चाहेब कि भोजपुरिया डॉट कॉम आज ले केहु से एको रुपया नइखे लेले, अउर हमनी का चैलेंज करतानी कि केहु एह में से एको आरोप साबित कइ के देखाव। अगर रविकांत दुबे का लगे हमनी के गलत साबित करे खातिर कुछ तथ्य बा, त सामने आवस। अगर हमनी पर विश्वास नइखे, त मीडिया में जास, लेकिन अपना चमचा लोगन के आगे कइ के एह तरह के अनर्गल आरोप लगावल बंद करस।
जब हमनी का राजकमल पांडे के इतिहास खोजे के कोशिश कइनी त पता चलल कि ई व्यक्ति पहिले पुरुष वेश्या (जिगोलो) रह चुकल बाटे, अउर 2004 के समय में (जब हमनी का इनका के जानतो ना रहनी जा) पोस्ट कइल इनकर कुछ प्रचार सामग्री (केहु भी एहिजा क्लिक कर के एह बात के देख सकेला) आजो इंटरनेट पर देखल जा सकेला। जब केहु एह दिशा में इनकर ध्यान दिलावल तब पहिले त पहिले ई कहले कि प्रोफाइल हैक हो गइल रहे, जब ई बतावल गइल कि ई पोस्ट 2004 के हवे, तब कहले कि हम ई-मेल आईडी (rkp_lucknow @ yahoo.com) ही 2006 में बनवले बानी, फेर जब उनकर याहू प्रोफाइल देखावल गइल जवना में ऊ आईडी 2004 के बनल लिखल रहे, त ऊ गाली-गलौज पर उतर गइलन। ना जाने केतना गो एडल्ट वेबसाइटन पर सक्रिय राजकमल पांडे के चरित्र, अउर ओह वेबसाइट पर उनकर भाषा अपना आप में उनकर इमानदारी आ सच्चाई के कहानी कह रहल बाटे।
रविकांत दुबे पर से सबके ध्यान हटाये खातिर राज कमल पांडे एतना निचता पर उतर गइलन कि ऊ एगो एडल्ट वेबसाइट पर जय भोजपुरी परिवार के एगो वरिष्ठ सदस्य नवीन भोजपुरिया के फेक प्रोफाइल बनवलन (ओकर स्क्रीन शॉट हमनी का लगे बा, जवना में ऊ खुद ओही प्रोफाइल से लॉगिन बाडे, जवना से उनकर कुकृत्य के पता चलता), आ ओकरा के फेसबुक आ ओह वेबसाइट पर अपलोड कइ के लिखलन "अइसे बनावल जाला फेक प्रोफाइल, आ हम जेकर चाहीं, ओकर फेक प्रोफाइल बना सकेनी।" उनका एह बात से (जेकर स्क्रीन शोंट हमनी का लगे बा) साफ पता चलता कि रवि कांत दुबे के बचाये खातिर ऊ कवनो हद तक जा सकेले।
भोजपुरिया डॉट कॉम आज ले ना त केहु का लगे झुकल बा, नाही झुकी... हमनी का हमेशा सच के लेके चलल बानी जा, अउर एही वजह से पिछला छह साल से हमनी के समाज के अपार समर्थन मिल रहल बाटे, अउर हमनी के वेबसाइट भोजपुरी में लगातार No. 1 के स्थिति पर कायम बाटे। जेकरा कवनो गलतफहमी बा, ओकरा खातिर हमनी का लगे सबूत बा, जवन कि उपलब्ध करावल जा सकेला। अगर केहु चाहे, त एह देश में के कवनो अदालत में हमनी का अपना लिखल हर बात के साबित करे खातिर तैयार बानी।



