एगो सच के स्वीकार कइला का जगह मनोज भावुक लगातार भोजपुरिया डॉट कॉम पर आरोप लगा रहल बाडे। काल्ह अपना एगो मित्र के वेबसाइट पर ऊ आपन तुलना भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी से करे के दुस्साहस कइलन, आ भोजपुरिया डॉट कॉम के दू कौडी के वेबसाइट बतावत ई दावा कइलन कि हमनी का उनुकर नाम के इस्तेमाल भोजपुरिया डॉट कॉम के प्रचारित करे में कइ रहल बानी जा।हमनी के औकात पर सवाल उठावत ऊ इहो आरोप लगवलन कि चूंकि उनुका के दिल्ली के एगो सम्मेलन में बोलावल गइल बा, ओह से हमनी का उनुका के रोके खातिर ई मामला के दोबारा उठवनी ह। ईहो आरोप लगवलन कि ई कुल्ह आरोप हमनी के दिमागी उपज हवे, जवन कि पूर्णत: निराधार बा। उनुकर आरोपन के जबाब में हमनी का एगो ई-मेल भेजले बानी जा, जवन कि एहिजा प्रकाशित कइल जा रहल बाटे।
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मनोज जी,
बढिया साहित्य लिखला के दावा कइला के बादो राउर एह जबाब के एक-एक शब्द से राउर हताशा साफ झलक रहल बा। रउआ अगर ई चाह तानी कि राउर बात सुन के केहू सच लिखल बंद क दी, त ई एगो गलतफहमी बा।
वेबसाइट दू कौडी के भी हो सकेला, आ दू करोड के भी।।। रउरा जइसन आदमी के वेबसाइट के कीमत के अहसास ना कहियो रहे, ना कहियो होई। रउआ आ राउर मित्र लोग खातिर ई खाली दुश्मनी निकाले आ आपन नाम चमकाये के जरिया होई, आ पूरा जिनगी इहे कइले भी बानी रउआ लोग। लेकिन, हमरा खातिर एगो वेबसाइट के बहुत कुछ मतलब बाटे।
हमरा केहू के कवनो कार्यक्रम में जाये से रोके के कवनो मकसद नइखे, आ ऊ सोच के हम लिखले भी ना रहनी ह। चूकिं राउर चमचा (ऊ ज्योतिषाचार्य) के फोन आ गइल, ओही वजह से हमरा लिखे के पडल। आज ले हमरा ऊपर दबाव बनाये खातिर जेकर भी फोन आइल बा (रउआ वजह से), उनुकर नम्बर आ रिकार्डिंग़ भी हमरा लगे बाटे, आ रउरा के उपलब्ध करावल जा सकेला। रहल बात लिखला के, त अगर केहू हमरा के बार-बार परेशान करी, धमकी दी, त हम त लिखबे करब, आ ओह खातिर केहू हमरा के रोक नइखे सकत। लेकिन हमरा ई समझ में ना आइल कि हई धमकी वाला फोन करवा के का कइल चाह तानी? का गोली मरवा देब, कि हमरा के उठवा लेब, या फिर कुछ आउर इरादा बा एह तरह के फोन करवइला का पीछे? साफ-साफ बता दीं।
वइसे अगर कवनो चोर के बोला के कवनो संस्था सम्मानित कइल चाह तिया, त शौक से करे, हमरा ओह से कवनो एतराज नइखे। आ रउआ के चोर हम नइखी कहत बल्कि वीर कुंवर सिंह विश्वविधालय आ आरा पुलिस के कहनाम बा, जहाँ कि बकायदा रउरा खिलाफ मामला भी दर्ज बा फ्रॉड कइला के। ई खबर हर अखबार में छपल रहे, लेकिन रउरा ओह अखबार वालन से कवनो तकलीफ ना भइल, हमरा से भइल। काहें भइल, पता ना?
आपन तुलना मनोज तिवारी से करे के पहिले एगो बात अपना मन में बइठा लीं, कि मनोज तिवारी भोजपुरियन खातिर हीरा हवन, आ रउरा एगो जरल कोयला भी हईं कि ना, ई सोचे के पडी, आ देखे के पडी। अगर रउआ आपन तुलना मनोज तिवारी से कइल चाह तानी, त एह से बड दिमागी दिवालियापन अउर कुछ ना हो सकेला।
वइसे मनोज तिवारी वाला मामला में गलत का रहे, ई सारा दुनिया जानत बा, आ जवना दिन ऊ गलती उजागर भइल, ओह दिन सबके सच्चाई समझ में आ गइल, आ मामला भी ओह दिने खतम हो गइल। ओहमें हमार लडाई एगो गलत समाचार के खिलाफ रहे, ना कि मनोज तिवारी के खिलाफ। मनोज तिवारी भी एह बात के समझ गइलन (ई हवे एगो हीरा के पहिचान)। जहाँ तक हमार मनोज तिवारी से संबंध बा, ई रउरा जइसन छोट अउर क्षुद्र मानसिकता वाला व्यक्ति के ना समझ में आई। राउर अगर कबो उनुका से भेंट होई, त पूछ लेब। अउर हाँ, रउरा मामला में एक बार मनोज तिवारी से भी बात भइल रहे त ऊ कहलन कि सच लिखल राउर काम ह, आ ओहसे केहू के खराब लागो त का कइल जा सकेला।
जहाँ तक यूनिवर्सिटी के केस के सवाल बा, ऊ आज भी चल रहल बा, आ पंकज प्रवीण के पइसा रउरा खा गइनी एकर सबुत भी हमरा लगे बा, त फेर तनी ई बताईं कि एहमें हम अपना दिमाग से का पैदा कइले बानी। एक बात अउर रउआ नोट क लीं कि भोजपुरिया डॉट कॉम पर ऊहे लिखाई, जवन होत बा, आ ओहमें का सच्चाई बा। हाँ, राउर शुभचिंतक (चमचा) लोग के फोन आ रहल बा, या फिर ई कहल जाव कि रउरा करवा रहल बानी, लेकिन ऊ लोग के जवन जबाब मिल रहल बा, आ आगे भी मिली, ओकरा के सुनला के बाद केहू दोबारा फोन करे के हिम्मत ना करी।
एगो अइसन आदमी, जेकरा पर धोखाधडी के मुकदमा चल रहल बाटे, ओह आदमी के अगर ई गलतफहमी बा कि केहू ओकर नाम के इस्तेमाल अपना के प्रचारित करे खातिर करी, त ई मानसिक दिवालियापन के पराकाष्ठा ह, आउर कुछ ना। एगो आदमी, जवन पिछला 4-5 महीना से पुलिस से बच के भागल-भागल फिर रहल बा, ऊ दोसरा के का औकात देखाई।।। आ दोसरा के का उखाड ली?
एह तरह के अनर्गल भाषणबाजी से काम ना चली, आ हमरा ऊपर अँगुरी उठाइब त शायद राउर साया भी साथ छोड दी। एक बेर कुलदीप जी से पूछ लिहीं कि खाली एही तरह का चमचई का वजह से अब उनुका साइट पर केतना विजिटर बाचल बाडे, आ एही वजह से केतना लोगन के वेबसाइट बंद भी हो चुकल बा, एह बात के जानकारी त रउआ होखबे करी। एक बात अउर, 4-5 महीना पहिले रउरा भोजपुरी सिटी (फिल्मी पत्रिका) में भी लिखवले रहनी कि रउआ लिट्टी-चोखा डॉट कॉम के संपादक हईं, जबकि पिछला देढ-दू साल से ऊ वेबसाइट हमनी का लगे बा, आ ओहसे राउर कवनो लिंक भी नइखे। त के केकर इस्तेमाल कइ के नाम कमाइल चाहत बा, ई एही से पता चल जाता। एक दिन एक जाना शिकायत भी कइलन (हम नाम बता देब, अगर चाहीं त) कि रउआ अपना ब्लॉग पर बिना ओकर अनुमति के ओकर भेजल 3-4 साल पुरान ई-मेल कॉमेंट का रुप में पोस्ट क देले बानी। एकर मतलब का भइल? ओहमें हमार भेजल 4 साल पुरान एगो मेल भी मिलल। एकरा से रउआ का जतावल चाह तानी, का कइल चाह तानी? ई खाली अउर खाली राउर आपन इमेज बनाये के एगो नया तरीका बा। आ जब शिकायत भइल, त रउरा ओह ब्लॉग के पासवर्ड- प्रोटेक्टेड क देहनी। त एह तरह के निचला स्तर के क्षुद्र मानसिकता वाला काम से के नांव कमाइल चाहता, ई शायद अब बतावे के जरुरत नइखे।
जाईं मनोज बाबु, मुकदमा पर ध्यान दीं, ना त कहीं कवनो दिन अगर ओकरा वजह से रउआ कवनो बड परेशानी में पड जायेब, त ओह दिन राउर एको शुभचिंतक (चमचा) काम ना अइहें। आपन कइल गलती के प्रायश्चित भी इंसान के खुदे करे के पडेला, ई बात अगर ओह इंसान के अबो समझ में नइखे आवत, त ओकर भगवान ही मालिक बाडे।।।
हम उम्मेद कर तानी कि राउर चमचा लोग चमचई छोड के एगो शुभचिंतक लेखां बेवहार करी, आ रउरा के सही राह देखाई।
सुधीर कुमार
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हमनी के उम्मेद बा कि उनुका के उनकर हर सवाल आ आरोप के जबाब मिल गइल होई।




इहाँ हम भोजपुरिया समाज के लोगन से निहोरा करब की हमेशा के तरह आप लोग सच आ झूठ में फर्क करी आ जे भी दोषी होखे ओकरा के उचित दंड दिही, काहे की हमनी के इहे चुप रहे वाला प्रवृति के कारण ही हमनी के अपना नाव के आगे पिछड़ा पन के टैग लागी गइल बा, अपना समाज में व्याप्त बुराई के बिरोध करी के ही हमनी के आपन सम्मान के लड़ाई लड़ी सकत बानी, ना त रोजे कोई कोई के बेवकूफ बनाई, कोई कोई के लूटी, और बदनाम होई हमनी के आपन माई भोजपुरी.
भरोसा करी भोजपुरिया डाट कॉम भोजपुरी से जुडल हर मुद्दा पर सच के साथ रही.
राउर
पंकज प्रवीण
mahanta kahala
कई चीजन के असलियत खुलल,कई चीजन के सच्चाई जाने के मिलल, और एह (भावुक) बाउक के खबर से हमरा ई बुझाईल की एगो रंगल सियार के जेट पम्प जईसन प्रेसर वाला पानी से धोवाई हो रहल बा, अभी तक ओकर रंग उतरल बा लेकिन लागत बा कि उनकर और भी बहुत कुछ उतरी।
रहल बात मनोज तिवारी वाला मुद्दा के त हम काफी जगह वोह घटना के बारे मे पढनी और जेतना विस्तार से भोजपुरिया डाट काम वोह के लोगन के सामने ले के आईल उ काबिले तारीफ और वोह के अगर कुछ लोग "व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप समझ के भा मनोज तिवारी के उपर आरोप लगावल" कहत बा त एह से वोह आदमी के संकीर्ण सोच, नकारात्मक विचार, और क्षुद्र मानसिकता के पता चल रहल बा। आ एह के देखला के बाद हम अतने कहब कि अयिसन (संकीर्ण सोच, नकारात्मक विचार, और क्षुद्र मानसिकता) सोच वाला लोग भले जबरदस्ती भावुक लगा लेउ लेकिन उ भा ओइसन सोच वाला व्यक्ति हमेशा बाउक रही।
बाकी त वोह बाउक के बारे मे भोजपुरिया डाट काम तस्वीर साफ कईये देले बा, अब हम और का लिखी !
जय भोजपुरी
नवीन भोजपुरिया
baoukk logan se publicity hoi ?????? humni ka khoon etnaa ganda naikhee, jo aisan kaam karab ja har baat ke parmaan baa mang lihee boorbaak jab chaaahi tab. kahli mai etnaa kahal chhaa tani ki sachii mehnaat lagan aa dirdh viswash jawan baa ohike parinaam ba ki din doona aa raat chougunaq tarakiii kari jai bhojpuriya kaahe ki ihhaaa dimaag ke prayoog ke saaath dil ke pryoog bhi baaa.
aaa hum taa toohke chichoor jana tani pahila comment me likh dehli rahni,
aaare baoukaa tora taniko laaj naikheee hayaaa aa saraam taa tuuu ghoor ke pi gail baree, aare aabo se sahi rasta per aaa jo. aa sach ke swikaar kail bahoot barr mahantaa hola ,
bhagwaaan tooohke sadbudhi de
Rajesh Kumar Singh
Jai Bhojpuri- Jai Hind
rahal manoj tiwari ke bat, ta Manoj Tiwari ke chalte Bhojpria.com ke log aur pahchan gayal.