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अब शुरू भइल उत्तर प्रदेश बचाओ अभियान

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लखनऊ। अखंड आंध्र प्रदेश के तर्ज पर अब अखंड उत्तर प्रदेश के लेके आंदोलन शुरू हो गइल बाटे। प्रदेश के विभाजित करे पर तुलल ताकतन के मुकाबला करे खातिर अब विभाजन के विरोध में उत्तर प्रदेश बचाओ मंच सड़क पर उतर गइल बाटे।

शुक्रवार के लखनऊ में उत्तर प्रदेश बचाओ अभियान के मुहिम चालू भइल, आ ओकरा बाद शनिवार के वाराणसी में मंच के कार्यकर्ता प्रदर्शन कइले सन। मंच के दू दर्जन से अधिक युवा कार्यकर्ता लखनऊ में शहीद स्मारक पर मौन उपवास रखले सन, आ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल आ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ज्ञापन भेज के उत्तर प्रदेश के विभाजन के कोशिश के पुरजोर विरोध कइले सन।

उत्तर प्रदेश बचाओ मंच में शामिल पूर्वाचल के पुरविया आ बुंदेलखंड के बुंदेलखंड विकास फ्रंट के नेतन के कहनाम बा कि प्रदेश के जनता के विकास चाहीं, ना कि विभाजन। उत्तर प्रदेश के पिछला सरकारन के गलती के सजा जनता काहें भुगते? प्रदेश विभाजन के कोशिशन के विरोध में उत्तर प्रदेश बचाओ मंच के कार्यकर्ता हर जिला में उपवास पर बइठिहें सन, आ जनता के आवाज के मुखर करिहें सन।

उत्तर प्रदेश बचाओ मंच के अध्यक्ष अंजनी कुमार उपाध्याय ने कहनाम बा कि देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री देवे वाला राज्य उत्तर प्रदेश के सामने आजदी के बाद अइसन संकट कबो ना आइल जब ओकर एके संगे चार- चार टुकडा करे के वकालत खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री क रहल बाडी। हरित प्रदेश, बुंदेलखंड आ पूर्वाचल में अलगाववादी के नाम पर जनता के बरगलाये के प्रयास हो रहल बा। का बिना विभाजन के विकास कार्यन के गति ना दिहल जा सकेला? वइसे भी विभाजन के परिणाम दुनिया में अब ले कहीं भी अच्छा नइखे रहल। चाहे ऊ भारत आ पाकिस्तान, बांग्लादेश के विभाजन होखो, या फिर फिर देश के राज्यन के। कहीं पर भी एतना बढिया हालात नइखे, जवना पर संतोष कइल जा सके। छत्तीसगढ़ त नक्सलवाद के चपेट में बुरी तरह फंस गइल बाटे।

उनुकर कहनाम बा कि छोट राज्य से बेहतर प्रशासन के दावा खोखला बाटे। एक राज्य बनाये में पांच से सात हजार करोड़ के खर्चा बा। आखिर ई कीमत भी त ओहिजा के गरीब जनता के ही कर के रूप में अदा करे के पडी। उनुकर इहो कहनाम रहे कि केंन्द्र से 7200 करोड़ के पैकेज बुंदेलखंड के विकास खातिर मिलल बा। अगर विकास योजना के सही ढंग से लागू करे में प्रशासन आ जनप्रतिनिधि ध्यान देव लोग, त बुंदेलखंड के काया कल्प हो जाई। नए राज्य के को बनाये में हजारन करोड़ के खर्च होई, नया इमारत बनाये के पडी, लेकिन जनता के का मिली?
 
Comments (1)
पता ना काहे भारत एगो बा ?
1 Monday, 21 December 2009 09:08
Navin Bhojpuria
पता ना काहे भारत एगो बा ?
केतना भाषा बा , केतना धरम बा , केतना बोली बा , केतना रंग बा , पहाड बा , समुन्दर बा , रेगिस्तान बा , मैदान बा , केतना पहनावा बा ।
फेरु हतना चीज बा एकरा बादो भारत एक ही बा , और एही बात के दुख चीन के बा , पाकिस्तान के बा और कुछ हमनी के नेता लोगन के बा ।
सरदार पटेल के और मेनन के हालत खराब हो गईल 100 गो से उपर राज्यन के जोडे मे ।

झगडा - भाषा के , पानी के , जमीन के , बिजली के , जगह के , बजट के , नोकरी के , विशेष राज्य के , लुटे के हो रहल बा लेकिन का चाही राज्य , हई ,हो मे जाउ , और हउ, हे मे आउ ।हईसे बनो , त होईसे बनो ।

अरे विकास खातिर सोच स विकास खातिर , तुरल हमेशा से असान होला , जोड्ल मुश्किल होला ।
जवना के कुछ करे के बा वोह मे त कुछ नयिखे होत , लेकिन जवन नयिखे वोह मे नेतवा पगलायिल बाड्न स ।

अब हम का कही , लेकिन कहब जरुर , और हम त बस ईहे कहत बानी कि ( ई एगो हिन्दी फिलिम के गाना हवे ओकर कुछ लाइन बा )

उजड़े नहीं अपना चमन
टूटे नहीं अपना वतन
गुमराह न कर दे कोई
बर्बाद न कर दे कोई
मंदिर यहाँ मस्जिद यहाँ
हिन्दू यहाँ , मुस्लिम यहाँ
फिरते रहे हम प्यार से
जागो ....
हिन्दुस्तानी नाम हमारा हैं
सबसे प्यारा देश हमारा हैं

आसाम से गुजरात तक
बंगाल से महाराष्ट्र तक
हम इक ही धुन इक हैं
भाषा कई सुर इक हैं
कश्मीर से मद्रास से
कह दो सभी हम इक हैं
आवाज दो हम इक हैं
जागो ....
भारत हमको जान से प्यारा हैं
सबसे न्यारा गुलिस्ता हमारा हैं

जय भोजपुरी, एगो भोजपुरिया