एह देश में कुछ लोगन के शायद 13 तारीख कवनो नया काम के शुरुआत खातिर शुभ ना लागत होई, लेकिन आज से ठीक पाँच साल पहिले 13 अक्टूबर 2005 के भोजपुरिया समाज के आपन वेबसाइट भोजपुरिया डॉट कॉम के शुरुआत भइल रहे, जवन कि बहुत ही कम समय में भोजपुरिया समाज के ऑनलाइल आवाज बन गइल। वेबसाइट के शुरुआत में हमनी के बहुत सारा परेशानी झेले के पडल, काहें कि हमनी का लगे संसाधनन के कमी रहे, आ ई शुरुआत एगो छोट शहर (जमशेदपुर) से भइल रहे, लेकिन अपना शुरुआत के 10 महीना के भीतर जब भोजपुरिया डॉट कॉम पूर्वी भारत के सबसे बडहन मीडिया ग्रुप “आनंद बाजार पत्रिका” के हरा के वेबसाइटन खातिर एह देश के सबसे प्रतिष्ठित “मंथन अवार्ड” जिते में कामयाब भइल, तब पूरा देश के मीडिया हमनी के तारीफ के पुल बाँध दिहलस।ओकरा बाद त अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, मस्कट(ओमान) में इंडियन सोशन क्लब, विश्व भोजपुरी सम्मेलन, जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य सम्मेलन, भारतीय भोजपुरी संघ आ ना जाने केतना गो अउर संस्था हमनी के सम्मानित/प्रोत्साहित कइली सन। एकरा अलावा हमनी का दुनिया के सबसे बडहन वेबसाइट अवार्ड समारोह यूएन वर्ल्ड समिट अवार्ड (UN World Summit Awards) में भारत के प्रतिनिधित्व कइनी जा, आ यूरोप के सबसे बडहन अवार्ड समारोह स्टॉकहोम चैलेंज के फाइनल तक भोजपुरी के लेके पहुँचनी जा, इहो कम बडहन उपल्ब्धि ना रहे। संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation) जइसन बढहन आ विश्वव्यापी मंच पर ई भोजपुरी के पहिला सशक्त उपस्थिति रहे। एकरा बाद भी अवार्ड आ सम्मान त कइ गो मिलल, लेकिन हमनी का हमेशा खुद के जमीन से जोडे के प्रयास कइनी जा, ओह भोजपुरिया लोगन के आगे ले आये के कोशिस कइनी जा, जिनका में क्षमता त बहुत रहे, लेकिन ओकरा के प्रदर्शित करे खातिर मंच ना रहे।
चूंकि हमनी का ओह भोजपुरिया माटी के प्रतिनिधित्व करत रहनी जा, जहँवा आके महात्मा गाँधी एह देश में अंग्रेजन के अन्याय के खिलाफ सत्य आ अहिंसा के पहिला आन्दोलन शुरु कइले रहलन, त हमनी का भी ओह संस्कारन के शुरु से ही गाँठ बाँध के चलनी जा। राज ठाकरे आ ओकर गुँडा लोग जब मुँबई में हमनी के समाज पर हमला कइल, त पहिला विरोध हमनी के वेबसाइट दर्ज करवलस। “राज का इलाज” नाम से हमनी का बकायदा एगो अभियान शुरु कइनी जा, जवना में सैकडन गो मुकदमा देश के कोना-कोना से राज ठाकरे के खिलाफ दर्ज भइल। एकरा अलावा हमनी का ना सिर्फ रोज राज ठाकरे आ बाल ठाकरे के गुलाब फूल भेज के आपन विरोध दर्ज करवनी जा, बल्कि जब कुछ भोजपुरिया कलाकार लोग उनकर सपोर्ट कइल, त उनका के भी ना बख्सल गइल। जब जमशेदपुर के एगो अदालत के वारंट के बावजुद मुंबई पुलिस राज ठाकरे के ना गिरफ्तार करत रहे, त हमनी का मुंबई जाये वाला कुल्ह रेलगाडियन पर बकायदा “राज ठाकरे वांटेड” के पोस्टर तक लगवनी जा। राज ठाकरे के खिलाफ एह लडाई में हमनी के आम जनता के समर्थन त मिलबे कइल, ओकरा संगे-संगे देश भर के मीडिया एह लडाई के “राष्ट्रवाद आ देशभक्ति” के लडाइ के नाम दिहलस। वइसे एकर परिणाम इहो भइल कि हमनी के ना सिर्फ ठाकरे परिवार के धमकी झेले के पडल, बल्कि एगो मराठी अखबार अपना पहिला पन्ना पर हमनी के खिलाफ लिखलस। लेकिन एतना सब के बावजुद, भोजपुरिया ना झुकेला, नाही कबो झुकी।
एक ओर जहाँ कुछ वेबसाइट आ मीडिया समूह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के झूठा गुणगान करत ना थकेली सन, ओहिजे हमनी का अपना मंच से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रचार त कइनी जा, लेकिन एगो मर्यादा में। वइसे, शायद ई बहुत कम लोगन के पता होई भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के समाचार इंटरनेट पर लिखे के शुरुआत भोजपुरिया डॉट कॉम ही कइले रहे। जब कबो भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री (या कलाकार) कवनो झूठ के सहारा अपना के प्रचारित करे खातिर लिहल, हमनी का ओकर पुरजोर विरोध कइनी जा। एगो बडहन कलाकार के मामला में त एह विरोध के माध्यम से हमनी का एह देश के मीडिया के पत्रकारिता के एगो नया परिभाषा सिखा देहनी जा, आ ई बात टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई गो बडहन अखबार खुद सकरले सन। एकरा अलावा चाहें ऊ सुर-संग्राम के सेट पर भरत शर्मा के अपमान होखे, या फिर महुआ द्वारा बिहार-उत्तर प्रदेश के बाँटे के कोशिश, हर मुद्दा पर भोजपुरिया डॉट कॉम सबसे पहिले विरोध दर्ज करवलस, आ ई सच के ही ताकत रहे कि आज ले हमनी का कवनो मामला में हार ना मननी जा, आ सामने वाला के अंतत: सच के सामने झुके के पडल। वइसे, अपना सच लिखे का आदत का वजह से हमनी के फिल्म इंडस्ट्री में कई लोगन के विरोध भी झेले के पडल, लेकिन ओकर परवाह हमनी का कबो ना कइनी।
भोजपुरिया प्रतिभा के मंच देवे के मकसद से, आ लोगन के आपस में मेल-जोल बढाये के मकसद से, पिछला साल हमनी का जय भोजपुरी डॉट कॉम शुरु कइनी जा, जवन कि अपने आप में एगो इतिहास बना चुकल बाटे। साल भर में 8200 से बेसी लोग एकर सदस्य बनल, जबकि लाखों लोग हर महीना एकरा के पढेला, आ “जय भोजपुरी” बोले में गर्व के अनुभव करेला। एकरा अलावा भोजपुरी खान-पान के बढावा देवे खातिर श्रीमती सरोज सिंह के सहयोग से रसोईया डॉट कॉम भी शुरु कइल गइल बा, जवन कि रोज सफलता के नया मापदंड गढ रहल बाटे।
अगिला महीना छठ पर्व बा, आ हर साल का तरह एह साल भी दुनिया के सबसे बडहन छठ-प्रसाद वितरण के कार्यक्रम में राउर सहयोग के अपेक्षा रही। ई शायद अपने आप में अकेला आयोजन हवे, जवना में जाति-धर्म आ ऊँच-नीच के सब दिवार टूट जाला। एह में कई गो मुसलमान भाई लोग भी छठ के प्रसाद मँगवइबे करेला, ओकरा संगे-संगे IIT अउर IIM के छात्र से लेके शिक्षक तक, आ XLRI से लेके उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य तक, हर केहु प्रसाद मँगवायेला। एह अभियान के बारे में एगो गैर-भोजपुरिया व्यक्ति के कहनाम रहे कि ई बिहार आ भोजपुरिया लोगन के छवि सुधारे के सबसे बढिया प्रयास हवे। रउआ लोगन के सहयोग आ छठी मइया के आशीर्वाद से हमनी का भोजपुरी के दुनिया के आखिरी आदमी तक पहुँचायेब जा, एही वादा के साथ...
आईं, भोजपुरी खातिर कुछ कइल जाव...



कोटि कोटि बधाई बा एह सफलता खातिर आ भगवान से प्रार्थना रही की एहि तरे दिन दुना रात चौगुना बढोत्तरी करते रहे भोजपुरिया डाट काम आ सांच पे कवनो आंच आवे से पहिले वो सांच के जनता के लगे भोजपुरिया समाज के लगे पहुंचावत रहे बस इहे शुभकामना बा आ आजु ले जेतना भी भईल बा वोह खातिर बधाई बा ।
चुकि शुभकामना के बात आ साल भर के लेखा जोखा रउवा देले बानी त हमहु वोह साल भर पे आपन कमेंट प्रवीण भाई वाला ब्लाग पे देले रहनी हा आ उहे एजुगा भी लिख देत बानी ।
भोजपुरी मिडिया मे भोजपुरी के दुनिया मे जवन मिडिया के रोल बा उ रोल खाली आ खाली चमचागिरी के रही गईल बा । जेकरा नीमन से बोले ना आवेला उ थुके के बात करेला ( नीमन से ना बोलेवाला के मुह से फचर फचर थुक निकलेला ) आ उ थुकवा धरती पे गिरेला दोसरा के देहि के नासेला ।
ओही मे चाहे भगजोगनी कही भा दिया कही भा पंचलाईट ( गैस, पेट्रोमैक्स ) कही भा लालटेन कही भा टार्च कही दु तीन चार बैटरी के , भोजपुरिया डाट काम सच्चाई के अलख जलवले बा आ नीमन नीमन जाना के नीमन से पाट पे पटक पटक के धोवले बा ।
अगर हम कही की आजु के समय मे भोजपुरिया मिडिया मे अगर सांच के कही जनम आ पालन पोषण भईल बा त उ हवे भोजपुरिया डाट काम ।
सुधीर जी बहुत बहुत बधाई एह जबरद्स्त प्रयास के बेहतरीन बनावे खातिर ।
महाराज तन मन धन के संगे संगे खुन लेबे देबे तक के साथ रही ।
मुह भभोरे ना मुह तुरे भी आवेला , लोग ई जनि बुझो की हाथ मे दही जामल बा ।
जम के लागल रही आ जम के उखाडत रही ओकनी के सोरि जवन भोजपुरी के पानी ,उर्वरक क्षमता आ खुन सोखत बाडन स ।
जय भोजपुरी जिया भोजपुरी
रामरक्षा मिश्र विमल