मुंबई। अभी-अभी मिलल खबर के अनुसार मुंबई के वर्सोवा में स्थित मनोज तिवारी के दफ्तर पर कुछ उपद्रवी तत्व हमला क देले बाडे सन। एह मामला के मुंबई में भोजपुरियन के खिलाफ हिंसा के एगो आउर दौर के शुरुआत मानल जा रहल बाटे।हमला के वक्त दफ्तर पर मौजुद कर्मचारियन के कहनाम बा कि अचानक 20-30 के संख्या में लोग आके दरवाजा पीटे लागल, आ जब ऊ लोग दरवाजा के बंद क लिहल, त उपद्रवी बाहर तोड-फोड शुरु क देले सन। मुंबई के सबसे पॉश इलाका में से एक में मौजुद एह बंगला (जवन कि दफ्तर नियन इस्तेमाल होला) के काँच फोड दिहल गइल, आ जब ऊ लोग के लगातार दबाव के बावजुद दरवाजा ना खुलल, त ऊ सब नारा लगावत ओहिजा से चल गइले सन।
"हम स्तब्ध बानी, पूरा मुंबई में हमार केहू दुश्मन नइखे, लेकिन फिर भी अइसन घटना के बारे में का कहल जाव," मनोज तिवारी भोजपुरिया डॉट कॉम के बतवलन। एहिजा इ बतावल जरुरी बा कि लगभग दू साल पहिले भी एही दफ्तर पर मनसे के कार्यकर्ता हमला कइले रहले सन।
वइसे कुछ पर्यवेक्षक एकरा के मनसे आ शिवसेना के बीच बढत टकराव के भी नतीजा मान रहल बाडे। हाल में ही भइल विधानसभा चुनाव में शिवसेना के खराब प्रदर्शन के बाद ओह पर लगातार नया मुद्दा खोजे के दबाव बनत रहे, आ ओही कडी में काल्ह शिवसेना के मुखपत्र सामना में सचिन तेन्दुलकर के ओह बयान के भी विरोध कइल गइल रहे, जवना में ऊ मुंबई पर पूरा देश के अधिकार बतवले रहले। एकरा तुरंत बाद सचिन तेन्दुलकर के समर्थन में मनोज तिवारी के बयान भी आइल रहे। एह घटना के संबंध में 12गो शिवसैनिकन के गिरफ्तारी भी कइल गइल बाटे।



बुझात बाटे की ई चाचा भतीजा देश के इक दम तोड़ के ही चैन के सांस लिहन सा ..
हमरा ता इक चीज समझ में नईखे आवत की जहवा पे किसान हर रोज आत्महत्या करत बाडन सा , एह समय भारत पे महंगाई दिन दूना रात चौगुना बढ़त बिया , जहवा पानी के किल्लत बाटे , जहवा घूसखोरी बढ़ रहल बिया , चोरी , छिनयैती आ बलात्कार दिन दुनी रात चौगुनी बढ़त बिया वोह मुद्दन के छोड़ के चाचा भतीजा दुनो इक ही राग ( मराठी मानुष , आ मराठी ) अलाप रहल बिया !!!
ई बहुत ही शर्मनाक आ दुखद घटना भईल बाटे आ हम ओजुगा के निकम्मा आ हिजड़ा सरकार से एहे कहल चाहत बानी की अगर ऊ लोग अपना माई के दूध पियले होई लो टा बहुत ही कडा पहल करी लो एह घटना पे आ ना ता फेरु भारत के एगो गृह युद्ध में झोके खातिर तैयार रहस लो , राहुल राज अकेले रह्लास एह से वोह के ५० जाना घेर के मार दिहल लो लेकिन जवना दिन पूरा भोजपुरिया जाग जयिहन सा ता चाचा भतीजा दुनो जाना के कतहु पता ना चल पायी !!
bahut ninda ka visay hai.
is se ye log des todane ke rajniti kar rahe hai .
pura desh in mahan logon (sachin&manoj) ke saath kahda hai.
We should not forget the Rahul Raj, and many more Bhojpuriya people. We should take a sevier action soon. this type of act cannot tolerant. be togather, finish this type of crazy act.
Vijay Kumar Sah