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उत्तर प्रदेश के मंत्री, विधायकन के तनख्वाह बढ़ल

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लखनऊ। कर्मचारियन के छठा वेतनमान देहला के बाद मुख्यमंत्री मायावती एहिजा सोमवार के मंत्रियन आ विधायकन के भी खुश कइ देहली। विधायकन के तनख्वाह 30 हजार रुपया महीना से बढा के 50 हजार रुपया महीना कइ दिहल गइल बाटे, आ मंत्रियन के तनख्वाह 32 हजार रुपया के बजाय 54 हजार रुपया होई।

एकरा अलावा पूर्व विधायकन के पेंशन भी बढावल गइल बाटे। सबसे बड़ बात ई बा कि विधायकन खातिर पारिवारिक पेंशन योजना के भी शुरुआत कइल गइल बा, जेकरा तहत कवनो मौजूदा या पूर्व विधायक के मृत्यु भइला पर उनुका पति/ पत्नी के, विधायक के देय पेंशन के आधा राशि मिली, जवन कि कवनो हाल में 3500 रुपया महीना से कम ना होई।

विधायकन खातिर एह उपहारन के ऐलान खुद मुख्यमंत्री विधानमंडल के दुनों सदनन में जाके कइली। एह घोषणा पर सत्तापक्ष के सदस्य त जमके ताली बजवले सन, लेकिन विपक्ष खामोश रहल। विधान परिषद में राष्ट्रीय लोकदल के मुन्ना सिंह चौहान एह पर कहलन कि एह में खाली पारिवारिक पेंशन योजना ही स्वागत योग्य बाटे। मुख्यमंत्री के विधायकन के तनख्वाह बढ़ाये का जगह पर हैंडपंप देवे के चाहीं, ताकि गर्मी में गांवन में पेयजल समस्या के समाधान हो सके। मुख्यमंत्री उनका बयान पर कवनो जवाब ना देहली।

वइसे ई जान के रउआ के ताज्जुब होई कि मंत्री आ विधायकन के वेतन- भत्ता में करीब 67 प्रतिशत के बढ़ोतरी भइल बाटे। विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधान परिषद सभापति, उपसभापति, कैबिनेट मंत्रियों, राज्यमंत्रियों के मूल वेतन पांच हजार रुपया से बढ़ाके 12 हजार रुपया कइ दिहल गइल बाटे। एह लोगन के निर्वाचन भत्ता के रूप में 15 हजार रुपया, चिकित्सीय भत्ता के रूप में छह हजार रुपया आ सचिवीय भत्ता छह हजार रुपये मिलत रहे, जवन कि अब क्रमश: 22 हजार रुपया, दस हजार रुपया आ दस हजार रुपया मिली। एह तरह उनकर कुल तनख्वाह 32 हजार रुपया से बढ़ के 54 हजार रुपया पहुंच गइल। विधानसभा के अध्यक्ष आ विधान परिषद के सभापति के अपना गृह जनपद में आवास के रखरखाव खातिर दिहल जाये वाला दस हजार रुपया महीना के बढ़ा के 15 हजार रुपया महीना कइ दिहल गइल बाटे। उपमंत्री के मूल वेतन चार हजार रुपया से बढ़ा के 10 हजार रुपया कइ दिहल गइल बाटे। उनका के भी अब कुल 52 हजार रुपया तनख्वाह मिली।

राज्य में विधायकन के अभी तक मूल वेतन तीन हजार रुपया मिलत रहे, जवना के आठ हजार रुपया कइ दिहल गइल बाटे। एकरा अलावा विधायकन के सालभर में सवा लाख रुपया के रेलयात्रा कूपन आ छह हजार रुपया महीना के टेलीफोन खर्च मिलत रही। पूर्व विधायकन के भी सालभर में 60 हजार रुपया के रेल यात्रा कूपन मिलत रही। एकरा अलावा मुख्यमंत्री पूर्व विधायकन के पेंशन भी बढ़ाये के वादा कइले बाडी। एही सप्ताह पेश होखे जा रहल एह विधेयक से प्रदेश सरकार के खजाना पर करीब 20 करोड़ रुपया सालाना के अतिरिक्त बोझ आई।
 
Comments (3)
सही बा, ओकनी ले गरीब आज के समय मे भारत मे के बा ?
1 Tuesday, 09 February 2010 05:15
Navin Bhojpuria
धन्य हो मायावती जी, राउर एह कदम के हम स्वागत करत बानी, काहे की अभी तकले हम सुनले रहनी हा की जलला पे नमक छिडकला से बहुत दर्द होला लेकिन राउर सरकार आ रउवा नमक त डलबे कईनी ओकरा के नीमन से दरकच देहनी सभे।

अब आज के समय मे विधायक आ विधान परिषद के सद्स्य लोगन से गरीब के बा ?

बेचारन के खाये के मिलत नईखे, पहिने के कपडा नईखे मिलत, रहे के घर नईखे एह से राउर कदम बहुत स्वागत योग्य बा!

उत्तर प्रदेश के कहा ले उत्तम बनावल चाहत रहल ह त रउवा सब मिल के पतन करे पे लाग गईल बानी।

उमेद करत बानी की जनता कुछ सबक ली रउवा एह धनी लोगन के धन बाटे वाला स्कीम से।

जय भोजपुरी
विधायकन के तनख्वाह ,विधायकन के तनख्वाह ,मंत्रियन के तनख्वाह
2 Tuesday, 09 February 2010 07:06
R.P.Shahi
अरे भाई , केहुके , कौन अपना घर से देबे के बा ....और जनता भी जहवां , ७०% लोगन के , खाए के २ जून नईखे मिळत ....वोकरे सेवा खातिर त इ लोग बा ?? आखिर उ जनता कहवां बिया ?? मार के सब छीने के ना चाहीं ?
मायावती , चाहे सोनिया , चाहे सब अफसर लोगन के त घर भरले बा ...और अगर खिया , पिया के मोट ना करी लोग त राज , कैसे मिली ?
जेतना पैसा और सुबिधा के घूस दी लोग वोतने व्यवस्था में ये लोग के साथ मिली ...
सबे बतावे ...मायावती के पास ...एतना पैसा आ गईल आ बगल के लोग देखते बा...छिनत काहे नईखे ? कौन अफसर वोहिजा रेड करी ? सबके त औरो और औरो पैसा मिळत जात बा ...?
पूत कपूत ता का धन संचय , पूत सपूत ता का धन संचय
3 Saturday, 13 February 2010 10:22
Rajesh Kumar Singh
का कही कुछ कहा ना जावे आ कहला बिना रहा ना जावे, हम ढेर ना बल्कि इतने कहल चाहब की १ महिना से उपर रहनी हा हम अपना गृह प्रदेश में आ आख तरस गइल हा बेरा प् बिजुली देखला बिना, आज के २१ सताब्दी में जहवा बिजली एगो साधन से अधिका जरूरत के चीज बा, बाकि मायावती जे के कपार में नैखे बुझात काहे की बिजली सड़क आ स्वास्थय आ पढाई लिखाई एह सब से परे होकर के एक सूत्री कार्यकम धन संग्रह अपना खातिर आ अपनी सगरी [चोर भाई लोग खातिर ] में व्यस्त बानी लोग .
आज की तारीख में बेचारा बिधायक आ बिधान परिसद के लोग सबसे गरीब बा, १० गो गाड़ी , अनगिनत हथियार एह सब हमनी का प्रदेश के गरीबन नेता के पहचान बा . हम ता इह्हे कहब अबो से तनी गुंजाईश करी लोग आ एकबार अपनी दिल पर हाथ रख कर सोच ली सभे !
नंगा पैदा सब लोग होला , आ नंगा जायेका बा .

मायावती जी आ राउर सगरी मंत्री महोदय लोगन खातिर हमार अनुरोध बा. आज आ काल्ह तक सोची लोग , २ - ३ पुस्त आगे तक मत सोची लोग [पूत कपूत ता का धन संचय , पूत सपूत ता का धन संचय ]