Home Samachar National मुंबई चुनाव में भोजपुरियन के जलवा...

मुंबई चुनाव में भोजपुरियन के जलवा...

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मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मराठी मानुष के मुद्दा बना के भले ही राज ठाकरे 13 गो सीट हथिया लिहले लेकिन भोजपुरिया माटी से जुडल लोग भी मुंबई के 22 प्रतिशत सीट जीत के ठाकरे के अपना ताकत के अहसास करा दिहल।

मुंबई के कुल 36 सीटन में से 8 पर भोजपुरिया झंडा लहरल, जवना में 6 विधायक कांग्रेस (कृपाशंकर सिंह, रमेश सिंह, राजहंस सिंह, मुहम्मद आरिफ नसीम खान, बाबा सिद्दीकी और असलम शेख) से, 1 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (नवाब मलिक) के, आउर 1 समाजवादी पार्टी (अबू आसिम आजमी) से बाडे। एह लोगन के ताकत के अंदाज एही से लगावल जा सकेला कि नसीम खान मुंबई में सबसे ज्यादा वोट के अंतर से जीतले।

क़ृपाशंकर सिंह आ नसीम खान जहाँ तीसरा बेर विधानसभा में पहुँचले ओहिजे कई गो आउर सीटन पर उत्तर भारतीय उम्मीदवार दोसरा स्थान पर रहले, आ मनसे के उम्मीदवार के तीसरा स्थान पर धकेल दिहले। राज ठाकरे के तेवर देखला के बाद मुंबई कांग्रेस के कमान कृपाशंकर सिंह के सौंपल गइल रहे, आ ओकर ई रणनीति कारगर भी बुझाइल, जब कांग्रेस के मुंबई में 17 सीटन पर विजयी घोषित कइल गइल।

वइसे कुछ लोगन के मानना बा कि मुंबई में जीते वाला उत्तर भारतीयन के संख्या 8 से ज्यादा भी हो सकत रहे, अगर भाजपा कुछ सीटन पर उम्मीदवारन में फेर-बदल कइले रहित। वइसे कुछ पर्यवेक्षक एह जीत के कई गो मायने निकाले में लागल बाडे। एक ओर जहाँ ई मुंबई में भोजपुरियन के बढत ताकत के प्रतीक हवे, ओहिजे दोसरा ओर एकरा के राज ठाकरे जइसन क्षुद्र मानसिकता वालन खातिर भी एगो चेतावनी का तौर पर देखल जा रहल बाटे।

कारण चाहे जवनो होखे, पर भोजपुरियन के देश भर में बढत राजनैतिक आ सामाजिक भागीदारी के राष्ट्रीवाद से जोड के देखल जाये के चाहीं। एगो अइसन समाज, जवन अपना देश के आजादी के पहिला लडाई से लेके आज ले हमेशा देश-सेवा में लागल बा, ओकरा खिलाफ जाये वालन खातिर त ई एगो खतरा के घंटी हवे। महाराष्ट्र के एह चुनाव परिणाम से संदेश साफ निकल के सामने आ रहल बाटे - एह देश में अब भोजपुरी आ भोजपुरियन के उपेक्षा ना संभव बा, आ ना ही बर्दाश्त कइल जाई।
 
Comments (3)
bhojpuriya
1 Monday, 26 October 2009 11:28
tilakraj yadav
भोजपूरियन के ताक़त मुंबई मे कम ना बटे लेकिन नेता लोग अपने आप के खाली
चुनाव अवले पर ही भोजपूरिया बनेले बाकी समय मे भोजपूरिया कहलावे शर्म महसूस करेले
और समाज के खातिर ना कूच्छ कायल चहेले लोग अगर ये लोग समाज के संगठित करे तो
कहुके का हिम्मत होई भोजपूरियँ पर हाथ उतावे खाली ये गो श्रीसंजय निरूपमजी हॅव जवान
हमेशा अपनी समाज खाती लडे बड़े तैयार रहेलेन और लोग त दुबुक जाला |
Bhojpuri Ka Vikash
2 Monday, 26 October 2009 16:25
SURAJ BABU
Bhojpurian ke jalwa ta badle ba lekin bhojpuri ke vikash khatir ke -ke sajag ba ,hamra aaj tak pata na chalal,kahe ki karodo log ke bolewala bhasha ke vikash ta bahut jaldi ho jayeke chahat rahe.ab hum maharastra me vi rajkiye bhasha bhojpuri ho jaye ekar kamna kareb. lekin rauya log je bhojpuriya ke name par jit hasil kaile bani.okar karj bhojpuri ke maharastra me dwitiye rajkiye bhasha karvake dekhai tab maneb ki rauya bhojpuri se pyar karile.
VICTORY OF BHOJPURIA PEOPLE
3 Tuesday, 27 October 2009 14:44
SANJAY KUMAR
Tilakraj Yadavji,
You are absolutely right to say, but I am sorry to say, you have made wrong assessment of SANJAY NIRUPAM.

He only started talking of North Indians, once he was expelled from SHIV SENA, before that he had been blindly supporting all heinous act of SHIV SENA.
In 2003, when Railway examinee from Bihar were beaten up by SHIV SENA (that time MNS has not come up), he proudly stood with Raj Thakrey and justied the act.
He proudly declared that he was leading one of troop, who was involved in beating. He even refused to meet North Indian delegates on this issue.
Once he could not make the way in SHIV SENA, he started remembering North Indians.
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