सिवान। अपना माटी के सोंधी महक अउर माई-भाषा से जुडाव सात समंदर पार से भी लोगन के अपना जन्मभूमि का ओर खींच ले आवेले, अउर कुछ अइसने अहसास के गवाह अगिला 3 दिसम्बर के सिवान के माटी बनी। जी हाँ, पिछला बेर जीरादेई के बाद अबकी बेर सिवान जिला के ही रघुनाथपुर प्रखंड के अंतर्गत पंजवार के पावन धरती के भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के साक्षी बने के गौरव प्राप्त भइल बाटे, जेकरा के लेके स्थानीय लोगन में भारी उत्साह के माहौल बा।देशरत्न डा. राजेंद्र प्रसाद के जन्मदिन पर (3 दिसम्बर 2011 के) राजेंद्र बाबु के जन्मभूमि (सिवान) एक बेर फेर तैयार बिया भोजपुरिया आंदोलन के दशा अउर दिशा तय करे खातिर, जेकरा खातिर देश-विदेश से हजारन लोगन के जमावडा पंजवार के प्रभा-प्रकाश डिग्री कॉलेज के प्रांगण में होई। भोजपुरी के बाकी सम्मेलनन से इतर एह कार्यक्रम में ना कवनो नेता मंच पर दिखाई देले, ना ही भोजपुरी के कवनो स्वघोषित ठेकेदार... भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के मंच भोजपुरिया समाज के युवा वर्ग के भावना के अनुरुप होला, जवन कि अपने दम पर जग जिते के माद्दा रखेला लोग। ई कार्यक्रम जानल जाला अपना विचारन खातिर, भोजपुरी गीत-संगीत से अश्लीलता के विरोध खातिर, अउर भोजपुरी भाषा आ सहित्य के सृजन करे वाला लोगन के उत्साह बढाये खातिर।
एह बेर के कार्यक्रम के शुरुआत सबेरे 10 बजे होई, जवना में स्वागत भाषण के बाद भोजपुरी के कुछ वरिष्ठ साहित्यकार लोग कार्यक्रम ओकरा उद्देश्य बारे में परिचर्चा करी। एकरा अलावा अगिला पीढी के नुमाइंदा के तौर पर कुछ स्थानीय छात्र लोग भोजपुरी भाषा अउर साहित्य के विकास पर आपन विचार राखी। युवा वर्ग के प्रोत्साहित करे खातिर अउर भोजपुरी आन्दोलन के जन-जन से जोडे खातिर दोपहर 12:30 बजे प्रभा-प्रकाश डिग्री कॉलेज अउर कस्तूरबा इंटर कॉलेज के छात्रा लोग मिल के एगो नाटक के मंचन करी, जेकरा माध्यम से भोजपुरी के मान्यता का संगे-संगे भोजपुरी गीत-संगीत में व्याप्त अश्लीलता के दूर हटाये, अउर समाज में व्याप्त कुरितियन के हटाये के संदेश दिहल जाई।
दोपहर तीन बजे के बाद भोजपुरी के दिग्गज कवि अउर साहित्यकारन के जमावडा सम्मेलन के मंच पर होई, जहँवा भोजपुरी के विकास पर परिचर्चा के अलावा एगो शानदार कवि-सम्मेलन के भी आयोजन होई। कार्यक्रम के तिसरा अउर आखिरी सत्र के शुरुआत सांझी खान 7 बजे होई, जवना में प्रसिद्ध भोजपुरी गायक भरत शर्मा ब्यास, अराधना सिंह अउर उभरत गायक बिमलेश तिवारी "कौशल" के कार्यक्रम होई, जवन कि देर रात ले चलत रही। अश्लीलता के विरोध अउर नवहा लोगन के भोजपुरी लोक-संगीत के मिठास से परिचय कराये के एह कोशिश में बिहार सरकार के कई गो वरिष्ठ अधिकारियन के भाग लेवे के उम्मेद बा।
भोजपुरिया डॉट कॉम के सहयोगी वेबसाइट जय भोजपुरी डॉट कॉम द्वारा आयोजित एह कार्यक्रम के संयोजक संजय कुमार सिंह के अनुसार "ई आयोजन ना सिर्फ ऐतिहासिक होई, बल्कि युवा वर्ग के जोड के, अउर नेता लोगन से दुरी बना के हमनी का भोजपुरी के नांव पर काम कइ रहल बाकी संस्था सब के एगो नया राह भी देखायेब जा। हमनी के आशा ही ना, बल्कि पूरा विश्वास बा कि सिवान के माटी भोजपुरी आंदोलन खातिर कुछ अइसन संदेश छोड जाई, जेकर असर आये वाला कई सालन तक भोजपुरिया समाज महसुस करी।"
एक ओर जहाँ सिवान के नवहा लोगन के जोश एह कार्यक्रम के सफलता के गारंटी ले रहल बाटे, त दोसरा ओर साहित्यकारन अउर गुरु लोगन के आशीर्वाद एह साल के आयोजन के पिछला साल से कई गुना बडहन होखे के गवाही दे रहल बाटे। भोजपुरिया माटी बोला रहल बिया... आईं, अपना माई के, माई-भाषा के, अउर माटी के कर्ज अदा कइल जाव... अपना भाषा अउर संस्कृति के एगो नया मुकाम दियावल जाव... एगो अइसन पल के साक्षी बनल जाव, जहँवा महिला लोगन के उपस्थिति भोजपुरी के कवनो कार्यक्रम से कई गुना बेसी रहेला। आईं, एगो अइसन कार्यक्रम के हिस्सा बनल जाव, जहँवा हर व्यक्ति गर्व से कहेला - जय भोजपुरी। आईं, भोजपुरी खातिर कुछ कइल जाव...



चलल भोजपुरियन के पलटनिया
हिलेले झकझोर ...
अब ना त कब ... आईं भोजपुरी खातिर कुछ कइल जाव ...
जय भोजपुरी ...
जैय भोजपुरी चली सिवान
hum ago bihar ke siwan jila aur mairwa thana ke parasiya khurd gaw ke rahe wala ago nagrik hae.
humke ye dekh ke aur sun ke aaj bahut achha lagal h aaj hamar jila yetna progres karta aur hum log
ekra khatir aapan kuch yogdan naekhi ja kar pawat.kushi ye bat ke hamesha rahi ki hum aaj dus sal se
maharashtra me rah ke aaj bhi net aur jai bhojpuriya dot com ke dawara apana jila aur apana log gaw
aur samaj ke bahut najdik bani jai bhojpuri.
maharastra se aawe khatir.
jai bhojpuri
सिवान के धरती पर रउरा लोग्नी के नेह छोह से स्वागत बा, राउर आगमन आउर परयास भोजपुरी के ए सम्मान दिलावे के लराई में पंज्वर के इ सम्मलेन एगो इतिहाश रची. बस यही बिश्वाश के लेके हमनी के सब संघतिया लोग राउया सब के स्वागत में जुट गइल बनी जा
राउर आपन
विवेक राही
जय भोजपुरी
जीरादेई से मिलल अशिर्बाद अब आपन रंग देखावे लागल. पजवार के सम्मलेन भोजपुरिया स्वाभिमान के पूरा दुनिया में डंका बजाई. येही विश्वाश के मन में रख के हम राउया सभन के बात जोह रहल बानी. अब जब पंजवार में भेट होखे में कुछे दिन बांच गइल बा तब अब रत में नींद नइखे आवत बस सपना में नविन भोजपुरिया आउर सुधीर भाई लुक रहल बाडन. रउरा सब जल्दी आई की हमार सपना पंजवार के भिखारी ठाकुर मंच पर सीधे लउके लगो -
राउर आपन
नविन सिंह परमार
परभात खबर सिवान
प्रेम से बोलीं,जय भोजपुरी!.