बक्सर। त्रिनिदाद एंड टोबेगो के प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर बुधवार के बक्सर जिला (बिहार) के भेलुपुर गांव पहुंचली, जवन कि उनकर पूर्वजन के गांव हवे। एहिजा उनकर पारम्परिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत कइल गइल। प्रधानमंत्री पटना से हेलीकॉप्टर पर दोपहर बाद भेलुपुर गांव पहुंचली। उनकर परदादा रामलखन 1889 में कोलकता से त्रिनिदाद गइल रहलन। एगो स्टीमर के टिकट के आधार पर ब्रिटिश शासन में विदेश जाये वाला यात्रियन के आवेदन के जांच के बाद भेलुपुर गांव के नांव मिलल रहे। एकरा बाद रामलखन के खतियान अउर पंजीकरण कार्यालय के कागजातन के आधार पर लोग एहिजा ले पहुंचल, तबे उनका पूर्वजन के गांव के जानकारी मिलल। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से उतरला के बाद पीएम सीधे रिश्तेदारन से मिले अपना पैतृक घर पहुंचली। एक ओर जहां उनकर रिश्तेदार लोग अपना बेटी से मिल के भावुक हो गइल, ओहिजे पीएम के आंखि से भी खुशी के आंसू निकल आइल। प्रधानमंत्री बेटी के अपना बीचे पाके खुश गांव वाला लोग उनका स्वागत में पारम्परिक गीत गावल। गांव के महिला लोग उनका के टीका अउर लाल रंग के साड़ी भेंट कइल, अउर कुछ लोग त गहना भी भेंट कइल।
ओकरा बाद लाखन लोगन के उपस्थिति में एगो सभा के संबोधित करत प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिस्सेसर कहली कि ऊ आज जवन कुछ भी बाडी, पूर्वजन के आशीर्वाद से बाडी। "एहिजा से जब हमनी के पूर्वज लोग त्रिनिदाद एंड टोबेगो गइल रहे, तब ओह लोगन का लगे रुपया पइसा ना, बल्कि गीता, रामायण अउर कुरान रहे। ओहिजा जाके ऊ लोग अपना मेहनत से जवना मुकाम पर पहुँचल बा, ओकरा पिछे अपना लोगन के आशीर्वाद के बहुत बड भूमिका बाटे।"
"आजी, नानी, दादी के प्यार पाये खातिर हम बिहार आइल बानी। आजी, नानी अपना लइकन से केतना प्यार करेली, ऊ आंकल ना जा सकेला। एहिजा के लोगन से हमार जवन रिश्ता बा, ओकरा के जताये खातिर हमरा लगे शब्द नइखे। हमरा इ कहे में तनिको गुरेज नइखे कि पूर्वजन के आर्शिवाद अउर एह माटी के ताकत ही हमरा के प्रधान मंत्री बना दिहल। हमरा पार्टी के सिबंल "उगत सूरज" हवे, जवन कि पूरब में बिहार से होके त्रिनिदाद जाला।"
शिक्षा पर बल देत पीएम कहली कि जे आपन इतिहास ना जानेला, ऊ आपन भविष्य भी ना जान सकेला। ओहिजा उपस्थित गांव वालन के संबोधित करत ऊ कहली कि अगर आगे बढे के बा, गरीबी से छूटकारा पाये के बा, त अपना अगिला पीढी के, अउर खास कइ के लइकियन के जरुर पढाईं। भेलुपुर यात्रा के भावुक अउर ऐतिहासिक क्षण बतावत पीएम कहली कि बिहार अउर भारत में मिलल एह सम्मान के ऊ कबो ना भूला पइहन।
पीएम के अभिभाषण के एगो खास बात इहो रहे कि आये के समय ऊ बोलली "भाईयों एवं बहनों को प्रणाम", अउर जाये के समय "जय हिन्द, जय बिहार, जय त्रिनिदाद, प्रणाम।" कार्यक्रम खत्म भइला के बादो त्रिनिदाद के पीएम ओहिजा आइल लोगन के नम आंखन से देखती रहली। कई बेर त अइसन लागल कि उनकर दिल त्रिनिदाद जाये खातिर तैयारे नइखे। लोगन को हाथ हिला के अभिवादन करत रहली, जबकि उनकर सलाहकार देवेन्द्र नाथ टाकू बार-बार समय के याद दिलावल रहलन।
पीएम के लवटे के समय जब घर के लोग बकायदा "खोंइछा" देके उनकर बिदाई कइल, तब कई लोगन के आंखि से लोर आ गइल। जाते समय ऊ अपना रिश्तेदारन से लवट के आये के वादा भी कइली।



