Home Samachar Vishesh आधी रोटी खाएब, इंजीनियरिंग कालेज खुलवाएब

आधी रोटी खाएब, इंजीनियरिंग कालेज खुलवाएब

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बक्सर। एकरा के गांव वालन के जज्बा ही कहल जाई कि कम पढ़ल-लिखल भइला के बावजूद ऊ लोग उच्च शिक्षा खातिर आपन काफी-कुछ न्यौछावर करे खातिर तैयार बा। ओह लोगन में ललक बा कि अपना आये वाली पीढ़ी के इंजीनियरिंग आ डाक्टरी पढ़ाई पढावल जाव, भले ही ओकरा खातिर ओह लोगन के एकर कवनो कीमत चुकाये के पड़े, कवनो त्याग करे के पड़े।

बिहार के बक्सर जिला के अरियांव गांव के लोग का एही जज्बा का तहत इंजीनियरिंग कालेज बनवाये खातिर ना सिर्फ आपन जमीन दान में दे दिहल, बल्कि अनापत्ति प्रमाण पत्र खातिर 35 लाख रुपया के धनराशि भी आपस में चंदा करके जुटा लिहल। एह गांव के लोग एहिजा आधी रोटी खाके भी गांव में इंजीनियरिंग कालेज खुलवाये के संकल्प लेले बा। आ ओर संकल्प के पूरा करे खातिर आपन बेशकीमती बीस एकड़ जमीन त दान कइलही बा, घर-घर से चंदा भी जुटवले बा, जवना से कालेज के भवन के निर्माण शुरू हो गइल बाटे। एह गांव में विद्यादान सोसाइटी का ओर से बनावल जा रहल एह तकनीकी व प्रबंधन संस्थान के राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र आ अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मंजूरी मिल चुकल बाटे। एही साल अगस्त से एहिजा चार ट्रेड में पढ़ाई शुरु होखे के संभावना बा।

गांव वालन के जज्बा के अंदाज एही से लगावल जा सकेला कि गांव के किसान सारंगधर सिंह कालेज खातिर तीन एकड़ जमीन दान दे दिहले, जबकि शिवयश सिंह, रामबहादुर सिंह, परशुराम सिंह, रामाकांत सिंह, अवधेश सिंह आ अजब दयाल सिंह जइसन कई गो किसान मुफ्त में ही आपन जमीन सोसाइटी के नाम रजिस्ट्री कर दिहल। एकरा अलावा ई लोग भवन निर्माण खातिर भी कार सेवा कइ रहल बाटे। अब ले कालेज भवन के नींव में खर्च राशि आ एनओसी खातिर राज्य सरकार के पैंतीस लाख रुपया गांव वाला लोगन के जुटाइल चंदा के रकम से ही दिहल गइल बाटे। निर्माण कार्य में योगदान खातिर किसान चतुर्भुज सिंह आपन किसान विकास पत्र भी तुड़वा चुकल बाडे। कालेज खातिर आसपास के गांवन में घर-घर जाके चंदा जुटाये में लागल मनोज सिंह के कहनाम बा कि गांव वाला लोग स्वेच्छा से पांच सौ से लेके इक्कीस हजार तक दान दे रहल बाटे।

एह कालेज का सपना देखे वाले आ सोसाइटी के अध्यक्ष (रक्षा अनुसंधान विकास संस्थान [डीआरडीओ] के पूर्व वैज्ञानिक) सूर्य कुमार सिंह बतवलन कि गांव वालन के सहयोग से इंजीनियरिंग कालेज आकार ले रहल बाटे। जमीन छोड़के ग्यारह करोड़ के एह प्रोजेक्ट पर अब तक एनओसी लेवे आ निर्माण कार्य में डेढ़ करोड़ रुपया खर्च हो चुकल बाटे। ई धनराशि गांव वालन के मदद से ही एकत्रित हो सकल बा। वइसे गांव वालन के एह लगन के देख के अब बैंक भी मदद खातिर तैयार हो रहल बाटे। सिंह के कहनाम बा कि पहिला चरण में एआईसीटीई से कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रानिक एण्ड कम्यूनिकेशन, इन्फारमेशन टेक्नोलाजी आ इलेक्ट्रानिक एंड एलेक्ट्रिकल ट्रेड में साठ-साठ सीटन के अनुमति मिलल बाटे। एह कॉलेज के एकेडेमिक व प्रशासनिक भवन अप्रैल तक बने आ एह में एही साल पढ़ाई शुरू होखे के संभावना बाटे। [स्त्रोत: कंचन किशोर/ जागरण]

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Comments (11)
कॉलेज के निर्माण में लागल लोगन के हमार नमन...
1 Sunday, 24 January 2010 16:00
Sudhir Kumar
एह समाचार के पढला के बाद बुझाते नइखे कि का लिखल जाव...

हम बस एके बात कह सकेनी कि ई खाली बिहार में हो सकेला, आउर कहीं ना... काहें कि ई उहे बिहार ह जहंवा दुनिया के पहिला गणतंत्र (लिच्छिवी) के शुरुआत भइल रहे... ई उहे बिहार ह, जहाँ नालंदा विश्वविधालय रहे, जहाँ दुनिया भर के लोग पढे आवत रहे... ई उहे बिहार ह, जहाँ से बौद्ध आ जैन धर्म फलल-फूलल रहे, आ देश-विदेश में प्रसिद्ध भइल रहे... ई उहे बिहार ह, जहाँ से गुरु गोविन्द सिंह जी सिख संप्रदाय के विश्वव्यापी बनवनी... ई उहे बिहार ह, जहाँ महात्मा गाँधी के अपना पहिला आन्दोलन शुरु करे के प्रेरणा मिलल... ई उहे बिहार ह, जहाँ के कुंवर सिंह अस्सी साल के उमिर में भी अंग्रेजन के खिलाफ लडल रहनी... अउर त अउर, ई उहे बिहार ह, जवना के अशोक चक्र लागल सिक्का (आ नोट) आजो एह देश में चलेला, आ ओही अशोक चक्र के देश के सरकारी चिन्ह का तौर पर भी इस्तेमाल कइल जाला.

एक ओर जहाँ लोग सरकार का लगे एगो प्राइमरी स्कूल खोले खातिर भी आवेदन देत-देत हार जाला, ओहिजे एह घटना के देख के एगो शेर याद आवता - "खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे, बता तेरी रजा क्या है..." अपना बुता पर मात्र चंदा काट के करोडो रुपया के इंजिनियरिंग कॉलेज बनाये के जवन प्रोजेक्ट शुरु कइल गइल बाटे, वइसन काम आज से पहिले शायद एह देश में एके बार भइल रहे, जब महामना मदन मोहन मालवीय बनारस हिन्दु विश्वविधालय के नींव रखले रहनी. लेकिन ओह समय महामना बहुत बडहन व्यक्तित्व रहनी, आ उनुका एक पुकार पर लोग पइसा लुटावे के तैयार होत रहे. लेकिन एह गाँव के साधारण लोग ई देखावता कि सपना बडा होखे के चाहीं, सोच बडा होखे के चाहीं... ओकरा बाद हर मुश्किल आसान हो जाला.

एक गरीब मानल जाये वाला राज्य के इच्छा-शक्ति के साक्षात प्रमाण ह ई घटना... ई घटना हमनी के माटी से जुडल लोगन के ताकत के अहसास करा रहल बाटे. ई घटना ओह लोगन के मुँह पर एगो तमाचा हवे, जे गांव के लोगन के पिछडा समझेला. एह घटना के देखला के बाद एक बात बहुत साफ बा, कि बिहार अगर अपना जिद पे आ जाव, त आजो ना सिर्फ एह दुनिया के एगो नया राह दिखाये में सक्षम बा, बल्कि लोगन के जिये के एगो अंदाज भी सिखा सकेला.

एह गांव से जुडल आ ओह कॉलेज के निर्माण में लागल लोगन के हमार नमन...

सुधीर कुमार
appreciate to people
2 Monday, 25 January 2010 20:39
ranjeet mishra
this is a very good effort from baksar people.I pray to God that every bihari people think and work for bihar progress. Baksar people give good example for every bihari people.
good job by villagers
3 Wednesday, 27 January 2010 17:17
krishna kant ojha
Respected sir/villagers
Namaskar

I read this column in bhojpuria.com, Really i can't aspects from villagers they doing this.I haven't any words to praise those villagers. Good job doing by them. if they have an a/c for donation then mail to me.

I Mr. K K Ojha belongs to vill+post- ojha baraon, near by arion. my father is ritd from army(ex army t.k.ojha)

thkx & rgd
k k ojha
KHUSI BHAEL
4 Thursday, 28 January 2010 18:48
YASHWANT SINGH (BUXAR)
Ham e news sun ke bahut khush bhaeni ki puche ke naekhe kahe ki aaj tak padhe wala laekan log ke dosra jagah nam likhwave me auri padhai kare me katna paisa lagal auri barbad bhi bhael ab u cheez dekhe aa sune ka na mili. Sab ghar-parivar chor ke atna atna dur padhai kare khatir auri upar se sala admission me bhi dikkat, e sab cheez se mukti mil jae hamni ke aawe wala generation ke. Ab sudhir bhai atna like dele baran u kam naekhe. Hamni ke bihar bhavisya me jarure aage jae aur e cheez sab kehu dekhi j log bihar k dosra nigah se dekh rahal bate.
Dhanyabaad !
5 Thursday, 04 February 2010 11:30
S K Singh
Aap logan ke comments dekh kar hamar man badhal.
Sabke Dhnayabad aur aage ke sahyog ke apeksha rakhat bani.

Vidyadaan ke website (www.vidyadaan.org) par ja kar samy samay par updates dekhat rahe ke ba.

raura logan ke,
- S K Singh
logan ke jajba
6 Thursday, 18 February 2010 20:14
chandra shekhar singh
bihar ke log me jawan jajbat ba u kahi ke logan me naekhe. bihar ke log aaj bahut gagah par kam kar rahal bade lekin kuch karan ke wagah se wo log aapna bihar me kam naekhhe kar sakat lakin aaj hamni ke sarkar sahayata kar rahal ba bhiya log wapas dhire-2 aa rahal ba. Bihar ago aisan rajya ba jahwa ke log duniya ke kona-2 me badan kahe ????
hunar aur jajbat ke wagah se.
aesane jajbat ham buxar ke ekra gaw me dekhat bani.

dhanybad
Great emmotional moment for me
7 Tuesday, 09 March 2010 16:13
Jitendra Gupta
Dear all,
First of all, i want to salute every person for your great effort and i am feeling very emotionally with this News.

i am also from Bihar (Gaya-Nawadah Distt), Warisaliganj & staying in Delhi and Doing MBA IT and working as a Support engineer in AIDC & RFID last 3 years so i know the painfull moment to leave the house.

I can say this type of example, we can see in our Bihar only and hope that this institute will be world lavel and people will come to study here all around world.

We know that bhagwan Budha, Mahavir got enlightment in Bihar and Nalanda was the center of education. we are looking same for this institute.

I CAN NOT EXPRESS MY FEELING WITH THESE WORD. its great pleasure that i can do some thing for you & our Bihar also.

ALL THE BEST
We are very proud of Villagersto oepn eng college.....
8 Monday, 04 October 2010 16:52
Ramesh Kumar singh
Respected Villagers/Scientist
Today I was study biography of Dr Vashisth Narayan Singh and saw bhojpuria.com sites and using this site i have read आधी रोटी खाएब, इंजीनियरिंग कालेज खुलवाएब.
I am very proud of read this blog. every villagers’ donate his land and some distrbutes money to open engineering college. If this type of think of each people of (Bihar). then we do not go other state like Karnataka, Tamil and Maharashtra for study.
I have visited the web site of this eng college. It is very nice building. Front view is very attractive. I think after 5 to 6 years this institute will be top 20 institutes in India.
I am requesting to chairman open also MCA and MBA College in this campus.
Today I am very happy to open new eng college………………..
I am basically belonging from vill Sunder dwath (Rohtas). Near about 25 km from Eng College.
I also request to Bihar government financial also help of this institution

Currently work in CMM 5 level company Pune
Sab logo ke pranam aur namskar........
Thanks and Regards
Ramesh Kumar Singh
Bahut khushi k baat ba.
9 Thursday, 28 October 2010 19:45
UMESH KUMAR SINGH DUMRAON,BUXAR
sabse pahle ariaon gaon aur aas pas k log k hamar namaskar. E jaan k bahut khusi bhail k aapan jila me engineering aur management collage kule jaat ba.
Bahut kushi k baat ba.
10 Thursday, 28 October 2010 20:14
UMESH KUMAR SINGH
Sabse pahle Ariaon gaon aur aas pas k log k hamar namskar. E jaan k bahut khushi bahil k aapan jila me engineering aur management collage khule jaat ba.
about vidya daan institute
11 Thursday, 04 August 2011 15:59
rajesh kumar singh
hum bhi ariaon ke niwasi bani jawna gaon me e kalege khulal ba . hamar chacha sri siv yash singh yeh sanstha khatir bahut sara jamin de dele. bhagwan karas ki sanstha tarakki kare
rajesh kumar singh
teacher
sonepat (haryana)
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