जमशेदपुर। भोजपुरिया लोगन के सबसे सशक्त आवाज भोजपुरिया डॉट कॉम के पिछला 3-4 महीना से लगातार धमकी मिल रहल बा, आ ऊहो मात्र एगो सच्चाई के उजागर करे खातिर।14 अगस्त 2009 के हमनी के वेबसाइट पर एगो समचार लागल रहे "रंगे हाथ धरइले साहित्यकार मनोज भावुक", जवन कि एगो सत्य पर आधारित रहे। एह मामला में साहित्यकार मनोज भावुक का जगह एगो आउर लइका के परीक्षा देते रंगे हाथ आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविधालय में धरल गइल रहे। एह मामला में विश्वविधालय प्रबंधन द्वारा एगो प्राथमिकी भी दर्ज करावल गइल रहे, आ ऊ लइका के कुछ दिन तक जेल में भी रहे के पडल। आरा से प्रकाशित लगभग सभ समाचार पत्रन में ई खबर छपल रहे, आ भोजपुरिया डॉट कॉम भी एकरा के प्रकाशित कइले रहे।
ओह खबर के प्रकाशित भइला के बाद लगातार हमनी के ऊपर ओकरा के हटाये के दबाव बढत गइल। सबसे पहिले एगो बडहन भोजपुरी संस्था के महासचिव के फोन आइल, जवन कि ओकरा के हटाये के कहलन आ इहो कहलन कि "हम तहरा पर, आ भोजपुरिया डॉट कॉम पर आपन अधिकार मान के ई कह तानी कि मनोज भावुक से संबंधित खबर के वेबसाइट से हटा दिहल जाव।" चार-पाँच बेर फोन अइला के बाद एक दिन पटना में भोजपुरी गायक मनोज तिवारी का सामने हम उनुका के साफ- साफ कह देहनी कि "हम राउर बहुत सम्मान करिले, लेकिन खबर सच पर आधारित बा, आ ओकरा क हटावल संभव नइखे।" ओकरा बाद उहे व्यक्ति भोजपुरिया डॉट कॉम के साहित्य संपादक अनिल ओझा नीरद जी के भी 2-3 हाली फोन कइलन्।
ओकरा बाद एक जाना आउर फोन कइलन, जवन कि स्वयं के झारखंड में सेवारत एगो सब-इंस्पैक्टर बतवलन, आ मनोज भावुक के रिश्तेदार भी। पुलिसिया रौब में कहलन कि रउरा से मिले के बा, जब हम मिले खातिर तैयार भइनी त कहलन कि आज ना, काल्ह मिलल जाई। अगिला दिने हमरा के शहर से बाहर जाये के रहे, ओह से हम कहनी कि रउरा फोन पर ही बता दीं कि का बात बा, लेकिन ऊ खाली इशारा में ही बात करत रह गइलन। कहलन कि मनोज भावुक कहले बाडे कि जमशेदपुर गइला पर रउरा से एक बेर मिल लेवे के। फेर दोबारा उनुकर फोन कबो ना आइल।
ओकरा बाद 2-3 गो आउर साहित्यकारन के फोन आइल, कि ओह खबर के हटा दिहल जाव, फेर मनोज भावुक के भाई साहेब (धर्मेन्द्र कुमार सिंह) खुद फोन कइलन, आ हमार आ मनोज भावुक के पाँच साल पुरान रिश्ता के दुहाई देत कहलन कि ओह खबर के ओहिजा से हटा दिहल जाव। हमार नकारात्मक जबाब के बाद भाई साहेब चेतावनी दिहलन कि भोजपुरिया डॉट कॉम के बारे में भी ऊ अपना पत्रिका (जवन कि लखनऊ से निकलेले) में छाप सकेले, हम कवनो जबाब ना देहनी।
दस दिन आउर बितला पर मनोज भावुक फोन कइलन, आ हमरा ओर दोस्ती के हाथ बढवलन। हम तुरंत स्वीकार क लेहनी, लेकिन उनुकर दोस्ती के शर्त शायद ओह खबर के हटावल रहे। हम जबाब देहनी कि - "भोजपुरिया डॉट कॉम पर से कवनो खबर के हटावल संभव नइखे। हमनी का हमेशा सच के मार्ग पर चलेनी जा, आ अगर ओह खबर में कुछ भी गलत बा, त बता दीं, हमनी का ओकरा के संसोधित क देब। हमनी के खाली सच खातिर मनोज तिवारी जी से भी विवाद भइल रहे, आ ऊ खबर आजो भोजपुरिया डॉट कॉम पर बा, लेकिन तबो हमनी के मनोज तिवारी जी से बहुत बढिया संबंध भी बाटे।" एतना सुनला पर मनोज भावुक चुप हो गइलन, आ दोबारा फेर फोन ना कइलन।
पिछला 3-4 दिन से उत्तर प्रदेश के एगो ज्योतिषाचार्य हमनी के भोजपुरिया डॉट कॉम पर आपन विज्ञापन लगावे खातिर फोन करत रहले ह। हमार तबियत कुछ ठीक नइखे, ओह वजह से काल्ह रात के करीब 8:15 बजे हम डाक्टर के पास से आके बिस्तर पर लेटल रहनी तले ले इनिकर दोबारा फोन आइल, बात-बात में ई कहलन कि आप लोग वेबसाइट का इस्तेमाल किसी को बदनाम करने के लिये कर रहे हैं। एह बात पर लगभग चौंकते हुये हम पूछनी कि आपके कहने का क्या मतलब है? कहले कि आप समझ रहे हैं, फेर हम इनका के गुस्सा में कह देहनी कि आपके जैसे 10 लोगों का रोज फोन आता है, और मुझे इसका इलाज भी आता है। त कहलन कि क्या इलाज करेंगें आप? कहलन कि आपके वेबसाइट को हम लोग मॉनीटर कर रहे हैं, और आपको चेतावनी (वार्निंग) दी जा रही है। ई-मेल आईडी भी मँगलन आ ओह पर कुछ भेजे के भी कहले बाडन। हम कहनी कि आप साफ-साफ कहिये कि क्या कहना चाहते हैं, आप मुझे इस तरह धमकी नहीं दे सकते हैं। ओकरा बाद ऊ बात बदले के कोशिश करे लगलन। इहो कह के धौंस जमाये के कोशिश कइलन कि आप किसी साधारण आदमी से बात नहीं कर रहे हैं। हमनी का लगे हर फोन के रिकार्डिंग आ हर व्यक्ति के नम्बर भी उपलब्ध बा, अगर केहू के जरुरत होखे, त हमनी का दे सकेनी।
अब ई सब जनला के बाद रउरा बताईं कि एह में हमनी के का गलती रहे, आ हमनी के आगे का करे के चाहीं? भोजपुरिया समाज के सबसे बडहन वेबसाइट का एगो झुठ का सामने झुक जाव...? वइसे अभी अभी खबर मिलल बा कि एतना बडहन धोखेबाज (जे एगो गायक पंकज प्रवीण के भी पइसा खा गइलस, आ एगो विश्वविधालय के भी धोखा देत रंगे हाथ पकडा गइल) के दिल्ली में एगो संस्था अगिला 9-10 तारीख के भोजपुरी सम्मेलन में सम्मानित कवि का रुप बोलवले बिया, आ शायद ओही वजह से ऊ भोजपुरिया डॉट कॉम पर से ओह खबर के हटाये खातिर बेचैन बाडे। जब ले हमनी के समाज एह तरह के धूर्त लोगन के मंच पर बोला के सम्मानित कइल बंद ना करी, तब ले एह समाज के रक्षा भगवान भी ना क सकेले।



आ जे उनकर पैरवी करत बा उन्हऊ से कहनाम बा की कुकुरुन की टोली में अगर शेर भी चलत रही त वोहु क गिनती कुकुरे में होई. हमार ये हिमायती लोगन से विनती बा की भाई काहें आपन गिनती कुकुरन में करवावत बाड़ जा |
सच्चाई कभी भी छुप ना सक़ेले.
निकलल बाड़ सच्चाई के झंडा लेके,
त भाई अइसन धमकी त मिलबे करी,
निकल जाई जे इ सब ले,
ओकर गिनती अच्छाई में होबे करी |
-- शरत निखिल
प्रनाम सब भोजपुरिया डोट कॉम पर आवे वालन हर एक जिमेदार नागरिक के |
जइसा की रौउआ सभे जानत होखम और बहूत जगह पढले भी होखम की "भोजपुरिया" हमेशा सच्चाई के साथ बा |
हर एक खबर इहवा बहूत सोच विचार कर के डालल जाला | मनोज भाऊक के साथे ठीक होता और उनकर न्यूज़ ना हटाके भोजपुरिया आपन सच्चाई के सबूत दे देले बा |
जय भोजपुरी
राउर आपन
शरत
तहार करतूत पढ़ के हम शर्मिंदा हो गईनी | एक साहित्यकार के जवन रूप तू देखावत बाड़, हम ओह पे शर्मसार बानी | "भावुक" शब्द के भी इज्जत ना रखल | तहरे जइसन लोग के कारण भोजपुरी साहित्य के पतन हो गईल बा आ हमनी के गारी सुन रहल बानी जा |
कभी हम तहार रचना के प्रोत्साहित कईले रहीं एगो नेट्वोर्किंग साईट पे , बाकि हम ओह खातिर एक साहित्यकारके नाते समस्त भोजपुरिया समाज से क्षमा मांगत बानी |
kuchu ke matlab lagawat rahab ki ka hola . baki hum rauwaa se ihh baat kahab ki rauwaaa jhoot fareb aa gaddari ke rasta bhulaaa ke feru se ek sahi bhojpuriya nagarik ke bhati uchit samman se ji sakat bani , taa ka jaroorat ba ehh jhoot aa fareb ke rasta pakarlaa ke , dekhi aaj kal samay ke abhaw baa taboo khali hum lekh padh ke rook na pawni haaa .
aabo se sudhreee ke prayyash kari Rawuwaa bahoot sukhi raheb log , kavi hai kavi ke maryaaad ke samjhi.
aa derawe dhamkaawe wala kaaam taa chichoor log karela . ihh kul kaam maat kari . jai bhojpuri
धमकी - अरे मुर्ख एगो बात् समझ " ईहा कुम्हड बतिया कोई नाही , देख तरजनी मै डर जाही ।
मय ज्योतिष कईल निकल जाई जब भोजपुरिया अपना पे उतर अयिहन स त । अरे तोर धमकी तब कह रहल जब राज ठाकरे भोजपुरियन के मरत रहे, अरे मुर्ख तोर धमकी कहा रहल जब पंजाब मे भोजपुरिया मरात पिटात बाडन स
का मय धमकी वोह समय खतम हो गईल रहे भा खतम हो गयिल बा , आ सांच बोलला खातिर तोर धमकी भा तहनी के धमकी जोर मारत बा ?
लेकिन ई काहे भुलात बाड स की एहो भोजपुरिया बाडन स ।
तनी धीर राखस , तनी भकुवा स मत , ना त भकुवईला के दवाई करे आवेला आ वोह खातिर डाक्टर खोजे के ना पडी काहे कि हर भोजपुरिया भकुवाईला के दवाई करे जानेलन स ।
उमेद बा हमार बात समझ गईल होखब स, और ना बुझाईल होई त समय आई त मालूम पड जाई आ वोह दिन खातिर एगो गाना हमरा याद आवत बा (मनोज भाई के गावल हवे , अरे मुर्ख, ई गाना असली मनोज के हवे, मनोज तिवारी के हवे )
छुवला त गईला बेटा ई भोजपुरियन के गाडी हो (एजुगा ठेला से गाडी कईल गईल हा तहनी के बुझाये खातिर )
पुरा संसार घुमावल जईबा खोल के पिछाडी हो ।
त अब बुझा गईल होई कि का कहात बा, बुझ गईला त समझदार बाड ना त समझावे त हमनी के अईबे करेला ।
जय भोजपुरी
आ ई ज्योतिषाचार्य के का कहीं, कम से कम आपन आ मनोज भावुक के भविष्य त पहिले देख लेवे के चाहत रहे/ हमनी का भोजपुरिया.कोम का संगे बानी जा, एह लोगन के समाज से बाहर निकाल देहला पर ही समाधान होई/
Ramkesh, Kolkata
aa jab chori kaile bate th sarmat kahe bate aa gohar laga ke chahe dhamki deke kaa ka sakele.
imaa ghabdaila ke zaroorat naikhe app bhojpuria ke sachai ke khatir hi itna paith bhael ba.
Thanks