नई दिल्ली। अगर रउआ सच का संगे बानी, त जमाना साथ दी। दिल्ली से प्रकाशित होखे वाली अग्रणी राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका "राज सुराज" अपना ताजा अंक में डा. रविकांत दुबे के सच छापे के साहस कइले बिया। भोजपुरिया डॉट कॉम के पाठकन खातिर हमनी का ओह आलेख के स्कैन कइल प्रति एहिजा पोस्ट कर तानी जा, जवन कि निचे देखल जा सकेला। एक ओर जहां मीडिया के एक तबका बिक चुकल बाटे, ओहिजे दोसरा ओर "राज-सुराज" के ई पहल मीडिया के ताकत के अहसास करा रहल बाटे, जवना खातिर लेखक अउर राज-सुराज के संपादक/प्रबंधक बधाई के पात्र बाडन।

साभार : राज-सुराज (राष्ट्रीय पाक्षिक समाचार पत्रिका)