सिवान। "एह कार्यक्रम में उपस्थित कवनो व्यक्ति यदि ओहिजा आईजी गुप्तेश्वर पाण्डेय के भाषण ना सुनल, त फेर ऊ एह प्रोग्राम के मर्म ही ना समझ पाई," ई कहनाम हवे प्रभा प्रकाश डिग्री कॉलेज के संस्थापक घनश्याम शुक्ल जी के, जे एह आयोजन के सफल बनाये में कवनो कसर ना छोडले रहलन। अउर ई बात उठे भी काहे ना, तिरहुत क्षेत्र के पुलिस महानिरिक्षक गुप्तेश्वर पाण्डेय भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के मंच पर एगो पुलिस अधिकारी के भेष छोड के एगो भोजपुरिया माई के बेटा नियन दहाडत रहलन।"भोजपुरी हमनी के महतारी भाषा हवे, अउर एकर अपमान कवनो हाल में ना बर्दास्त कइल जाई। एहिजा कुछ कैसेट कंपनी अश्लील कैसेट/सीडी बना के करोडन रुपया भोजपुरिया क्षेत्र से ले जा रहल बानी सन, जवना से समाज के बदनामी होता। हमनी के समाज के आगे आये के चाहीं, अउर एह तरह के लोगन के पुरजोर विरोध होखे के चाहीं। आज एहिजा उपस्थित हर व्यक्ति, अपना अपना अराध्य (भगवान, अल्ला, ईसा मसीह या वाहे गुरु) के नांव पर कसम खा लेव कि आज के बाद हमनी का ना अश्लील गीत सुनेब जा, नाही बर्दास्त करब जा। जब हमनी का जागब, तबे एह क्षेत्र में बदलाव होई।"
"हमनी के समाज के, या देश के खतरा पाकिस्तान से नइखे बल्कि स्थानीय 'दुश्मनन' से बा। पाकिस्तान नियन छोट देश, जेकर हमनी का एक बेर टूकडा करवा चुकल बानी, उ हमनी के कुछ ना बिगाड सकेला। पकिस्तान खातिर पूरा भारत के का जरुरत बा, ओकरा खातिर त हमनी के भोजपुरिया समाज ही काफी बा। लेकिन, अगर हमनी का जाति-धर्म के चक्कर में बँटल रहब जा, त हमनी का खुद दुश्मन के बढावा दे रहल बानी जा। एकरा अलावा हमनी के राजनीति के अपराधीकरण, अउर अपराधी के राजनीतिकरण पर भी ध्यान राखे के होई...।"
भाषण के हर लाइन पर बज रहल तालियन के गुँज से उत्साहित गुप्तेश्वर पाण्डेय भोजपुरी के आपन "माई-भाषा" बतावत कहलन कि भोजपुरी दुनिया के सबसे मीठ भाषा हवे, अउर हर भोजपुरिया के ई कर्तव्य बा कि ऊ भोजपुरी के मान-सम्मान के रक्षा में लाग जाव। अपना व्यस्त कार्यक्रम के कारण निर्धारित समय से तनि लेट गुप्तेश्वर पाण्डेय जब मंच पर अइलन, तब ऊ आयोजक लोग, अउर उपस्थित लोगन के धन्यवाद देत एह कार्यक्रम के भोजपुरी के विकास यात्रा में एगो "मील के पत्थर" करार देहलन। एगो आईजी के मुँह से फर्राटेदार भोजपुरी सुन के नवहा लोग त चकित रहबे कइल, अउर ओकरा संगे-संगे सब केहु के अपना भाषा अउर संस्कृति से प्रेम करे के पाठ भी सिखा गइलन ई पुलिस अधिकारी।



maphi mangl chahtre t aaj se kasm kho ki aaj se kbo aslil geet na gaib , chahe kehu ketno pharmais krat rhe .
baki khali klakar log hi na hm sb bhojpuriya bhai logan ke unkar sath debe ke hoi , klakar me mai sursati ke bas hola , t klakar logan ke jb bhi bolawl jai t unkra se lhali lokgeet , bhakti geet sunal jai , kwno prkar ke aslil geet na .
raur aapne
jitendra kumar thakur"dev "
eha nigeia (west afrika) me hamni ke kuch bhojpuri bolewal log ak sangathan banawal gel ha jekar nam "BHOJPURI PARIWAR" ba a hamni ke eha per bhorpuri ke parichalan aur apna bal baccha ke a bhasa se joral rakhe khatir kail gel ha.
Abb aa samachar ke madhyam se hamni ke chahat bani ki appan web site ke madhyam se "Bhojpuri Pariwar - Nigeria" ke bare me ago kona me sthan meleke chahi.
dhanyabad.
Pravin Kumar
(Kshadhyaksh)
Bhojpuri Pariwar - Nigeria.