गोरखपुर। भोजपुरी फिल्म अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के कहनाम बा कि विकास खातिर पूर्वाचल राज्य बनल जरूरी बा। पूर्वाचल दौरा पर आइल दिनेश एहिजा सोमवार के ई बात दैनिक जागरण से बातचीत में कहलन। निरहुआ के मानना बा कि पूर्वाचल का संगे शुरू से सौतेला व्यवहार हो रहल बाटे। आजादी के लड़ाई में एहिजा के नौजवान सब मिल के अंग्रेजन के दांत खट्टा क देहले सन, ओहिसे अंग्रेज एह इलाका के मजदूर क्षेत्र बना देहले। आजादी के बाद भी पूर्वाचल के दुर्दशा पर कवनो ध्यान ना दिहल गइल। 1962 में गाजीपुर के सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी पूर्वाचल के गरीबी का मुद्दा पूरा गंभीरता से संसद में उठवलन। ओकरा बाद पटेल आयोग के गठन भइल, लेकिन पटेल आयोग के कुल्ह सिफारिश केन्द्र सरकार के ठंडे बस्ते में आजो पड़ल बाटे।
उनुकर कहनाम बा कि एह उपेक्षा के ही वजह से पूर्वाचल के 45 चीनी मिलन में से अधिकतर बंद हो गइली सन। एक जमाना में कपड़ा उद्योग के केंद्र रहल मऊ आज दुर्दशा के शिकार बा। बनारस के साड़ी आ भदोही के कालीन उद्योग आपन बर्बादी पर आंसू बहा रहल बाटे। सोनभद्र में बिजली पैदा होला, लेकिन इहो एगो विडम्बना बा कि पूर्वाचल के जनता अंधेरा में जीये खातिर विवश बाटे। गोरखपुर के खाद कारखाना बंद बा, आ दिमागी बोखार से हजारन गो लइका मौत के मुंह में समा चुकल बाडे, लेकिन इनके प्रति कहीं कवनो गंभीरता नइखे लउकत।
दिनेश के कहनाम बा कि भोजपुरी फिल्मन के अनुदान आ टैक्स फ्री जइसन सुविधा ना मिलेला, जबकि मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगू आदि क्षेत्रीय भाषा के फिल्मन के प्रोत्साहित करे खातिर ओहिजा के प्रदेश सरकार अनुदान व टैक्स फ्री के सुविधा देवेले।
(साभार: धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय / दैनिक जागरण)



( हम जी एह से लगा देनी हा काहे की ई हमनी के भोजपुरी संस्कृति ह आ हमनी के लोगन के भाषा के इज़्ज़्त करे जाने नी जा )
बात मुद्दा के होखे -
विकास का होला रउवा मालुम बा ? जे हमेशा से भोजपुरी फिल्मन के श्रेणी इक दम निचे कई दिहल आज पुर्वांचल के विकास के बात करत बा ई सुन के शायद हमनी के विकास के परिभाषा बदले के पडी ।
निरहुवा जी पहिले पुर्वांचल के बारे मे जानी , और इहो जानी की पुर्वांचल खातिर सरकार से का का मिलेला चली हम राउर सहयाता कई देत बानी ।
1- पुर्वांचल विकास निधि और बुन्देल्खन्ड विकास निधि
http://planning.up.nic.in/annualplan0405/part1/chapter-06.htm
Most of the districts falling under Eastern region and Bundelkhand region of Uttar Pradesh are listed as most backward districts in the State . In order to reduce the backwardness of these districts and to ensure the balanced development of 29 districts covered under Poorvanchal and 7 districts falling under Bundelkhand region, the State Government created Poorvanchal Vikas Nidhi and Bundelkhand Vikas Nidhi in 1990-91.
The State Government has allocated Rs 200,00.00 lakhs for sanctioning of the projects under both the Nidhis, out of which Rs. 150,00.00 lakhs are allocated for Poorvanchal Vikas Nidhi and Rs. 50,00.00 lakhs for Bundelkhand Vikas Nidhi. Further, 25 percent of the amount allocated for Jilansh is earmarked for the sanctioning of the projects at district level under special component plan.
In the year 2003-04 Rs. 150,00.00 lakhs was allocated for Poorvanchal Vikas Nidhi & Rs. 50,00.00 lakhs for Bundelkhand Vikas Nidhi respectively. Against this allocation Rs. 149,96.28 lakhs have been sanctioned,out of which, Rs. 149,29.74 lakhs has been spent. Similarly, Rs. 41,12.71 lakhs have been sanctioned and spent under Bundelkhand Vikas Nidhi respectively in 2003-04.
In the year 2004-05, the same amount i.e. Rs. 150,00.00 lakhs and Rs. 50,00.00 lakhs are allocated for Poorvanchal Vikas Nidhi and Bundelkhand Vikas Nidhi respectively.
http://secagri.nic.in/hindi/plans/stateplan/ap0708out/up.pdf -
एनेक्जर II पे देख लेब बुन्देल्खन्ड और पुर्वांचल के 22000 करोड दिययिल बा , केतना खर्चा भयिल अब रौवा बता देब । - ई 2007 - 2008 के हवे आ पुर्वांचल विकास निधि 1991 मे स्थापित भयिल रहे।और ई हर् साल आवेला , ह हर साल तनि बेसि होत जाला ।
2- अब देखि कवन कवन योजना चले ली स एगो जिला मे
DRDA(District Rural Development Agency) SCHEMES
पंचायती राज के अयिला के बाद इक जगह से दोसरा जगह के माइग्रेसन रोके खातिर सरकार काफी योजना ले के अयिलस , जवन मुख्य मुख्य बा वोह के देखा देत बानी ।
इंदिरा आवास योजना
जवाहर ग्राम सम्रिधि योजना
स्वर्ण जयंती ग्राम योजना
स्वर्ण जयंती ग्राम स्वराज योजना
एम पी लोकल एरीया डेवेलपमेंट
एकरा अलावा और भी बहुत योजना बाडी सा , एक नजर वोह पे
SOCIAL WELFARE DEPARTMENT एकरा अन्दर
1.Rashtriya Pariwar Labh Yojana
2.Rashtriya Matritwa Labh Yojana
3.Grant for Non-dependent Widows
4.Scholarship for SC students
5.Grant for daughter-marriage of SC persons
6.Grant for medical treatment of SC persons
7.Grant for daughter-marriage of Non-dependent widows
8.Grant for help in SC torture
UP FIN. & DEV. CORP. DEPTT. एकरा अन्दर
1.Self-employment scheme
2.Urban areas shop scheme
3.Free Boring Scheme
4.Motor vehicle scheme
HANDICAPED WELFARE DEPTT.
1.Grant for Non-dependent handicapped
2.Grant for artificial limbs
3.Stipend for handicapped students
4.Free journey in UPSRTC buses
5.Cash money for promotion of marriage with handicapped person
6.Loan for shop construction.
OBC / MINORITY WELFARE DEPTT.
1.Term loan sheme of UP OBC Fin & dev. Corp.
2.Rashtriya Old-age / Kisan pension scheme
3.Sanitery mart scheme.
3- अब हई देखि यु पी सरकार का का करे ले
Schemes for the Backward Areas
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An arrangement of Rs. 395 crore made for special schemes in Bundelkhand and Purvanchal.
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A proposal of Rs. 500 crore has been made for projects financed through Backward Area Grants Fund (Pichhara Kshetra Anudan Nidhi), under which 30 most backward districts will be developed.
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The amount of Vidhayak and Vidhan Mandal Kshetra Vikas Nidhi increased to Rs. 1.25 crore from Rs. one crore. An arrangement of Rs. 126 crore has been made under it.
http://india.gov.in/allimpfrms/alldocs/1827.pdf
निरहुवा जी , एकरा अलावा और भी बहुत सारा मद बा जवना से पैसा आवेला , लेकिन ई पैसा कहा जात बा , का होत बा एह पैसा से जब पुर्वांचल मे विकास नाव के चीज नयिखे ता । अगर रौवा लगे एकर उत्तर होई त बता देब ।
केहु भी हकिकत नयिखे देखल चाहत , सब लोग आहे पे गरई पकडत बा लो । अरे लडे के बा भा विकास के बात भा विकास करे के बा त अपना नेता लोगन के पकडल जाउ , उ लोग के जवाबदेही कब होई ।
का उ लोग जवाब दी की ई सब पैसा कहा गईल ? पानी मे केक मत काटी निरहुवा जी , ई सिनेमा ना हवे जहवा कबो निरहुवा सट्ल रही त कबो निरहुवा फरके रही । ई आम जनता के जीवन हवे एजुगा सट्ल आ फरक ना रहल जाला , एजुगा कईल जाला ।
सिनेमा - माने का भोजपुरी के इक दम से बेच के साफ करे पे लागल बानी का सभे , अयिसन राउर कवन फिलिम बिया जवन हम घरे बैठ के देख सकेनि , अगर होइ त बता देब , एक हु फिलिम !!
मत कर अयिसन की जनता पागल हो जाउ , आ जहिया जनता पागल हो गईल फेरु सट्ल रहब चहए फरके रहब , ई केहु ना देखि , बस वोह समय देखाई की जनता का हवे ।
सिनेमा के बरबाद कई के अब राजनितिक मंच के तलाश मे बानी नु , त तलाश करी लेकिन सिनेमा लेखा फेरु से छोट रास्ता ( shortcut ) मत अपनाई , ना त जनता के अन्दर अब चिनगारी सुनुगत बिया , आ रौवा लेखा लोग वोह के हवा देबे के कोशिश कई रहल बा , लेकिन जहिया उ भडक जाई नु वोह दिन सबसे पहिले चिनगारी के भड्कावे वाला के जरि के राख होखे के पडी ।
बस ध्यान मे एह बात के राख ली आ जंतर पहिनत होखब त तबीज बना के गरदन मे बान्ह ली ।
अगर कुछ ढेर भा गलत कहले होखब ता माफ कई देब लेकिन ई सच्चाई बा , ईहे हकिकत बा , हो सकेला कुछ लोग रौवा तीलिस्म मे अबहियो फसल होइहे लेकिन अब उ तिलीस्म टुट रहल बा । बस रौवा एह के समय रहते चेत जाई , और अगर भोजपुरी के विकास ना कई सकेनी त कम से कम विनाश मत करी सभे । ( ई बात खाली रौवा खातिर नईखे , ई बा उ हर लोगन खातिर से भोजपुरी के नाम पे पुर्वांचल के नाम पे आपन लाल कई रहल बा )
आ मन कई दी त , हई रोजा फिलिम के गाना गुनगुना लेब -
उजड़े नहीं अपना चमन
टूटे नहीं अपना वतन
गुमराह न कर दे कोई
बर्बाद न कर दे कोई
मंदिर यहाँ मस्जिद यहाँ
हिन्दू यहाँ , मुस्लिम यहाँ
फिरते रहे हम प्यार से
जागो ....
हिन्दुस्तानी नाम हमारा हैं
सबसे प्यारा देश हमारा हैं
आसाम से गुजरात तक
बंगाल से महाराष्ट्र तक
हम इक ही धुन इक हैं
भाषा कई सुर इक हैं
कश्मीर से मद्रास से
कह दो सभी हम इक हैं
आवाज दो हम इक हैं
जागो ....
भारत हमको जान से प्यारा हैं
सबसे न्यारा गुलिस्ता हमारा हैं
जय हिन्द , जय भोजपुरी
एगो भोजपुरिया
par aapne jo kuch bhi kaha sahi kaha..... and i m agree with u......