महोबा। वइसे त साल में 365 दिन ही होला, लेकिन उत्तर प्रदेश में सबसे बेसी पिछडल बुंदेलखंड के महोबा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में 1102 दिन के काम दिखावल गइल आ एह काम के बदले में करीब एक लाख रुपया के भुगतान भी क दिहल गइल।महोबा के चरखारी विकास खंड में मजदूरन के हाजिरी खातिर बनल रजिस्टर में एक-एक जॉब कार्ड में न सिर्फ एक हजार से ज्यादा दिन से अधिक का काम चढ़ावल गइल, बल्कि एकर भुगतान भी कर दिया गया। मनरेगा में अब तक भइल एह सबसे बड़ फर्जीवाड़े के जांच के दे दिहल गइल बा।
एह योजना के तहत कमलखेड़ा तक बनल सम्पर्क मार्ग के निर्माण आ तालाब खुदाई में साल 2007-08 में आठ महीना काम में एक मजदूर के 97 हजार 900 रुपये आउर एगो के 93 हजार 240 रुपये के भुगतान कइल गइल। जॉब कार्ड संख्या 48 के धारक रामकिशन के 1102 दिन आ जॉब कार्ड संख्या 44 के धारक भवानीदीन के 1050 दिन काम दिहल गइल बा। मस्टर रोल के अनुसार एह दूनों मजदूरन के 15 अप्रैल 2007 से 25 नवबर 07 तक काम दिहल गइल रहे।
एही काम में पाठा गांव के राजेश कुमार के 272 दिन, वरदानी के 301 दिन, महेन्द्र के 420 दिन आ सुम्मी के 357 दिन काम दिहल गइल। धांधली के एह प्रकरण में क्षेत्र पंचायत प्रमुख देव कुंवर सीधे तौर पर प्रखंड विकास अधिकारी आ ग्राम पंचायत सचिव के जिम्मेदार ठहराव तारे। ऊ कहलन कि दूनो लोग मिल के एह फर्जीवाड़ा के अंजाम देहले बा, आ सरकारी धन की लूट कइले बा।



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Suraj Babu