पटना/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश अउर बिहार के कई गो नदी उफान पर बाडी सन, जवना से ना सिर्फ जनजीवन प्रभावित भइल बाटे, बल्कि कई इलाकन में बाढ़ के पानी भी घुस रहल बाटे। बिहार में जबरदस्त बारिश से राज्य के छह जिलन में धान अउर दोसर खड़ी फसल खातिर संकट के स्थिति उत्पन्न हो गइल बाटे। हालांकि, राज्य सरकार के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में बाटे, अउर एहसे राज्य में कृषि उत्पादन पर बहुत ज्यादा असर ना पडी।बिहार के भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, अररिया, सहरसा, दरभंगा अउर मधेपुरा जिलन पर बाढ़ के खतरा मंडरा रहल बाटे। एहमें भी भागलपुर जिला में स्थिति काफी खराब बाटे। राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण विभाग के अनुसार एह सब जिला के 1,000 से बेसी गांवन में बाढ़ के पानी घुस चुकल बाटे। राज्य के जल संसाधन विभाग के एगो अधिकारी के कहनाम बा कि, "एह महीना के पहिला 15 दिन में बिहार में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश भइल बाटे। दोसरा ओर, नेपाल में नदियन के जलग्रहण क्षेत्र में भी काफी बारिश भइल बाटे, जेकरा वजह से राज्य में कोसी, महानंदा अउर कई ओ अन्य नदियन के जलस्तर काफी तेजी से बढ़ल बाटे, जवना से ई स्थिति उत्पन्न भइल बाटे।
एह मुद्दा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहलन कि, "बिहार में बाढ के स्थिति नियंत्रण में बाटे, अउर एहिजा अभी घबराये के कवनो जरूरत नइखे। हमनी का स्थिति पर पूरा नजर रख रहल बानी, अउर पानी उतरल शुरु हो गइल बाटे।" राज्य के भागलपुर में 53 जगह पर राहत कैम्प बनावल गइल बाटे, जबकि राहत अउर बचाव के काम में 1496 नाव के लगावल गइल बाटे। एह इलाकन में अभी ले 457 क्विंटल चूड़ा अउर 22 क्विंटल गुड़ समेत 7318 पोलीथिन शीट बांटल गइल बाटे।
ओने दोसरा ओर उत्तर प्रदेश में भी नदियन के रौद्र रूप बरकरार बाटे, जेकरा वजह से कई स्थानन पर बाढ़ के कहर जारी बा। बाढ़ के कारण बरेली में आकाशवाणी अउर दूरदर्शन के प्रसारण ठप हो गइल बाटे। केन्द्रीय जल आयोग के रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी के बाढ़ का वजह से फर्रुखाबाद, गुमटिया (कन्नौज), कानपुर अउर बलिया में कई गो गाँव डूब चुकल बाडे सन। एकरा अलावा घाघरा के तेवर भी नरम नइखे पड़त, ई नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) अउर तुर्तीपार (बलिया) में खतरा के निशान से ऊपर बह रहल बिया, जबकि अयोध्या में एकर जलस्तर लाल चिन्ह से एक मीटर 15 सेमी ऊपर पहुंच चुकल बाटे।



