नयी दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय काल्ह भोजपुरी के बढ़ावा देवे खातिर बुनियादी फाउंडेशन (आधार) पाठ्यक्रम की शरूआत कइलस।एह पाठ्यक्रम की शुरूआत करते समय लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कहली कि " भोजपुरी खाली एगो भाषा ना हवे, बल्कि ई अपने आप में एगो जीवन शैली आ संस्कृति बन चुकल बाटे। संस्कृत आ लैटिन भाषा के व्याकरण आ शब्दभंडार समृद्ध बाटे, आ ओही तरह से भोजपुरी के भी बहुत समृद्ध व्याकरण, समृद्ध शब्द भंडार आ साहित्य बा।"
एह अवसर पर मीरा कुमार जी इहो कहली कि भोजपुरी अब खाली बिहार आ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकन के भाषा नइखे रह गइल। एकर प्रसार अब दुनिया के कई गो आउर हिस्सा में हो चुकल बा। एह अवसर पर ऊ भोजपुरी के मान्यता बहुत जल्दी मिले के उम्मेद भी जतवली, आ कहली कि सरकार एकरा खातिर लागल बिया।
इस मौका पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी एन राजशेखरन पिल्लई कहले कि विश्वविद्यालय अगिला तीन महीना के भीतर भोजपुरी भाषा, साहित्य आ संस्कृति के पठन पाठन खातिर अलग केंद्र के शुरूआत करी। एकरा अलावा भोजपुरी में सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के भी शुरूआत जल्दिये कइल जाई।
इग्नू में भोजपुरी के पाठयक्रम शुरु कराये के पीछे सबसे बड़ योगदान प्रो. शत्रुधन कुमार के बा, जिनिका अथक प्रयास से अभियो संविधान से मान्यता ना ले पावल एगो भाषा के ई सम्मान मिलल बा। दुनिया के सबसे बड विश्वविधालयन में से एक इग्नू में एह कोर्स के शुरुआत से भोजपुरिया समाज में खुशी के लहर दौड गइल बा।


